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इस थाना प्रभारी की शिकायत कारोबारी ने की डीजीपी से, लगाया पैसा मांगने का आरोप

mohit sengar

Publish: Sep 21, 2019 12:14 PM | Updated: Sep 21, 2019 12:14 PM

Raipur

आरोपियों ने सदर के कारोबारियों से ठगा ढाई किलो सोना, सराफा कारोबारियों ने थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारी पर लगाया पैसे मांगन का आरोप, डीजीपी से लगाई इंसाफ की गुहार

रायपुर। सदर के सराफा कारोबारियों से करोड़ो का सोना लेकर फरार होने वाले आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने भले ही पकड़ लिया है, लेकिन आरोपियों से सोने की बरामद पुलिसकर्मी नहीं कर पाए है। पीडि़त सराफा कारोबारी ने कोतवाली थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारी पर जांच के नाम पर किश्तों में पैसा लेने और अभियुक्तों से अनुचित लाभ लेकर रिमांड नहीं लेने का आरोप लगाया है।
मामलें की शिकायत सराफा कारोबारियों ने डीजीपी डीएम अवस्थी, रायपुर आईजी आनंद छाबड़ा और रायपुर एसएसपी आरिफ शेख से की है। मामलें में निश्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और उनसे सोना बरामद करने की अपील सराफा कारोबारी ने की है।
टिकरापारा निवसी सराफा कारोबारी प्रीतेश सोनी ने डीजीपी अवस्थी को आवेदन पत्र लिखकर बताया कि दिल्ली के ठग वी.कुमार और कुणाल हांडा के खिलाफ शिकायत उन्होंने कोतवाली पुलिस को २८ जून को की थी। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया और जांच शुरू की। आरोपियों ने सौदा करने के दौरान गलत पता और एड्रेस दिया था।
पुलिस ने आरोपियो का मोबाइल ट्रेस कर 12 जुलाई को कुणाल हांडा को गोविंदा पुरा थाना दिल्ली और 15 जुलाई को वी. कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाए। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस अधिकरियों ने रिमांड भेज दिया और सोना बरामद नहीं किया। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान दिल्ली में रहने वाली बहन के यहां सोना रखने की बात स्वीकारी थी। आरोपियों के बयान के बाद भी पुलिस सोना बरामद नहीं कर पाई और ना ही आरोपियों की रिमांड ले रही है। कारोबारी ने थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारी पर आरोपियों से अतिरिक्त लाभ लेकर राहत देने का आरोप लगाया है।
आरोपी की हुई गिरफ्तारी, पुलिस ने बताया हुए पेश
कारोबारी के मुताबिक पुलिस ने आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया, लेकिन न्यायालय में पेश करने के दौरान आरोपी नोटिस पर रायपुर आए है। इस बात का दस्तावेज लगाया है। कारोबारी और अन्य पीडि़त ने आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग शिकायत दी थी, लेकिन विवेचना अधिकारी ने सभ शिकायत को एक साथ जोड़कर आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट बनाई। विवेचना अधिकारी के इन सभ बर्ताव को लेकर कारोबारी ने संदेह जताया है।
जांच करने के नाम पर लिया पैसा
डीजीपी के पास दी हुई शिकायत में पीडि़त ने पुलिस अधिकारियों द्वारा जांच के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाया है। पीडि़त की माने तो भागदौड़ के नाम पर पुलिस अधिकारियों ने 50हजार रुपए। आरोपी कुणाल हांडा ने अपनी बहन सोनिया के पास 35 हजार रुपए रखे थे। ये पैसे जब्ती के नाम पर पुलिस ने सोनिया से लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के दौरान प्रभारी और जांच अधिकारी ने 50 हजार रुपए और प्राइवेट वकील को फीस देने के नाम पर 20 हजार रुपए लेने का आरोप लगाया है।
अफसोस की बात
कारोबारी की शिकायत पर पत्रिका टीम ने कोतवाली थाना प्रभारी आरके मिश्रा से बात की। प्रभारी आरके मिश्रा ने पैसे मांगने के आरोप को निराधार बताया है। उनका कहना है कि ब्लाइंड केस था हमने साल्व किया। इतनी मेहनत के बाद भी पीडि़त आरोप लगा रहे है, ये अफसोस की बात है।
गृहमंत्री और सीएम तक करेंगे शिकायत पुलिस की
कोतवाली थाना प्रभारी और उनकी टीम पर आरोप लगाने वाले सराफा कारोबारी प्रीतेश सोनी ने मामलें की शिकायत डीजीपी से करने के बाद इंसाफ नहीं मिलने पर गृहमंत्री अमित शाह और सीएम भूपेश बघेल से भी शिकायत करने की बात कही है।