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500 जोड़ों ने दी आहुतियां, 16 में से छह संस्कार धारण करवाए

Rajesh Kumar Vishwakarma

Publish: Dec 14, 2019 17:02 PM | Updated: Dec 14, 2019 17:02 PM

Rajgarh

-24 कुंडीय महायज्ञ महायज्ञ
-पीपल्या कुल्मी के गायत्री मंदिर परिसर में आयोजित महायज्ञ का समापन आज

पीपल्या कुल्मी. क्षेत्र में पहली बार बड़े स्तर पर हो रहे अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्धार के 24 कुंडीय महायज्ञ में शुक्रवार को पांच सौ से अधिक दंपतियों ने आहुतियां दी। उन्हें 16 में से छह संस्कार धारण करवाए गए।

इनमें गर्भधारण संस्कार, नामकरण संस्कार, अन्न ग्रहण संस्कार, कर्ण भेद संस्कार, मुंडन संस्कार और जनैऊ संस्कार शामिल हैं। कुल 16 संस्कार होते हैं, जिनमें मृत्यु तक के स संस्कार शामिल होते हैं। विद्वानों ने वैदिक मंत्रोच्चार से उक्त संस्कार धारण करवाए।

125 जोड़े एक बार में बैठकर यज्ञ में विश्व शांति के लिए आहुतियां दे रहे हैं। प्रतिदिन तीन शिफ्ट में आहुतियां दी जा रही हैं। जिसमें नगर, समाज, प्रदेश, देश और विश्व में शांति कायम रखने की कामना की जा रही है। रोजाना पीले वस्त्रधारी यजमान यज्ञ स्थल पहुंच रहे हैं।

सुबह ेसे ही वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ किया जा रहा है। मंच से टोली नायक यज्ञ आचार्य नरेंद्र नाथ वर्मा, सह यज्ञ आचार्य देवेश शर्मा द्वारा मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न करवाया जा रहा है। टोली के सारथी तपेश्वर शांडिल्य, मनोहर ताडी, सुशील सिंह द्वारा संगीतमयी भजन सुनाकर सभी श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।

आज बड़ा आयोजन, पूर्णाहुति के बाद महाप्रसादी
शनिवार को उक्त ऐतिहासिक आयोजन का समापन होगा। जिसमें 125 दंपती यजमान पूर्णाहुति की आहुतियां देंगे। इसके बाद वेद माता गायत्री की सामूहिक आरती की जाएगी। आयोजनकर्ता समस्त नगरवासियों के साथ ही आस-पास के 24 गांवों के लोगों ने धर्मप्रेमी जनता से धर्म लाभ लेने की अपील की है।

महाआरती के बाद महा प्रसादी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शामिल होने की अपील श्रद्धालुओं से की गई है। 24 गांवों के सहयोग से चल रहे 24 कुंडीय शक्ति संवर्धन गायत्री महायज्ञ में सभी ने खुलकर सहयोग किया और बढ़-चढ़कर भाग लिया।

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