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खेतों में नुकसान न हो, भटकती गाय को भी मिले सहारा, इसलिए की वरिष्ठों ने पहल

Praveen tamrakar

Publish: Jul 21, 2019 04:24 AM | Updated: Jul 20, 2019 23:49 PM

Rajgarh

will be curb on the plightजिले के गिंदौरहाट गांव के अनुकरणीय निर्णय को जिलेभर में सराहना मिल रही है।

ब्यावरा. जिले के गिंदौरहाट गांव के अनुकरणीय निर्णय को जिलेभर में सराहना मिल रही है। इससे अन्य लोग भी अब प्रेरणा लेने लगे हैं। वहीं, गो-संरक्षण के नाम पर शासन से बड़ा अनुदान लेने और जनता के समक्ष तथाकथित गो भक्त फोटो सेशन तक ही सीमित हैं।
गांव पटेल, सरपंच सहित कुछ वरिष्ठ लोगों की पहल के बाद समिति के आह्वान पर अधिकतर लोगों ने गाय अपने घर पर बांध ली, समिति के निर्णय पर अधिकतर लोगों ने सहमति भी जताई है।

लोगों का कहना है कि इसके पीछे हमारा मकसद यह है कि लोग जागरूक हों, अपनी जवाबदारी समझें। साथ ही यह भी है कि उक्त गायें हमारे और पड़ोसी गांवों के खेतों में जाकर नुकसान न करें। भटकती हुई गौ माता को एक सहारा भी मिल जाए। गांव के युवा नरेंद्र साहू ने बताया कि सभी लोग इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

इधर,अन्य ग्रामीण भी हुए तैयार
गिंदौरहाट के ग्रामीणों की अनुकरणीय पहल के बाद आस-पास के ग्रामीणों ने भी गो संरक्षण का बीड़ा उठाया है। गिंदौरहाट का मामला पत्रिका में सबसे पहले प्रकाशित होने के बाद नापानेरा, तालाबपुरा, बरखेड़ी, नारायणपुरा, नेवज, नेवली सहित अन्य गांवों के किसानों ने भी संयुक्त समिति बनाई और इधर-उधर घूम रही करीब गायों को एकत्रित कर उन्हें किसानों ने गोद लिया। प्रत्येक गांव की गाय पर अलग-अलग रंग से डाले गए नंबर से उसकी पहचान होगी। किसान खुद के घर पर गाय का संरक्षण करेगा, मना करने पर उससे जुर्माना वसूला जाएगा। समिति ने एक और निर्णय लिया है कि जो गांव के लोग इधर-उधर से लाकर गाय चोरी छिपे छोड़ जाते हैं, उनकी पहचान कर थाने में शिकायत की जाएगी।

पड़ोस के गांव से गाय भेजीं तो बुलाई डायल-100
गांव के अधिकतर लोगों ने इधर-उधर भटकने वाली एक-एक गाय घर पर बांध ली है और सभी ने संकल्प भी लिया कि उनका संरक्षण किया जाएगा। यह व्यवस्था लागू होने के बाद गांव वालों ने एक समिति भी बनाई है जो आस-पास के गांवों से ग्रामीणों द्वारा छोड़ देने वाली गायों का ध्यान रखेगा। एक दिन पहले सिलपटी से लाई गई गायों को ग्रामीणों ने लौटा दिया। विवाद न हो इसलिए सुठालिया डायल-100 को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने 10-10 गाय दोनों गांवों के हिसाब से दे दी।

&मैंने खुद गाय बांधी है और सभी से अपील की है कि गो माता के संरक्षण के लिए यह कदम उठाएं। इससे एक तो गायों की दुर्दशा पर अंकुश लगेगा और अकसर छोड़ देने से खेतों की उपज भी गाय के साथ ही अन्य मवेशियों से खराब नहीं होगी। जो गाय नहीं बांधेगा उन पर पांच सौ रुपए का जुर्माना लगेगा।
-नारायणसिंह यादव, पटेल, गिंदौरहाट