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पांच साल में साल में तीन टेंडर लगे, फिर भी नहीं बन पाया डेढ़ किमी रोड

Rajesh Kumar Vishwakarma

Publish: Dec 12, 2019 12:14 PM | Updated: Dec 12, 2019 12:14 PM

Rajgarh

- मामला अस्पताल रोड का नपा की लापरवाही की हद रोड पर ना लाइट न लगवाई पुलिया पर रैलिंग...

 

ब्यावरा. कदम-कदम पर छली जाने वाली शहर की जनता का अब प्रशासनिक तंत्र और नेताओं से मानों भरोसा ही उठ गया है। शहर के एक मात्र और व्यस्ततम सिविल अस्पताल रोड के गड्ढे और धूल लोगों के लिए परेशानियों का कारण बने हुए हैं। इसके लिए प्रस्तावित तीन करोड़ का रोड अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।

दरअसल, अस्पताल रोड को लेकर हो रही नपा की नौटंकी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते पांच साल में तीन बार टैंडर हो जाने के बावजूद महज डेढ़ किलोमीटर का रोड बन नहीं पाया है। बारिश से पहले मनमाने ढंग से किए जा रहे काम को लेकर नगरीय प्रशासन द्वारा गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उसके बाद पूरी बारिश में काम थम गया।

नपा ने ध्यान नहीं दिया। अब एक पट्टी का कुछ मीटर का काम करने के बाद फिर से रोड के काम की रफ्तार धीमी हो गई है, जिससे खासी परेशानियों का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। पूरे रोड पर जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं, धूल के गुबार ने लोगों को बीमार कर दिया है। बता दें कि उक्त रोड से बड़ी संख्या में मरीजों का आना-जाना होता है और तमाम अधिकारी (एसडीएम, तहसीलदार, सीएमओ सहित अन्य), नेता यहीं से आते-जातें है लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

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रात में अंधेरा, पुलिया पर रैलिंग भी नहीं, हर पल खतरा
परेशानियों का आलम इस कदर हावी हो चुका है कि यहां से दिन और रात में निकलने वाले वाहन चालकों को हर पल खतरा बना हुआ है। रोड की लगभग सभी स्ट्रीट लाइटें खराब हो जाने के कारण पूरे मार्ग पर अंधेरा पसरा रहता है।

साथ ही पुलिया पर रैलिंग नहीं होने के कारण भी खासी परेशानियों का सामना वाहन चालको को करना पड़ता है। पुल पर रैलिंग नहीं है और ऊपर से वहां भी गड्ढे हैं ऐसे में बाइक, एक्टिवा सहित अन्य वाहनों से निकलने वाली महिलाओं, युवतियों सहित राहगीरों को हमेशा डर बना रहता है। बावजूद इसके जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।


फैक्ट-फाइल
- 03 करोड़ है रोड की लागत।
- 05 साल से सिर्फ प्लॉन ही बन रहे।
- 03 टेंडर जारी हो चुके, काम पूरा नहीं।
- 1.5 किमी है रोड की लंबाई।
- रेस्ट हाउस के आगे फोरलेन तक बनना है रोड।
- डिवाइडर वाले रोड की तर्ज पर बनना है रोड।
- 1.5 मीटर फुटपॉथ।
- 01 मीटर की नालियां बना है।
- बीच में लगना है विद्युत पोल।
(नोट : रोड से जुड़े प्रोजेक्ट के हिसाब से प्राप्त जानकारी के अनुसार)


नालियों का काम चल रहा है
नालियों का काम फिलहाल चल रहा है। जल्द ही बचे हुए काम को भी रफ्तार मिलेगी। जहां तक बात काम की है तो जहां भी लेटलतीफी होगी मैं उसे पूरा करवाता हूं।
- इकरार अहमद, सीएमओ, नपा, ब्यावरा

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