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पहली बार स्टेशन पहुंचा इंजन,अचानक लगी आग, देंखे वीडियो

Rajesh Kumar Vishwakarma

Publish: Sep 18, 2019 18:46 PM | Updated: Sep 18, 2019 18:46 PM

Rajgarh

-मक्सी-विजयपुर इलेक्ट्रिफिकेशन पर पहला प्रयोग
-इससे पहले स्टेशन मास्टर ने सुबह अतिथियों की तरह स्वागत, विजयपुर की पॉवर सप्लाई से ही ८० की रफ्तार से दौड़ा पॉवर

ब्यावरा। बुधवार (18 सितंबर 2019) को पहली बार ब्यावरा पहुंचे रेल्वे के इलेक्ट्रिक इंजीन में आग लग गई। इससे विजयपुर से ही पूरे ट्रेक की बिजली सप्लाई बंद करवाना पड़ी। हालांकि देर रात तक पॉवर को दोबारा स्टॉर्ट नहीं किया जा सका, उसके मैंटेनेंस के लिए रेल्वे को इतंजार करना पड़ा। इससे पहले दोपहर करीब एक बजे बकायता अतिथि की तर्ज पर पहली बार आए इंजीन की पूजा-आरती की गई, लोको पायलेट का सम्मान किया गया।


लाइन ट्रिप कर के कारण स्थिति बनी
दरअसल, तेज हवा में पॉवर के तार में एक शर्ट फंस जाने से ट्रिप कर गई इससे धमाके के साथ इंजीन के ऊपर आग लग गई और पॉवर बंद हो गया। इससे पहले 58 कोच में से 29 को रेक में पॉवर द्वारा शिफ्ट किया जा चुका था लेकिन आग लगने के बाद पॉवर नहीं चल पाया इसलिए मैन लाइन पर ही ट्रेन खड़ी रही। रेल्वे के अधिकारियों का कहना है कि बारिश में आम तौर पर लाइन ट्रिप कर जाने के कारण ऐसी स्थिति बनती है।

यादगार बना दिन, पहली बार आया बिजली वाला इंजन
उक्त घटना से पहले स्टेशन मास्टर और तमाम रेल्वे कर्मियों ने बड़ी शिद्दत से इलेक्ट्रिक पॉवर की अगवानी की। बुधवार (18 सितंबर 2019) के दिन दिन ब्यावरा के लिए यादगार बना दिया।


यहां के लोगों को लंबे समय से उक्त इलेक्ट्रिक ट्रेन का इंतजार था। करीब डेढ़ साल से चल रहे इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य के तहत विजयपुर से पचोर तक का इलेक्ट्रिफिकेशन पूरा हो चुका है। उक्त ट्रेक पर विजयपुर से बिजली की सप्लाई भी शुरू हो गई। बुधवार को चंबल क्षेत्र से आई खाद की वीएच रेक को लेकर मालगाड़ी आई। रुठियाई से बकायदा इलेक्ट्रिक पॉवर (इंजीन) से उसे रवाना किया गया।

ब्यावरा पहुंचा इलेक्ट्रिक इंजीन, पहले ही दिन आग लगी, बंद हुआ पॉवर

पूरा करने का लक्ष्य रखा गया
उल्लेखनीय है कि जून-2017 से शुरू हुए 141 करोड़ के इलेक्ट्रिफिकेशन प्रोजेक्ट का काम अभी भी जोरों पर है। पचोर से मक्सी के बीच मास इरेक्शन (पोल लगाना) सहित तार लगाने का काम किया जा रहा है। इसी साल के आखिर तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

 

फैक्ट-फाइल
188 किमी है पूरा ट्रेक।
141.5 करोड़ की लागत से होना है इलेक्ट्रिफिकेशन।
70 फीसदी काम पूरा।
80 किमी प्रति घंटे से पहले दिन दौड़ी ट्रेन।
120 किमी प्रति घंटे से आम दिनों में दौड़ेगी।
जनवरी-2020 तक पूरा होना है काम।
(नोट : रेल्वे से प्राप्त जानकारी के अनुसार)

 

पहले दिन 80, आम दिनों में दौड़ेगी 120 किमी प्रति घंटा
लोड अधिक होने और पहला दिन होने से करीब 58 कोच वाली मालगाड़ी को लेकर गाड़ी 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ही चल पाई। आम दिनों में उक्त ट्रेक और लाइन पर करीब 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ेगी।


चालू नहीं हो पाया है
फिलहाल ब्यावरा में 25 केव्हीएच बिजली का सब-स्टेशन बन रहा है लेकिन वह चालू नहीं हो पाया है उसे स्थानीय बिजली नहीं दी गई है। ऐसे में फिलहाल विजयपुर से ही उक्त ट्रेक पर बिजली सप्लाई की जा रही है। इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि उसकी रफ्तार धीमी थी और पूरा लोड वह नहीं ले पाई। इस दौरान स्टेशन मास्टर पी. एस. मीना, जीआरपी के राधेश्याम दांगी, लक्ष्मीनारायण यादव, पवन कुशवाह, खान-पान स्टॉल के बंटी सहित अन्य मौजूद रहे।


शर्ट फंस जाने से ट्रिप कर गई थी लाइन
पहली बार इलेक्ट्रिक पॉवर ब्यावरा आया था, उसकी अगवानी की गई थी। फिलहाल माल गाडिय़ों को ही इलेक्ट्रिक पॉवर के साथ चलाने की योजना है। शाम को तेज हवा से इंजीन के ऊपर वाले तार में शर्ट फंस गई, इसलिए लाइट ट्रिप कर गई थी और आग लग गई।
-पी. एस. मीना, स्टेशन प्रबंधक, ब्यावरा