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Raksha Bandhan 2019 : विशेष संयोग में भाइयों की कलाई पर में बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र

Amit Mishra

Publish: Aug 15, 2019 12:15 PM | Updated: Aug 15, 2019 12:15 PM

Rajgarh

पूरा दिन राखी बांधने के लिए शुभ रहेगा

राजगढ़. देश की आजादी के महापर्व के साथ आज भाई-बहनों के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षाबंधन raksha bandhan 2019 भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। शुभ मुर्हूत में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांध उनकी सफलता की कामना की। जबकि इसके बदले भाइयों से अपनी बहनों के सुरक्षा का संकल्प लिया। ज्योतिषियों के अनुसार इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है। इसलिए पूरा दिन राखी बांधने के लिए शुभ रहेगा।


राखी बांधने के लिए बहनों को लंबा मुहूर्त मिलेगा
वहीं इस बार रक्षाबंधन के इस पर्व पर कई विशेष संयोग भी आ रहे हैं। इनसे इस पर्व की महत्त्ता और भी अधिक बढ़ गई है। रक्षाबंधन पर लगभग 15 घंटे तक शुभ मुर्हूत रहेगा। जबकि दोपहर 1.43 से 4.20 तक राखी बांधने पर विशेष फल मिलने के बाद भी ज्योतिष विशेषज्ञों ने बताई है। इस बार राखी बांधने के लिए बहनों को लंबा मुहूर्त मिलेगा। आज सुबह पौने छह बजे से राखी बांधने के लिए शुभ मुर्हूत की शुरुआत हो गई है, जो शाम छह बजे तक चलता रहेगा।

तेज बारिश फिर भी बाजार में रही भीड़
रक्षाबंधन का यह त्योहार भाई बहनों के पवित्र स्नेह का प्रतीक है। ऐसे में रक्षाबंधन को लेकर जहां बहनों ने भाइयों की कलाई पर सजाने के लिए मनपंसद राखी खरीदी, वहीं इसके बदले उन्हें भाइयों से मिलने वाले उपहार की भी खरीदी की। बुधवार को शहर में दिनभर तेज बारिश के बावजूद बहनों के उत्साह में किसी प्रकार की कमी नहीं दिखी।

खासी भीड़ नजर आई
रक्षाबंधन पर्व पर सबसे जरूरी राखी, नारियल और मिठाई तो खरीदी ही गई। लेकिन साड़ी, ज्वेलरी, कपड़े आदि की दुकानों पर भी खासी भीड़ नजर आई। शाम को बारिश कुछ रुकी तो बाजार में पांव रखने तक की जगह नजर नहीं आ रही थी।


राखी बांधने के लिए शुभ मुर्हूत
बैधनाथ खोयरी महादेव के पुजारी पं. अरूण शर्मा के अनुसार इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा का साया नहीं है। ऐसे में लगभग पूरे दिन भाइयों की कलाई पर राखी बंधी जा सकती है। फिर भी विशेष समय में राखी बांधने पर इसका विशेष फल मिलेगा।

राखी का शुभ मुर्हूत
6.14 से 7.44 तक शुभ उत्तम
10.59 से12.37 तक चर सामान्य
12.11 से 1.03 तक विजय (अभिजित मुर्हूत)
12.36 से 2.14 तक लाभ उन्नति
2.14 से 3.52 अमृत सर्वोत्तम
5.29 से 5.57 तक शुभ उत्तम