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hospital latest news : गांव में फैला डायरिया का प्रकोप,मरीजों की संख्या पहुंची 100 से अधिक

Amit Mishra

Publish: Jul 13, 2019 12:41 PM | Updated: Jul 13, 2019 12:41 PM

Raisen

सातवें दिन दो दर्जन मरीज अस्पताल में भर्ती, प्रशासन नहीं लगा पाया रोकथाम

रायसेन/ गैरतगंज। दूषित पानी contaminated water के उपयोग से ग्राम रसीदपुर में फैली डायरिया बीमारी के पीडि़तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस बीमारी से लगभग पूरा गांव प्रभावित हो गया है। सातवें दिन भी गैरतगंज अस्पताल hospital में दो दर्जन मरीज patients इस बीमारी से पीडि़त होकर अपना इलाज कराने पहुंचे। प्रशासन द्वारा रोकथाम के उपाय के बावजूद ग्रामीणों को इस बीमारी से निजात नहीं मिल पाया है। स्वास्थ्य विभाग health department द्वारा ग्राम स्तर पर इलाज करने के बावजूद मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी है। ग्राम में इस बीमारी से अब तक एक सैकड़ा से अधिक लोग पीडि़त हो चुके हैं।

 

सातवें दिन डायरिया का प्रकोप जारी
ग्राम रसीदपुर में लगातार सातवें दिन डायरिया का प्रकोप जारी रहा। रसीदपुर के लगभग सभी घरों में इस बीमारी से पीडि़तों की जानकारी मिल रही है। डायरिया के प्रकोप से प्रभावित होने वालों की संख्या एक सैकड़ा से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

23 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए
शुक्रवार को उल्टी दस्त, पेट फूलना एवं हाथ पैरो के दर्द की शिकायत के 23 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए। जिसमें से लीलाधर, पवन, राजकुमार, बैजंती बाई, राजेश्वरी, मन बाई, अज्जो बी, धन बाई, रचना, रामदेवी, रेवा बाई, पार्वती बाई, जवाहर सिंह, हरचंदीलाल, फूल बाई, नेपाल, महेश, सृष्टि, गुलाब बाई, मोहर सिंह, कन्छेदीलाल सहित अन्य लोग शामिल हैं। अस्पताल में रसीदपुर से इस बीमारी से पीडि़त होकर आने वाले मरीजों के आने का सिलसिला अल सुबह से ही शुरू हो गया। जो दोपहर बाद तक चलता रहा।


नहीं हुआ नियंत्रण
ग्राम में फैल रही डायरिया जैसी गंभीर बीमारी को नियंत्रित करने में स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन के अधिकारी लगातार कोशिष कर रहे हैं। परन्तु बीमारी की रोकथाम नहीं हो पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम रोजाना ग्राम का भ्रमण कर रही है। परन्तु जागरूकता के अभाव में ग्रामीण अभी भी दूषित पानी का उपयोग कर रहे है। जिस पर रोक के लिए पीएचई विभाग ने कोई कारगर कदम नही उठाए है। हालांकि ग्राम पंचायत स्तर पर पानी का एक टैंकर लगाकर शुद्ध पानी की सप्लाई की जा रही है परन्तु वह नाकाफी साबित हो रही है।

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अस्पताल तक आने में असमर्थ मरीज
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग एवं पीएचई विभाग को स्थाई कैंप ग्राम में लगाना चाहिए। ताकि प्रभावी ढंग से इस समस्या से निपटा जा सके। ग्रामीणों को इस बीमारी से सबसे ज्यादा परेशानी रात्रि में होती है। साधन सम्पन्न नहीं होने से ग्रामीण अस्पताल तक आने में असमर्थ रहते हैं।


हर संभव उपाय किए गए
एसडीएम मोहिनी शर्मा का कहना है कि प्रशासन स्तर पर बीमारी की रोकथाम के लिए हर संभव उपाय किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। ग्रामीणों को भी जागरुक होकर इलाज कराना चाहिए तथा दूषित पानी के उपयोग से बचना चाहिए।