स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

व्यापारियों से रुपए एठ गायब हुए नाप-तौल अधिकारी, रसीद दी न चालान

Rajesh Kumar Vishwakarma

Publish: Oct 25, 2019 18:25 PM | Updated: Oct 25, 2019 18:25 PM

Rajgarh

तत्कालानी नाप-तौल अधिकारी की करतूत, अब बैतूल में पदस्थ लेकिन संबंधित व्यापारियों से बात तक नहीं कर रहे

 

ब्यावरा। दशहरे के एक दिन पहले राजगढ़ के नाप-तौल विभाग में लगी आग में मिलता-जुलता कारण सामने आ रहा है। यहां से करीब दो माह पहले ट्रांसफर होकर बैतूल पहुंचे जिला नाप-तौल अधिकारी एस. एस. मीना की करतूत सामने आई है।
ब्यावरा सहित अन्य जिलेभर में विभिन्न जगह से व्यापारियों से चालान के नाम पर रुपए एठकर वे चले गए। न उन्होंने चालान जमा किया न ही कोई रसद दी और अब उनसे बात करने को भी तैयार नहीं है।

ऐसे कई फर्जीवाड़े विभाग में है
सूत्रों के अनुसार ऐसे कई फर्जीवाड़े विभाग में है जिसे दबाने के मकसद से ही यह आग स्वत: लगवाई गई है। जिस पर मौजूदा जिला अधिकारी पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें कि कुछ माह पहले गर्मियों के दौरान एक्सपाइरी डेट और अन्य तौल-कांटों पर कार्रवाई के नाम पर विभाग ने कार्रवाई की थी, जिसमें कुछ लोगों के चालान बनाए गए थे।

राशि फिर से बकाया निकल रही
जिला नाप-तौल अधिकारी एस. एस. मीना ने चालान के नाम पर रुपए तो ले लिए लेकिन न विभाग के नाम जमा किए न ही संबंधित फर्म को रसीद दी। ऐसे में उनके नाम पर अब राशि फिर से बकाया निकल रही है। ब्यावरा के अंकल इंटरप्राइजेस से उक्त अधिकारी ने 15 हजार से अधिक की राशि ली लेकिन उसमें से कुछ भी जमा नहीं किया।

[MORE_ADVERTISE1]rajgarh_1.jpg[MORE_ADVERTISE2]

बात की तो वे कारण ही बता नहीं पाए

ट्रांसफर हो जाने के बाद जब उनसे बात की तो वे कारण ही बता नहीं पाए। अगली बार बात करने से इनकार कर दिया और नंबर ही ब्लैक लिस्टेट कर दिया। उनके ही जैसे अन्य व्यापारियों से भी एस. ेएस. मीना ने रुपए एठे हैं। उन सभी ने कलेक्टर से मामले की शिकायत लिखित में की है। इस वाकये से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नात-तौल विभाग के दफ्तर में लगी आग की वास्तविकता क्या है? विभागीय सूत्रों के अनुसार ऐसे अन्य कई फर्जीवाड़े को दबाने के लिए ही यह सुनियोजित आग बंद ताले में लगवाई गई है।


पेट्रोल पम्प, तौल-कांटे के नाम पर अवैध वसूली के आरोप!
नात-तौल विभाग की जिलेभर में मनमानी किसी से छिपी नहीं है। पहले खिलचीपुर, इससे पहले माचलपुर और बीच में ब्यावरा में इसे लेकर कई बार हंगामे की स्थितियां भी बनीं है। स्थानीय ठेकेदारों के साथ मिलीभगत कर जिला अधिकारी मनमाने रुपए एठते हैं और फिर व्यापारियों को नियमों मेें उलझाकर उनसे मनामानी राशि पैनाल्टी और चालान के नाम पर अवैध तौर पर ले लेते हैं।

 

सूत्रों की मानें तो जिलेभर के पेट्रोल पम्प और तमाम ऐसे प्रतिष्ठान जहां तौल-कांटों का काम होता है वहां विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों की सेटिंग होती, ठेकेदार से दबाव बनवाकर हर माह या शेड्यलू के हिसाब से ये लोग रुपए एठते हैं। व्यापारी मनमानी कार्रवाई के डर से शिकायत करने खुलकर आगे नहीं आप पाते।

[MORE_ADVERTISE3]

सीधी-बात (एस. के. जैन, नियंत्रक, नापतौल, मप्र शासन)
सवाल- राजगढ़ में नाप-तौल विभाग में आग लगी थी दशहरे पर आपकी जानकारी में है या नहीं?
जवाब : हां, मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है, डिटेल्स मुझे भी नहीं मालूम, वह जानकारी वहीं मिलेगी?
सवाल- आपके जिला अधिकारी को तो जानकारी देने में बहुत दिक्कत है, ऐसा कोई नियम है क्या कि जानकारी नहीं ले सकते?
सवाल- स्वतंत्र भारत के स्वतंत्र नागरिक हैं, हर व्यक्ति को पूछने का अधिकार है, हो सकता है कि बंदा गुस्से में हो, मैं बात करता हूं।
सवाल- यहां पहले पदस्थ एस. एस. मीना ने कुछ व्यापारियों से चालान के नाम पर रुपए लेकर जमा नहीं किए, अब उनका फिर बकाया निकल रहा और वे बात करने को तैयार नहीं?
जवाब : मैं डिप्टी कंट्रोलर को जांच सौंप रहा हूं। पूरा मामले की जांच करवा लेंगे। एस. एस. मीना ने क्यों जमा नहीं किया और आग का क्या कारण है, पूरी जानकारी हम ले लेंगे।


हां हमारे यहां भी टीएल में नहीं आते
हमारे यहां भी वे टील बैठक में कभी आते नहीं दिखे। मैं पूरी जानकारी जुटाता हूं, यदि राजगढ़ में शिकायत हुई तो उसी आधार पर हम नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। फिलहाल में संबंधित से जवाब-तलब करता हूं।
-तेजस्वी एस. नायक, कलेक्टर, बैतूल