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हर घर में बांधी जाएगी गाय, नहीं तो लगेगा पांच सौ रुपए का जुर्माना

Rajesh Kumar Vishwakarma

Publish: Jul 18, 2019 18:29 PM | Updated: Jul 18, 2019 18:29 PM

Rajgarh

-जिले का पहला गांव बना ब्यावरा का गिंदौरहाट जहां के ग्रामीणों ने जागरूकता दिखाकर लिया संकल्प

ब्यावरा। दर-दर भटकने पर मजबूर हो रही माता कहलाने वाली गाय cow को ग्रंथों और बातों में ही पूजने वाले जिम्मेदारों से हटकर जिले एक गांव ने अनुकरणीय निर्णय decision लिया है। दरअसल, गौ-संरक्षण के नाम पर शासन से बड़ा अनुदान लेने और जनता के समक्ष तथाकथित गौ भक्त बनने वाले जिम्मेदारों से हटकर गिंदौरहाट गांव के लोगों ने ऐसा निर्णय लिया है जिससे करीब एक हजार गायों को संरक्षण मिला है।

 

गांव के पटेल नारायणसिंह यादव, सरपंच रामचंदर यादव सहित गौ संरक्षण समिति के सदस्यों ने फरमान जारी किया है कि हर घर में गाय बांधी जाएगी। गांव के लोगों ने गाय बांधना शुरू भी कर दिया। साथ ही इसमें सख्ती भी दिखाई गई है कि जो गाय नहीं बांधेगा उन पर पांच सौ रुपए का जुर्माना fines लगेगा और सार्वजनिक कार्यों से उन्हें बहिष्कृत कर दिया जाएगा।


गांव के युवा नरेंद्र साहू ने बताया कि सभी लोग इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। इससे निश्चित ही गौ माता का संरक्षण होगा। बता दें कि पटेल, सरपंच सहित अन्य ने गाय बांध भी ली है और अन्य लोगों को भी प्रेरित किया जा रहा है।

जो गाय नहीं बांधेगा उसके घर नहीें जाएगें
गौ माता के संरक्षण के लिए गांव की कमेटी ने इस कदर सख्ती दिखाई है कि जो भी व्यक्ति पटेल, सरपंच और अन्य सदस्यों के इस निर्णय को मानने में आनाकानी करेगा उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों से बहिष्कृत कर दिया जाएगा। उनके घर न ब्राह्मण जाएगा न सेन, न ही अन्य कोई व्यक्ति। साथ ही उन्हें किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में भी बुलाया नहीं जाएगा। हालांकि समिति शासकीय सेवा में कार्यरत लोगों को राहत देते हुए उन पर महज पांच सौ रुपए का जुर्माना ही निर्धारित किया है, जिसे गौ संरक्षण के काम में उपयोग लिया जा सके।

 

पत्रिका खास-खास
-2000 से अधिक है गांव की जनसंख्या।
-७०० घर हैं गांव में है।
-700 से अधिक गायों को मिला ठिकाना।
-500 रुपए जुर्माना नहीं बांधने वालों पर।
(नोट : गिंदौरहाट के ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार)

पड़ोस के गांव से गाय भेजी तो पहुंची डायल 100
गांव के अधिकतर लोगों ने इधर-उधर भटकने वाली एक-एक गाय घर पर बांध ली है और सभी ने संकल्प भी लिया कि उनका संरक्षण किया जाएगा। यह व्यवस्था लागू होने के बाद गांव वालों ने एक समिति भी बनाई है जो आस-पास के गांवों से ग्रामीणों द्वारा छोड़ देने वाली गायों पर ध्यान रखेगा।

 

एक दिन पहले सिलपटी से लाई गई गायों को ग्रामीणों ने लौटा दिया। विवाद न हो इसलिए सुठालिया डायल-100 को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने 10-10 गाय दोनों गांवों के हिसाब से दे दी। इसके बाद तय किया गया कि अन्य कहीं से भी गांव की सीमा में मवेशियों की एंट्री नहीं होने दी जाएगी।

 

गौ संरक्षण के लिए उठाया कदम
मैंने खुद गाय बांधी है और सभी से अपील की है कि गौ माता के संरक्षण के लिए यह कदम उठाएं। इससे एक तो गायों की दुर्दशा पर अंकुश लगेगा और बारिश के दौरान अकसर छोड़ देने से खेतों की उपज भी गाय के साथ ही अन्य मवेशियों के कारण खराब नहीं होगी। जो गाय नहीं बांधेगा उन पर पांच सौ रुपए का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
नारायणसिंह यादव, पटेल, ग्राम गिंदौरहाट