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स्पेशल कोर्ट ने SIT के आवेदन को किया खारिज, अंतागढ़ टेप कांड में अब नहीं देना होगा आवाज का नमूना

Akanksha Agrawal

Publish: Sep 21, 2019 09:00 AM | Updated: Sep 21, 2019 09:00 AM

Raipur

स्पेशल मजिस्ट्रेट लीना अग्रवाल ने विशेष जांच टीम एसआईटी द्वारा लगाया गया आवेदन शुक्रवार को खारिज कर दिया है।

रायपुर. अंतागढ़ टेपकांड के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी उनके पुत्र अमित, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के दमाद पुनीत गुप्ता और पूर्व विधायक मंतूराम पवार को आवाज का नमूना नहीं देना पडेग़ा। स्पेशल मजिस्ट्रेट लीना अग्रवाल ने विशेष जांच टीम एसआईटी द्वारा लगाया गया आवेदन शुक्रवार को खारिज कर दिया है। उन्होनें मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि एसआईटी के गठन को लेकर बिलासपुर उच्च न्यायालय में पीआईएल लगाई गई थी। साथ ही उसकी भूमिका पर सवाल किया गया था। इस मामले में अभी तक एसआईटी की ओर से कोई जवाब पेश नहीं किया गया है। इसे देखते हुए एसआईटी के आवेदन को खारिज किया जाता है।

बता दें कि स्पेशल मजिस्ट्रेट के समक्ष पुनीत गुप्ता के अधिवक्ता अमित बेनर्जी ने अंतागढ़ टेपकांड की वास्तविक सीडी और इलेक्ट्रिक साक्ष्य की जानकारी मांगी थी। साथ ही इसकी मूल प्रति कोर्ट में पेश करने का अनुरोध किया था। एसआईटी की ओर से अभियोजन पक्ष ने अपील दलील पेश करते हुए इसे जांच के लिए गुजरात स्थित गांधीनगर लैब में भेजा गया है। इसलिए रिपोर्ट नहीं मिली है। इसलिए कोर्ट में पेश किया जाना संभव नहीं है। पहले इसे जांच के लिए भोपाल स्थित लैब में भेजा गया था। लेकिन, उपकरण नहीं होने के कारण इसे चंडीगढ़ भेजा गया था।

फैसले पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
भाजपा : इस फैसले को लेकर भाजपा उत्साहित है। प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा, यह फैसला कांग्रेस के मुंह पर एक और करारा तमाचा है। संगठन इस फैसले को जनता के बीच ले जाकर बदलापुर की राजनीति का सच बताएगा।

जकांछ : जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ इसे पलटवार का मौका मान रही है। प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक ने कहा, दंतेवाड़ा में मतदान से पहले ही स्थिति स्पस्ठ हो गई है। हमारे कार्यकर्ता इस बात को घर-घर पहुंचायेंगे। पार्टी प्रमुख अजीत जोगी से शनिवार को चर्चा कर रणनीति तय होगी।

कांग्रेस : अंतागढ़ मामले में भाजपा और जोगी परिवार पर हमलावर कांग्रेस का रूख नहीं बदलेगा। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा, यह तो न्यायिक प्रक्रिया है चलती रहेगी। अदालत ने कोई स्टैंडिंग आर्डर नहीं दिया है। अंतागढ़ के दोषियों के खिलाफ पार्टी आवाज उठाती रहेगी।

एक्सपर्ट व्यू : पक्ष हुआ कमजोर
वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश शुक्ला ने बताया कि अंतागढ़ टेपकांड में आवाज का नमूना लेने के लिए लगाए गए आवेदन को स्पेशल कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने से एसआईटी का पक्ष कमजोर हो गया है। वह इस मामले की समीक्षा करने के बाद दोबारा समक्ष कोर्ट में अपील कर सकती है। एक बार आवेदन खारिज होने से जांच कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है। लेकिन, वह प्रकरण खत्म नहीं हो जाता है। किसी भी मामले में आरोपी पक्ष अपना बचाव करने के लिए विभिन्न तरह के दस्तावेज और दलील पेश करता है। इसका जवाब देने के लिए पुख्ता साक्ष्य और तैयारी की जरूरत पड़ती है। एक बार खिलाफ में गए फैसले से एसआईटी को सीख लेने की जरूरत है।

अपील की तैयारी
आवेदन खारिज होने के बाद एसआईटी अब बिलासपुर उच्च न्यायालय में जाने की तैयारी में जुटी हुई है। वहां दोबारा आवेदन लगाकर अपील की जाएगी। एसआईटी प्रभारी एवं रायपुर पुलिस अधीक्षक शेख आरिफ हुसैन ने बताया कि स्पेशल कोर्ट में दिए गए फैसले का प्रति अभी नहीं मिली है। इसका अध्ययन करने और सभी तथ्यों का आंकलन करने के बाद दोबारा हाईकोर्ट में आवेदन दिया जाएगा। साथ ही जांच के लिए भेजे गए इलेक्ट्रानिक साक्ष्य की रिपोर्ट के लिए लैब को पत्र लिखा जाएगा।