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रोड निर्माण में बाधा बनने वाली इमारतों को अब करेंगे जमीदोज

Praveen tamrakar

Publish: Jul 20, 2019 04:21 AM | Updated: Jul 19, 2019 23:32 PM

Rajgarh

Rajgarh Newsलगभग छह माह से पेंडिंग शहर के प्रमुख डिवाइडर वाले रोड से जुड़े अतिक्रमण के मामले में प्रशासन ने अब कमर कस ली है।

ब्यावरा. लगभग छह माह से पेंडिंग शहर के प्रमुख डिवाइडर वाले रोड से जुड़े अतिक्रमण के मामले में प्रशासन ने अब कमर कस ली है। कलेक्टर ने ऐसे छह मामले में याचिका खारिज करते हुए उन्हें तोडऩे के निर्देश जारी कर दिए हैं। अब ऐसी वे लगभग तमाम इमारतें जमीदोज होंगी जो रोड निर्माण में बाधा बन रही हैं। कलेक्टर ने 16 जुलाई को उक्त आदेश जारी किया है। नपा ब्यावरा ने शुक्रवार को उक्त नोटिस जारी किए हैं। हो सकता है अगले दिन कार्रवाई शुरू हो जाए।

महज 24 घंटे में इसे तोडऩे के निर्देश जारी हुए हैं ऐसे में रविवार तक भी यह पहुंच सकती है, लेकिन देखना यह भी है कि कार्रवाई किस स्तर तक सख्त होगी। उल्लेखनीय है कि डिवाइडर वाले रोड से जुड़े प्रत्येक मुद्दे को पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है और प्रशासन का ध्यान अवगत करावाया है। इसके बाद ही प्रशासन ने यह निर्णय लिया है

इन केस में दिया कलेक्टर ने यह निर्णय
16 जुलाई को किए गए ऑर्डर में कलेक्टर ने उल्लेख किया है कि 04 दिसंबर 2017 को हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में प्रस्तुत रिट याचिका में भू-अभिलेख टीम द्वारा जांच करवाई गई। इसमें एबी रोड की चौड़ाई बंदोबस्ती नक्शा-1942 में निर्धारित 01 जरीब 10 कड़ी यानि 22.12 मीटर (72.36 फीट) निर्धारित है। तमाम जांच में यह पाया गया कि उक्त निर्माण शासकीय जमीन पर ही हैं, ऐसे में याचिका खारिज की गई और कलेक्टर ने याचिकाकर्ता गिरिराज पिता स्व. माधवदास गुप्ता, बृजमोहन पिता स्व. गोवर्धनलाल गुप्ता, सुनिता पति सनीराजदास मूंदड़ा, अक्षय पिता स्व. तुलसीराम अग्रवाल, अमित कुमार पिता अशोक गुप्ता और राधेश्याम पिता लक्ष्मीचंद्र चौरसिया को नोटिस जारी कर दिए हैं।

एक ही मापदंड था, बच गए थे कब्जे
गुना नाका से लेकर भोपाल बायपास पर पिछले साल रोड के लिए एक ही मापदंड से तोड़े गए अतिक्रमण के बीच कुछ ऐसे केस थे जो पहले हाईकोर्ट में में थे बाद में उन पर फैसला करने के लिए कलेक्टोरेट में भेज दिया गया था। तमाम तरह की जांच-पड़ताल के बाद कलेक्टर ने दो दिन पहले ही उक्त छह निर्माण को तोडऩे का निर्णय लिया है। हालांकि अभी भी कुछ मामले पेंडिंग है, जिनमें कुछ न्यायिक स्तर पर सुनवाई होना शेष है। सीएमओ ने मामले में अनाउंसमेंट भी करवाया है।