स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

200 साल पुराने बग्गी खाना में बना दी नई बाउंड्रीवॉल, खत्म हो रही धरोहर

Praveen tamrakar

Publish: Dec 08, 2019 04:11 AM | Updated: Dec 08, 2019 00:09 AM

Rajgarh

शहर का रियासतकालीन बग्गी खाना भवन अब अपने अंतिम दौर से गुजर रहा है।

नरसिंहगढ़. शहर का रियासतकालीन बग्गी खाना भवन अब अपने अंतिम दौर से गुजर रहा है। संरक्षण के अभाव में पहले ही जीर्ण-शीर्ण हो चुके इस परिसर में अब नए छात्रावास भवन और बाउन्ड्रीवॉल का निर्माण चल रहा है। इस निर्माण के दौरान पुराने भवन के आगे ही बाउन्ड्रीवॉल बनाकर अब उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त घोषित कर दिया गया है।
वहीं ग्राउंड के बीचोंबीच भवन निर्माण कर मैदान को भी पहले ही खत्म किया जा चुका है। यहां के मैदान पर जब भवन निर्माण किया जा रहा था उसी समय शहर के जागरूक लोगों ने इससे मैदान समाप्त होने की बात करते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी। लेकिन अधिकारियों ने लोगों की इस शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया। यही वजह है कि शहर की ऐतिहािसक धरोहरों में शमिल करीब 200 वर्ष पुराने बग्गी
खाना का अब केवल नाम शेष रह गया है। ज्ञात रहे कि उक्त भवन में कभी शासकीय कॉलेज भी संचालित किया जाता। बाद में यहां स्कूल भवन और कुछ विभागों के दफ्तर संचालित किए जाने लगे।
ऐतिहासिक धरोहरों का नहीं हो रहा संरक्षण
नरसिंहगढ़ रियासत की पुरातात्विक धरोहरें वर्तमान में उपेक्षा की शिकार हैं। ऐतिहासिक किला, अर्जुन महल, अर्जुन क्लब सहित प्राचीन मंदिर और भवन नष्ट होते जा रहे हैं। संरक्षण के बजाय इन जगहों पर शासकीय निर्माणों का दौर चल रहा है। जबकि इन धरोहरों का संरक्षण किया जाता तो पर्यटन के क्षेत्र में शहर को नयी पहचान दिलाई जा सकती थी। लेकिन मालवा के मिनी काश्मीर के नाम से प्रसिद्ध नरसिंहगढ़ की रियासती पहचान अब धीरे-धीरे खोती जा रही है।
शासकी

[MORE_ADVERTISE1]

य जगह नहीं होने से ग्राउंड पर मंडराता संकट
आसपास वन क्षेत्र से घिरे शहर में सरकारी जगह नहीं होने से पुराने ग्राउन्ड पर ही अब नए निर्माण किए जा रहे हैं। स्टेडियम ग्राउन्ड पर भी बेडमिंटन हॉल के बाद अब इनडोर स्टेडियम का निर्माण चल रहा है इससे ग्राउन्ड पर रनिंग ट्रैक खत्म हो चुका है। इधर मेला ग्राउन्ड पर सब्जी बाजार, बग्गी खाना में बिल्डिंग, कोतवाली में भवन बनाकर मैदान खत्म किए जा रहे हैं।
&विभागीय तौर पर छात्रावास भवन निर्माण के साथ ही बाउन्ड्रीवॉल का निर्माण प्रस्तावित होने की वजह से निर्धारित जगह पर बाउन्ड्रीवॉल बनाई गई है। पुराने बग्गी खाना भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त घोषित किया जा चुका है। इस वजह से वहां नए निर्माणों को मंजूरी दी गई है।
जीके शर्मा, उपयंत्री आरईएस

[MORE_ADVERTISE2]