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Heavy rain : बारिश ने बरपाया कहर , पुलिया पार करा रहा युवक बहा, कुंडालिया के 11 और मोहनपुरा डैम के 12 गेट खोले , देखें वीडियो

Amit Mishra

Publish: Aug 17, 2019 12:52 PM | Updated: Aug 17, 2019 12:52 PM

Rajgarh

जिले में तीन दिन में 228 मिमी बारिश

राजगढ़। जिले सहित प्रदेश में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश heavy rain से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जगह-जगह नदी river -नाले उफान पर होने से कई जगह पुल पुलिया bridge पर पानी होने के कारण शिक्षा विभाग ने 16 अगस्त को स्कूलों का अवकाश school holiday घोषित कर दिया था। वहीं कई जगह मकान और दीवारें ढहने की भी सूचना है। हालांकि इन घटनाओं में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। लेकिन सारंगपुर के दराना गांव में पुलिया पर पानी होने के बावजूद उसे पार करने का प्रयास कर रहे बने सिंह पिता रामचंद्र वर्मा पानी में बह गया।

रेस्क्यू कर उसे बाहर निकाला
युवक का शव पठारी गांव के पास मिला। लीमाचौहान पुलिस ने उसका पीएम कराया। जबकि मोहनपुरा डैम के पास एक युवक नेवज नदी में बह गया था। जानकारी लगते ही होमगार्ड सैनिकों ने रेस्क्यू कर उसे बाहर निकाला। लगातार हो रही बारिश के बाद जिलेभर की नदियां उफान पर थीं। इनमें कालीसिंध, पार्वती, नेवज, अजनार सहित जिले की तमाम नदियां और नाले शामिल हैं। बढ़ रहे पानी को देखते हुए मोहनपुरा डैम के 17 में से 12 गेट, कुंडालिया के सभी 11 और चैनसिंह बांध के 8 में से छह गेट खोले गए। कुशलपुरा के भी छह गेट खोले।

नदी में बहे युवक का नहीं लगा पता
मंगलवार से जारी बारिश के चलते क्षेत्र में नदी-नाले ऊफान पर हैं। शहर की पहाडिय़ों पर भी झरने भी तेज गति से बह रहे हैं। वहीं प्राचीन कुंड भी पानी से लबालब भर गए हैं। सभी प्रमुख तालाब सहित अन्य जलस्रोतों में भी जलस्तर खासा बढ़ गया है। तेज बारिश के चलते गुरुवार शाम बैरासिया स्थित सूखड़ नदी का पानी पुल के ऊपर बह रहा था। इसी बीच तीन युवक एक दूसरे का हाथ थाम पुल पार करते नजर आए।


व्यक्ति का कोई पता नहीं चल सका

इन युवकों को पुल पार करता देख मंडावर निवासी रामसिंह पिता धूल वर्मा 40 वर्ष ने भी पुल पार करने का प्रयास किया। लेकिन पानी के तेज बहाव में वह नदी में बह गया। जानकारी मिलते ही प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू किया। लेकिन देर रात तक नदी में बहे व्यक्ति का कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह भी पुलिस टीम ने उसे ढूंढने अभियान चलाया।


तालाब का पानी घुसने से खजूरी बना टापूकरेड़ी
लगातार हो रही बारिश के बाद यह पानी जलालिया और खजूरी गांव के लिए मुसीबत बन गया। जहां दो साल पहले तैयार किए गए जलालिया तालाब का पानी गांव में घुस गया और कई घर पानी की चपेट में आ गए। इसके बाद ग्रामीण भोजन तक नहीं बना पाए और रातभर परेशान होते रहे। जनपद सदस्य रामचंद्र वर्मा ने बताया कि कई बार हम इस तालाब को लेकर शिकायत दर्ज करा चुके हैं। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

 

डैम पर उमड़ी भीड़ को समझाने
राजगढ़ जिले सहित आसपास भारी बारिश के बाद मोहनपुरा डैम में एक दर्जन गेट गुरुवार से खुले हुए है। इससे जहां भारी मात्रा में पानी की निकासी की जा रही है, वहीं इसको देखने के लिए पर्यटक डैम पर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को तो डैम पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे वहां व्यवस्था संभालने के लिए पुलिसबल को तैनात करना पड़ा। लेकिन शाम तक डैम पर लोगों की आवजाही बढ़ती जा रही थी जो पुलिस की मनाही के बावजूद डैम के प्रतिबंधित क्षेत्र ओर असुरक्षित स्थानों पर जाने लगे थे।

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सुरक्षित स्थान से डैम को निहारने की सलाह दी
इस जानकारी के बाद एसपी प्रदीप शर्मा एसडीओपी ओर अन्य पुलिस कर्मियों के साथ शाम करीब चार बजे डैम पर पहुंच गए। जहां उन्होंने डैम पर गेट के सामने जा रहे लोगो को वहां से हटाया और उन्हें सुरक्षित स्थान से डैम को निहारने की सलाह दी। इस दौरान उन्होंने वहां शराब पी रहे कुछ लोगों को भगाया। वहीं डैम पर गेट के सामने वाले क्षेत्र में खड़ी कुछ बाइक को देखकर उन्होंने बाइकों के नंबर नोट करते हुए उनके घरों में चालन भिजवाने के निर्देश दिए।


