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वेयर हाउस से खाद नहीं देने पर नाराज किसानों ने हाइवे पर लगाया जाम

Praveen tamrakar

Publish: Nov 20, 2019 04:12 AM | Updated: Nov 20, 2019 00:14 AM

Rajgarh

किसानों को जब दोबारा से नए-नए नियम बताए गए तो उन्होंने वेयर हाउस के सामने से ही निकल रहे हाइवे 52 पर जाम लगा दिया

राजगढ़. दो दिन से खाद के लिए भटक रहे किसानों को जब दोबारा से नए-नए नियम बताए गए तो उन्होंने वेयर हाउस के सामने से ही निकल रहे हाइवे 52 पर जाम लगा दिया। लगभग 15 मिनट तक किसान हाइवे पर बैठकर खाद को लेकर नारेबाजी करते रहे।इसी बीच जब यह जानकारी पुलिस को लगी तो पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और उन्होंने हाइवे को रोक कर बैठे किसानों को समझाइश देते हुए वापस वेयर हाउस पर पहुंचाया। लेकिन यहां एक बार फि र खाद देने से इंकार कर दिया, इसके बाद मौजूद किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे। एसडीएम ने कृषि विभाग के अधिकारियों को उनके साथ भेजते हुए समस्या का हल करने के निर्देश दिए।

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किसानों ने बताया कि उनका पंजीयन सोसाइटी में नहीं है इससे सोसाइटी से उन्हें खाद नहीं दिया जा रहा। इसके बाद किसान वेयर हाउस पहुंचे। यहां सोमवार को आधार कार्ड लाने के लिए कहा था, इसके बाद मंगलवार को वे किसान आधार कार्ड के साथ वेयरहाउस पहुंचे। लेकिन फि र उन्हें पट्टी लाने के लिए कहा गया। कुछ किसानों के पास पट्टी भी थी। लेकिन वेयरहाउस से खाद देने से मना कर दिया गया था। कृषि विभाग के अधिकारी कलेक्ट्रेट से किसानों को एक बार फि र वेयर हाउस तक लेकर पहुंचे। लेकिन यहां से निजी दुकानों पर जाकर खाद लेने की बात कही।

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अधिकारियों और किसानों में तनातनी
वेयर हाउस पर कृषि विभाग के कर्मचारियों ने जब निजी दुकानों का नाम लेकर वहां से खाद लेने की बात कही तो किसान वापस से भड़क गए। नौबत यहां तक पहुंच गई कि दोनों के बीच झूमाझटकी और तनातनी तक हो गई। बमुश्किल अन्य लोगों ने समझाइश देकर दोनों को अलग किया। इसके बाद वेयरहाउस में ताला डाल दिया।
खंडेलवाल से लो यहां नही मिलेगी खाद
किसान जिस समय वेयरहाउस को घेरे हुए खड़े थे, उस समय किसानों से अधिकारियों ने कहा कि पास में ही संचालित खाद की दुकान से जाकर खाद ले लो। इस पर कुछ किसानों ने आपत्ति भी दर्ज कराई कि जब सहकारी समितियां और दुकानें हैं तो फि र निजी विक्रेताओं की दुकानों पर क्यों भेजा जा रहा है।

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विभाग का अपना पक्ष
खाद की किल्लत को लेकर मार्कफेड के प्रबंधक संजय गीते का कहना है कि पिछले साल वर्तमान समय तक 8000 मीट्रिक टन यूरिया का उठाव हुआ था, जो इस बार 12000 से ज्यादा किया जा चुका है। 26000 मीट्रिक टन का लक्ष्य इस बार रखा गया है, इसमें से 47 प्रतिशत तक वितरण किया जा चुका है, लेकिन यह लक्ष्य नवंबर से दिसंबर तक का होता है। लेकिन कुछ किसान ज्यादा यूरिया ले रहे हैं। इससे समस्या आ रही है। हर किसान को खाद मिलेगी उन्होंने बताया की डीएपी 3300 हजार मीट्रिक टन रखा हुआ है, लेकिन किसान लेने को तैयार नहीं हैं।