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मंडी में 20 हजार क्विंटल की आवक, भीड़ ऐसी की देर रात तक नीलामी के बावजूद बच गए किसान

Rajesh Kumar Vishwakarma

Publish: Oct 18, 2019 18:49 PM | Updated: Oct 18, 2019 18:49 PM

Rajgarh

-एक दिन की छुट्टी के बाद आवक बढ़ी, नीलामी से वंचित रह गए किसान
-3500 पार बिक रही क्वालिटी वाली सोयाबीन, दागी और गीली सोयाबीन 2500 तक सिमटी

ब्यावरा. जिले की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को रिकॉर्ड आवक हुई। एक दिन पहले की रात से ही किसानों के ट्रैक्टरों की आवाजाही शुरू हो गई। दूर-दराज के गांवों से आए दर्जनों किसानों को देर रात तक भी रुके रहना पड़ा। हालांकि उन्हें शनिवार को पहली मंडी में ही निपटा दिया जाएगा।


दरअसल, गुरुवार को करवा चौथ का अवकाश पड़ जाने और आगामी त्योंहारों को देखते हुए किसान निकालते से ही सोयाबीन सहित अन्य उपज को लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। कई किसान तो खेत से सीधे मंडी में उपज लेकर पहुंच रहे हैं। वहीं, आगामी सप्ताह में सोमवार के साप्ताहिक अवकाश के बाद धनतेरस से दीवाली का अवकाश शुरू होने वाला है। इसी को लेकर किसान जल्दबाजी में उपज बेचने पहुंच रहे हैं।

 

शुक्रवार सुबह से ही मंडी में किसानों का हुजूम उमड़ पड़ा। करीब 20 हजार क्वींटल की आवक ब्यावरा मंडी में हुई, 15 से 16 हजार की नीलामी देर रात तक हुई खरीदी के दौरान हो गई वहीं, करीब चार से पांच हजार क्वींटल शेष रह गई। २४३० से ३६०५ रुपए प्रति क्वींटल सोयाबीन का भाव रहा है। अच्छी क्वालिटी की सोयाबीन उच्चतम 3600 तक बिकी वहीं, दागी और मिट्टी वाली गिली सोयाबीन को अपेक्षाकृत कम भाव मिल पाए। अभी आगामी दिनों में और आवक बढऩे के आसार हैं। दीवाली के बाद तक यह क्रम जारी रहेगा, इसी के एहतियात के तौर पर प्रशासन ने एक दिन पहले ही मंडी प्रशासन और व्यापारियों के साथ बैठकर लेकर व्यवस्थाओं की रूपरेखा बनाई।

मंडी में 20 हजार क्वींटल की आवक, भीड़ ऐसी की देर रात तक नीलामी के बावजूद बच गए किसान

प्रमुख उपज के भाव पर एक नजर
सोयाबीन 2605-3645
गेहूं 1990-2085
चना 3480-3890
मक्का 1540-1750
धनिया 4150-6200
मसूर 3500-3950
(नोट य ब्यावरा मंडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार)
आवक का एक कारण ये भी : जैसी उपज है उसे बेचना चाहते हैं किसान
त्योहारी सीजन के साथ ही किसानों में उपज बेचने को लेकर जल्दबाजी इसलिए भी है कि इस बार क्वालिटी ज्यादा बेहतर नहीं है। कहीं दागी सोयाबीन है तो कहीं गीली और छोटे दाने वाली। ऐसे में उसे किसान रोकना नहीं चाहते। सीधे बेचकर त्योहारी सीजन की खरीदी और रबी की उपज की तैयारियों को लेकर भी किसान चिंतित है। उल्लेखनीय है कि इस बार अतिवृष्टि के कारण न सिर्फ सोयाबीन की गुणवत्ता में फर्क पड़ा है बल्कि उत्पादन क्षमता पर भी इसका असर पड़ा है। वहीं, हर बार सीजन के दौरान ही मंदी से गुजरने वाली सोयाबीन 3600 तक सिमटी हुई है, जैसे ही किसानों की उपज खत्म हो जाएगी स्वत: ही इसका भाव बढ़ जाएगा।


छुट्टी पड़ जाने से आवक बढ़ी
तीन से चार हजार क्वींटल की नीलामी शेष रह गई, जिसे शनिवार को पहली शिफ्ट की मंडी में ही निपटा लिया जाएगा। आवक बढ़ जाने से थोड़ी भीड़ बढ़ी है। आगामी सोमवार के साप्ताहिक अवकाश के बाद धनतेरस से भाई दोज तक फिर अवकाश रहेगा।
-एल. एन. दांगी, सचिव, कृषि उपज मंडी समिति, ब्यावरा