यहां हुए हादसे -
-शहर के सराय स्कूल की बाउंड्रीवाल दुकानों पर गिरी।

-मीट बाजार की दीवार धंसने से पूरा टीनशेड गिर गया। हालांकि यह घटना रात में होने से कोई इसकी चपेट में नहीं आया।


-दूधी गांव में मोहनपुरा डैम का पानी घुस जाने से कोशल्याबाई, लाड़बाई, देवेन्द्र छाड़ी, सीताराम सहित अन्य लोगों के घरों में घुस गया।


-खजूरीगोकुल और करेड़ी स्कूल परिसर में पानी भर जाने से बढ़ी परेशानी।


-राजपुरा पंचायत के नानागांव में रात के समय मकान गिर जाने से घर में सौ रहे दो लोगों को गंभीर चोटें आईं।

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गिरने की कगार पर पहुंचे जर्जर मकान
खुजनेर. लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते नगर के कई जर्जर क'चे मकान गिरने की कगार पर हैं। नगर के वार्ड 1,2, 4, 7, 9 में कई मकान 50 साल की उम्र पार कर चुके हैं और धराशायी होने को हैं। कई मकानों का कुछ हिस्सा भी गिर रहा है। लेकिन नपा द्वारा इनकी शासन के निर्देशों के बावजूद कोई सुध नहीं ली।

 

यह रास्ते हुए बंद
-कालीपीठ राजगढ़ मार्ग,
-राजगढ़ पिपलोदी मार्ग।
- संडावता सांरगपुर मार्ग,
- करेड़ी से खिलचीपुर मार्ग बंद।
-पचोर बोड़ा मार्ग बंद,
-खुजनेर पचोर मार्ग,
-नरसिंहगढ़ पचोर मार्ग।

 

नदी-नाले उफान पर आ गए
ब्यावरा. सावन के आखिर में लगी दो दिन की छड़ी से नदी-नाले उफान पर आ गए। गुरुवार को दिनभर अजनार नदी उफान पर रही, इससे शहर को जोडऩे वाले तीन प्रमुख मार्ग बंद रहे। राजगढ़ रोड, सिविल अस्पताल रोड, इंदौर नाका, अंहिसा द्वार वाला मार्ग गुरुवार को दिनभर बंद रहे।


रात में बारिश कम होने के बाद शुक्रवार को ट्रैफिक यथावत हुआ। दो साल में पहली बार इतनी ज्यादा बारिश से इंदौर नाका क्षेत्र भी पूरा जलमग्न हो गया। इससे कई निचली बस्तियों और घरों के साथ दुकानों में पानी घुस गया। वहीं, कई नए रास्ते खराब हो गए।

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नपा के खिलाफ आक्रोश, रोड पर उतरे दुकानदार
सुठालिया बायपास की दुकानों में पानी घुस जाने और सामान खराब हो जाने का विरोध दुकानदारों ने जताया। नपा द्वारा घटिया तरीके से बनाई गई नालियों के कारण बारिश का पानी दुकानों में घुस जाने से दुकानदार सड़क पर उतर आए। 15 अगस्त को ही वे बारिश के दौरान ही चक्काजाम करने लगे। उन्हें समझाइश देने के बाद वे माने। दुकानदारों का आरोप है कि नपा ने रोड तो बनवा दिया, लेकिन नालियां ढंग से नहीं बनाने से हमारा नुकसान हो रहा है और कोई कहीं सुनने वाला भी नहीं है।


घरों में बारिश का पानी घुसा
सारंगपुर. 48 घंटे से अधिक समय तक हुई बारिश से कालीसिंध उफान पर आ गई। आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई मार्ग बंद हो गए, निचली बस्तियों में पानी जमा हो गया। सुदर्शन नगर, नेहरू पार्क कॉलोनी, अंबिकापुरी कॉलोनी, गवलीवाड़ा, दशहरा मैदान, बजरंग कॉलोनी, भेरू दरवाजा रोड सहित अन्य निचली बस्ती में लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस जाने से रोजमर्रा का सामान भीग गया।


वार्ड-18 में जयनगर कॉलोनी में अधिक पानी भर जाने से वहां के रहवासियों को प्रशासन ने गोपालपुरा स्कूल में शिप्ट किया गया। नदी में पानी बढ़ जाने से जयनगर साइड वाले पुल को जोडऩे वाले हाइवे में कटाव जारी है, इससे जयनगर चौराहे के दुकानदार और ग्रामीणों को खतरा बना हुआ है।

 

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ब्यावरा मांडू गांव में भराया पानी
वहीं, दूसरी ओर काई नदी के उफान पर आने से सारंगपुर-संडावता मार्ग लगातार पांचवीं बार बंद हुआ। इससे आने-जाने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, काई नदी और कालीसिंध के किनारे बसे ग्राम ब्यावरा मांडू में दोनों नदी के संगम के चलते लोगों के घरों मे पानी घुस गया। सहकारी संस्था गोडाउन में भी पानी घुस जाने से वहां रखी खाद की बोरियों का खाद गलने लगा।

 

ये मार्ग बंद रहे

-ढकोरा वाले रोड पर नाला उफान पर आने से मार्ग बंद रहा।
-अस्पताल रोड बंद रहा।
-इंदौर नाका, मुल्तानपुरा, अंहिसा द्वार वाला मार्ग बंद रहा।
-पंजाबी नर्सिंग होम, राजगढ़ रोड बंद रहा।