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प्रशासनिक अनदेखी का शिकार हुआ शहर, नेता भी चुप

Rajesh Kumar Vishwakarma

Publish: Nov 17, 2019 12:17 PM | Updated: Nov 17, 2019 12:17 PM

Rajgarh

- जिसके लिए दो साल पहले जिन नेता-अफसरों ने सख्ती दिखाई, वह अधर में, बेपटरी हुआ शहर का विकास!
- सालों से धूल खा रही जनता, न ट्रैफिक सुधरा न अतिक्रमण हटा, ट्रांसफरों की फेर में उलझी व्यवस्था, तमाम प्रोजेक्ट्स अटके

ब्यावरा. नगर परिषद को बने पांच साल पूरे होने को हैं और नई विधानसभा को भी करीब एक साल से अधिक हो चुका है लेकिन शहर के वे तमाम मुद्दे अधर में हैं जो मायने रखते हैं। आज भी शहर की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। अपने चुनावी मैनिफेस्टो (घोषणा-पत्र) में बड़ी-बड़ी बातें करने वाले जिम्मेदार जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं से कोसों दूर हैं।

दरअसल, शहर के प्रमुख प्रोजेक्ट में शुमार डिवाइडर वाले रोड का काम बीते सालभर से बंद पड़ा है। करीब दो साल पहले जिन मौजूदा नेता-अफसरों ने सख्ती दिखाकर इसका काम करवाया था वह अब अधर में है। न शहर से धूल दूर हो पाई न बेतरतीब ट्रैफिक और न ही अतिक्रमण की समस्या दूर हुई।

खास बात यह है कि कांग्रेस और बीजेपी के बीच फंसी नगर परिषद कुछ करना ही नहीं चाहती। वहीं, जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी भी इसमें रुचि नहीं दिखा रहे। छुट-पुट नेतागिरी के आगे तमाम जिम्मेदार अधिकारी आगे नहीं आना चाहते। इसी कारण शहर का विकास बेपटरी हो चुका है, कुछ ही दिनों में चुनाव आने वाले हैं और जनता के पास फिर उन्हीं तमाम खोखले वादों और तभी से मौजूद मुद्दों के आधार पर वोट मांगने नेता जाएंगे।

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डिवाइडर वाला रोड- दो माह पुराने निर्देश, फिर भी अतिक्रमण नहीं टूटा
चुनिंदा न्यायिक प्रकरणों में करीब दो से ढाई माह पहले कलेक्टर निर्देश दे चुकी हैं कि इन्हें अतिक्रमण में पाया गया, रोड में बाधा बनने के कारण इन्हें हटाया जाए। लेकिन प्रशासन, नपा की टीम ने छोटे दुकानदारों को शिफ्ट कर उनका रोजगार छीन लिया और बचे हुए तमाम बड़े नामी अतिक्रमण की ओर देखा तक नहीं।

इसी कारण रोड का काम अधर में है। पीपल चौराहा से इंदौर नाका तक का हिस्सा पूरी तरह से शेष है। जगह-जगह आधी-अधूरी नालियां पड़ी हुई है। वहीं, कई जगह रोड भी कई हिस्सों में बचा है। इंदौर नाका की अजनार पुल का काम भी अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।


सीधी-बात, गोवर्धन दांगी, विधायक, ब्यावरा
सवाल-करीब सालभर से एक भी ऐसा काम नहीं हो पाया कि एक ईंट भी किसी ने उठाकर रखी हो, अधिकारी गंभीर ही नहीं हैं?
जवाब : मैंने उन्हें कई बार बोला है, कलेक्टर को भी बोला है, नहीं सुनते तो अब मंत्रीजी को बोलेंगे।

सवाल- न डिवाइडर वाला रोड बना न ही अस्पताल रोड, आखिर क्यों ऐसे हालात बन रहे हैं, जनता कहां जाए?
जवाब : ये लोग बोलते हैं करेंगे-करेंगे, आप बाकी लोगों से भी बात करो न, हम सभी साथ मिलकर जल्द ही बैठेंगे, कुछ हल निकालेंगे।

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सवाल- रोड, अतिक्रमण, ट्रैफिक सभी में प्रशासन पूरी फेल है, आखिर क्या चाहता है यहां का प्रशासन?
जवाब : मैंने कई बार इन लोगों को बोला है, लेकिन अब फिर से सख्ती से में पेश आऊंगा, जल्द बचे हुए काम शुरू करवाएंगे।

सवाल- जब कलेक्टर बोल चुकी है तो आखिर क्यों अतिक्रमण नही तोड़ा जा रहा, जिनके टूट गए उनके साथ क्या ये न्याय होगा?
जवाब : मैं बिल्कुल समझ सकता हूं ये बात, बैठकर इस गंभीर मुद्दे पर बात करेंगे, जल्द समाधान करेंगे।

हम तो तैयार हैं
हम तैयार हैं कार्रवाई के लिए, जैसे शासन स्तर पर निर्देश मिलेंगे उसी हिसाब से हम उसी हिसाब से कार्रवाई करेंगे। जहां तक रोड के की बात है तो यह पीडब्ल्यूडी का काम है।
- इकरार अहमद, सीएमओ, नपा, ब्यावरा

बस वही हटाएंगे
अभी कुछ व्यस्तताएं थीं, इसलिए काम को गति नहीं दे पा रहे थे। अब उसी बचे हुए काम को हम गति देंगे। जहां भी अतिक्रमण होगा उसे तोड़ा जाएगा, बाकी के काम भी जल्द होंगे।
- रमेश पांडे, एसडीएम, ब्यावरा

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