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हाईवे पर सात गायों को कुचला, विहिप ने घेरा एसडीएम कार्यालय

Rajesh Kumar Vishwakarma

Publish: Sep 18, 2019 18:53 PM | Updated: Sep 18, 2019 18:53 PM

Rajgarh

अज्ञात वाहन चालक की करतूत
-जिले में लगभग हर दिन हो रही गाय की मौत, प्रशासन ने व्यवस्था की लेकिन नहीं थम रहा गायों की मौत का सिलसिला

ब्यावरा. माता कही जाने वाली गाय को लकेर संवेदनहीन हो चुके समाज में अब कोईउमीद किसी को नहीं बची है। सड़क पर लगभग हर दिन हादसों को शिकार हो रही बेजुबान गायों की मौत का जिमा कोई नहीं लेना चाहता। भोपाल-गुना बाइपास पर मंगलवार रात फिर सात गायों को अज्ञात वाहन ने कुचल डाला। सुबह पूरे हाईवे पर जगह-जगह उनके शव बिखरे पड़े थे।


जिला प्रशासन ने भले ही अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी रोड पर गाय हटाने के लिए लगा दी हो लेकिन लगातार हो रहे हादसों के बाद यह फिर से सुनिश्चित हो गया कि वे कितनी ईमानदारी से काम कर रहे थे और कितने फोटो अपने अधिकारियों को भेज रहेथे।

 

बताया जाता है कि ओव्हरब्रिज पर गायों के झुंड को किसी वाहन ने टक्कर मारी, इसके बाद वह भाग निकला। मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोगों ने देखा तो इसकी जानकारी जिमेदारों को दी। अपना नगर निवासी अमित शर्मा जब पहुंचे तो यह नजारा देख प्रशासन को जमकर कोसा।उन्होंने कहा कि यदि किसी इंसान को थोड़ी सी भी चोट लग जाती तो बवाल खड़ा हो जाता लेकिन बेजुबान गायों की सुध कोई नहीं लेना चाहता। हादसे में घायल हुईं अन्य गायों की सेवा गौ सेवकों ने की।

विहिप ने जताई नाराजगी, एसडीएम कार्यालय घेरा
गौ वंशके संरक्षण को लेकर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल ने बड़ी संया में आए कार्यकर्ताओं के साथ बुधवार दोपहर एसडीएम कार्यालय घेरा। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गायों की रोजाना हो रही मौत का समाधान करने की मांग प्रशासनिक स्तर पर किएजाने की मांग की। इस दौरान एसडीएम रमेश पांडे को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें मुय रूप से संघ के विभाग गौ-सेवा प्रमुख बिहारीलाल चौधरी, विभाग सेवा प्रमुख डॉ. अशोक अग्रवाल, मुकेशसेन, मांगीलाल गुर्जर, जिला संयोजक हर्ष तोमर, जिला गौ रक्षा प्रमुख प्रिंस छाबड़ा सहित अन्य मौजूद रहे।

 


प्रशासन पता लगाए, कहां है ड्यूटी लगाए ऑफिसर्स
कलेक्टर निधि निवेदिता ने कुछदिन पहले राजस्व के अधिकारी, कर्मचारियों सहित अन्य अधिकारियों की ड्यूटी तक गाय भगाने के लिएलगाईहै। खासकर हाईवे के आस-पास की गाय भगाने का जिमा पटवारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित अन्य को दिया है? साथही इन्हें फोटो खींचकर वष्ठि अधिकारियों को डालने की भी बाध्यता है।

 

अब सवाल यह है कि यदि ये लोग फील्ड पर थे तो हादसा कैसे हुआ? हालांकि माना जा रहा है कि यह घटना आधी रात के बाद हुई लेकिन यदि समय से इन्हें भगा दिया होता या कहीं गौ शाला या राहत शिविर पहुंचा दिया होता तो शायद इनकी जान बच जाती।