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अस्पताल में मरीजों को महिला डॉक्टर को दिखाना है तो फोन लगाकर बुलाना पड़ता है

Prakash Vijayvargiye

Publish: Dec 12, 2019 13:45 PM | Updated: Dec 12, 2019 13:45 PM

Rajgarh

अस्पताल में पदस्थ चार महिला चिकित्सकों में से डा. अकांक्षा सिंह और डा. मनीषा मित्तल लंबे समय से अवकाश पर है

राजगढ़। सुरक्षित प्रसव और स्वस्थ्य जच्चा बच्चा की सोच से यदि आप किसी गर्भवति महिला को जिला चिकित्सायल ले जा रहे है तो सावधान हो जाइए। यहां इनका इलाज किसी प्रशिक्षित महिला चिकित्सक के द्वारा नहीं बल्कि मेटरनिटी वार्ड में पदस्थ नर्से के द्वारा किया जाएगा।

रात तक वार्ड में नहीं पहुंची
दअरसल जिला अस्पताल में पदस्थ चार महिला चिकित्सकों में से डा. अकांक्षा सिंह और डा. मनीषा मित्तल लंबे समय से अवकाश पर है, जबकि शेष बची दो चिकित्सक पूजा तिवारी और अंजली शर्मा ड्यूटी होने के बावजूद कभी कभार या कॉल होने पर ही अस्पताल पहुंचती है। पिछले चार पांच दिन से तो यह स्थिति है कि दोनो डाक्टरों की ड्यूटी रात में होने से इनमेंं से कोई भी सुबह से लेकर रात तक वार्ड में नहीं पहुंची है।

सिर्फ कॉल पर अस्पताल पहुंचती है
दरअसल मोर्निग शिफ्ट में पिछले चार दिन से किसी महिला चिकित्सक को तैनात हीं नहीं किया गया। जबकि दोपहर में वे सिर्फ कॉल पर अस्पताल पहुंचती है। जबकि इसी समय सर्वाधिक गर्भवतियां उपचार के लिए पहुचंती है7 ऐसे में इन महिलाओं को परीक्षण भी नर्से द्वारा किया जा रहा है, जबकि भर्ती महिलाओं को डिसचार्ज के पहले होने वाला अंतिम परीक्षण भी ड्यूटी नर्से या अन्य वार्ड पदस्य किसी मेल ड्यूटी डाक्टर से करवाया जा रहा है।


बंद पडे सीजर 10 दिन में 27 रेफर
जिला अस्पताल में आसपास राजगढ़ सहित आसपास के सैकड़ो गांवो की प्रसुताएं तो पहुंचती ही है, लेकिन जिले के अन्य सिविल अस्पतालों से भी महिलाओं की यहीं रेफर किया जाता है। लेकिन महिला चिकित्सको की कमीक के कारण इन दिनों जिलाअस्पताल खुद रेफर सेंटर बना हुआ है। हालत यह है कि दिसंबर माह के शुरूआती दस दिनों में 27 गर्भवतियों को सीजर के लिए भोपाल रेफर किया जा चुका है। लेकिन जिला अस्पताल प्रबंधन महिला चिकित्सकों को अब भी ड्यूटी पर नहीं बुला पाया है। ऐसे में अब सेवानिवृत्त हो चुके एक डाक्टर को प्रायवेट तौर सीजर के लिए बुलाने की व्यवस्था की गई है।


छह माह से बिना डाक्टर चल रहा रोशनी क्लिनिक
इधर महिला चिकित्सको की कमी के कारण रोशनी क्लिनिक में पिछले करीब छह माह से कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। हर बुधवार लगने वाले रोशनी क्लिनिक में महिलाओं को महिला संबंधी रोग और अन्य जटिल बीमारियों के लिए परीक्षण ओर उपचार किया जाता है।

क्लिनिक की शुरूआत में पदस्थ महिला चिकित्सक का स्थानांतरण हुए करीब छह माह का समय हो चुका है। उनके जाने के बाद अन्य किसी को इसकी जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई। ऐसे में शासकीय आदेश की पूर्ति के लिए हर बुधवार गांव से गांव से बीमार महिलाएं उपचार के लिए अस्पताल पहुंचती तो है लेकिन कोई चिकित्सक नहीं होने के कारण नर्स को अपनी पंजीयन कराकर लौट जाती है।


चार में से दो लेडी डाक्टर स्वीकृत अवकाश पर है, दो की ड्यूटी रात में रहती है इसलिए डे शिफ्ट में वे कॉल पर पहुंचती हे। फिलहाल दिन में डाक्टर की आवश्यकता पडऩे पर मेल डाक्टर काम कर रहे है। ओर लेडी डाक्टर की मांग की है उसके बाद व्यवस्था सुधर जाएगी।
डा आर एस परिहार प्रभारी सिविल सर्जन राजगढ़

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