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डिलीवरी के रुपए लेने वाली नर्स निलंबित, सफाईकर्मी को हटाया

Praveen tamrakar

Publish: Nov 14, 2019 04:16 AM | Updated: Nov 13, 2019 23:48 PM

Rajgarh

डिलीवरी के बदले रुपए मांगने वाली नर्स सरोजनी खेस को कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया

ब्यावरा. सिविल अस्पताल में आई प्रसूता से डिलीवरी के बदले रुपए मांगने वाली नर्स सरोजनी खेस को कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, वहीं मौजूद महिला सफाईकर्मी लाड़बाई को भी हटा दिया गया है। 07 नवंबर की रात में डिलीवरी के लिए आई विष्णुबाई (संतोषबाई) पति जितेंद्र यादव निवासी निवानिया से ड््यूटी नर्स ने तीन हजार रुपए की मांग की थी। पहले छह सौ दिए तो नहीं मानी, फिर एक हजार में भी नहीं मानी थी और जब 1200 दिए तब जाकर डिलीवरी के बाद पड़े रहे बच्चे को संभाला था।

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उक्त मामले को स्टिंग के माध्यम से पत्रिका ने उजागर किया था, इसे लेकर 12 नवंबर के अंक में डिलीवरी के 600 रुपए दिए तो नहीं मानी नर्स, बच्चे को हाथ तक नहीं लगाया, 1200 लेकर ही संभाला... शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी। इस पर जिला अस्पताल के वरिष्ठ अधिरारियों ने संज्ञान लिया। सीएमएचओ ने कलेक्टर के निर्देश पर ड््यूटी नर्स सरोजनी खेस को मप्र सिविल सेवा आचरण नियम-1966 के नियम 9 (2) (क) के तहत तत्काल निलंबित कर दिया और सफाईकर्मी को भी हटा दिया है। निलंबन अवधि के दौरानउनका मुख्यालय सुठालिया अस्पताल रहेगा।

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&जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट हुआ है कि नर्स ने रुपए लिए और वहां सफाईकर्मी भी मौजूद थी। इसी आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। नर्स को निलंबित कर दिया गया और महिला सफाईकर्मी को हटा दिया है। मेटरनिटी में फैली अव्यवस्थाओं पर अंकुश लगवाएंगे।
-डॉ. केके श्रीवास्तव, सीएमएचओ, राजगढ़

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गिरफ्तारी के पांच दिन बाद उजागर किए आरोपियों के नाम
ब्यावरा. दो माह तक बंधक बनाकर 16 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए गैंगरेप के मामले में अभी तक कालीपीठ पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। करीब पांच दिन बाद गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों सहित कुल पांच आरोपियों के नाम अब उजागर किए गए हैं। इससे पहले पुलिस जांच में जुटी थी और नाम उजागर नहीं करना चाह रही थी।

कालीपीठ पुलिस के अनुसार 06 सितंबर 2019 को 16 वर्षीय नाबालिग को रूपसिंह पिता मांगीलाल भील (24) निवासी छछारी (गुना) बहला-फुसलाकर ले गया था। तीन-चार दिन जंगल में ही उसके साथ वह दुष्कर्म करता रहा। इसके बाद कमल (25) भील को 1.20 लाख में बेच दिया। इस दौरान बच्ची के साथ रूपसिंह का जीजा रूपसिंह भील निवासी कालापीपल (गुना) सहित भगवानसिंह निवासी केरगढ़ (गुना) और हिम्मत भील निवासी छछारी ने भी बारी-बारी से रेप किया था। मामले में पुलिस ने रूपसिंह निवासी छछारी और कमल को गिरफ्तार किया है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ धारा-376, 376 (डी), 366 -ए, 372 (खरीद), पॉक्सो एक्ट की धारा-3/4 और 5/6 के तहत केस दर्ज लिया है। थाना प्रभारी अवधेश तोमर ने बताया कि मामले में दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं, बाकी आरोपियों की तलाश में टीम जुटी है।

डॉक्टर की फाइल कमिश्नर तक नहीं गई
08 नवंबर को जिला अस्पताल पहुंची उक्त पीडि़ता को शासन की लचर व्यवस्थाओं ने भी दुखी किया। वहां की महिला डॉक्टर्स ने उसका मेडिकल नहीं किया इससे 24 घंटे तक वह परेशान होती रही। महिला डॉक्टर ने तो सिविल सर्जन के निर्देश तक नहीं माने। अगले दिन उसे मेडिकल के लिए ब्यावरा भेजा गया। यहां उसका मेडिकल हुआ।