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अधिकारियों को बताए बिना कार्रवाई करने पहुंचे एसआई ने आरोपी पर किया फायर

Praveen tamrakar

Publish: Jul 18, 2019 04:16 AM | Updated: Jul 17, 2019 23:18 PM

Rajgarh

खिलचीपुर के मांडाखेड़ा जोड़ पर जो कार्रवाई बुधवार को देखने में आई उसमें कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मी खुद ही संदेह में नजर आ रहे हैं।

खिलचीपुर/राजगढ़. कोई भी बड़ी कार्रवाई पुलिस करती है तो वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन जरूर लेती है, लेकिन खिलचीपुर के मांडाखेड़ा जोड़ पर जो कार्रवाई बुधवार को देखने में आई उसमें कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मी खुद ही संदेह में नजर आ रहे हैं।
इस मामले को अधिकारियों से छुपाने के पीछे उनका उद्देश्य क्या रहा, यह जांच के बाद ही पता लगेगा। लेकिन इस तरह की कार्यप्रणाली से पूरी पुलिस कटघरे में नजर आने लगती है। मामला मांडाखेड़ा जोड़ का है। जो खिलचीपुर थानान्तर्गत आता है।

बुधवार की दोपहर जीरापुर में पदस्थ एसआई मंगलसिंह राठौर और खिलचीपुर का एक आरक्षक जिसकी रात में ड्युटी थी। यह दोनों लाल कार से मांडाखेड़ा जोड़ पहुंचे, वहां दो लोग बाइक से आ रहे थे। उन्हें रोका तो उनमें से एक आरोपी खेत में से भाग रहा था। उसे रोकने के लिए राठौर ने फायर तक कर दिए। हालांकि आरोपी भागने में सफल हो गया। यहां उसके दूसरे साथी को पुलिस ने गाड़ी में बैठाया और कहां ले गए यह पता नहीं लगा।

न खिलचीपुर पुलिस को पता न जीरापुर
इतनी बड़ी कार्रवाई के लिए एसआई राठौर और आरक्षक सोनू जाट अकेले पहुंच गए। हालांकि एक व्यक्ति को उन्होंने पकड़ा है। जिस समय वह उसे पकड़कर ला रहे थे, उसके हाथ में या कपड़ों में कुछ नजर नहीं आ रहा था। लेकिन घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। ऐसे में मीडियाकर्मियों तक जब यह बात पहुंची तो जीरापुर थाने के साथ ही खिलचीपुर पुलिस से बात की गई। इस कार्रवाई के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।

बड़ा सवाल
ेयह क्षेत्र स्मैक की तस्करी के लिए जाना जाता है। ऐसे में कई बार यहां बड़े खुलासे भी हुए है। लेकिन इस मामले में भी यदि स्मैक की कोई सूचना थी तो एसआई ने वरिष्ठ अधिकारियों से क्यों इस बात को छुपाया और यदि ज्यादा बल और प्लानिंग के साथ जाते तो शायद दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार होता। लेकिन एसआई और आरक्षक ने ऐसा कुछ नहीं किया और अकेले ही चले गए। जांच का विषय यह भी है कि निजी कार, सिविल ड्रेस, सरकारी बंदूक का उपयोग करने की क्या जरूरत पड़ी।
&सुबह मुझे पता लगा था कि ऐसी कोई घटना हुई है। लेकिन पूरी जानकारी नहीं है। इस संबंध में मुझे पहले नहीं बताया गया। मैं अभी शहर में हुए एक विवाद को देख रही हूं।
निशा रेड्डी, एसडीओपी, खिलचीपुर