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रायगढ़ : प्रेम विवाह की सजा, दो परिवार बहिष्कृत, समाज में शामिल करने 3-3 लाख की शर्त, ग्रामीणों पर केस दर्ज

Ram Dayal Sao

Publish: Oct 05, 2019 01:21 AM | Updated: Oct 05, 2019 01:21 AM

Raipur

सरपंच पति व गांव के अन्य लोगों ने पीडि़त परिवार को गांव से बहिष्कृत कर दिया है। वहीं उन्हें समाज में फिर से शामिल करने के लिए प्रत्येक जोड़े को तीन-तीन लाख रुपए देने की शर्त रखी गई है। इसकी शिकायत पीडि़त परिवारों ने पुलिस से की है।

रायगढ़. जिले के कोसीर थाना क्षेत्र के कपिस्दा में दो परिवार के तीन युवकों को प्रेम विवाह करने से बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। सरपंच पति व गांव के अन्य लोगों ने पीडि़त परिवार को गांव से बहिष्कृत कर दिया है। वहीं उन्हें समाज में फिर से शामिल करने के लिए प्रत्येक जोड़े को तीन-तीन लाख रुपए देने की शर्त रखी गई है। इसकी शिकायत पीडि़त परिवारों ने पुलिस से की है।
कोसीर थाने के टीआई जगतराम चौहान ने बताया कि संजय लहरे ने गांव की ही हेमलता जाटवर व सोहन लहरे ने गांव की पूर्णिमा भारद्वाज से बीते मई में पे्रम विवाह किया था। इसके अलावा गांव के गौतम जाटवर ने भांठागांव की त्रिशला सुमन से प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ माह बाद ग्राम कपिस्दा के पनतराम ने अपने पुत्री हेमलता जाटवर का संजय लहरे से प्रेम संबंध का विरोध कर गांव में बैठक बुलाई। बहिष्कृत परिवारों को फिर से समाज में शामिल करने के लिए २-२ लाख रुपए देने की शर्त रखी। पीडि़त परिवार के पास रुपए चुकाने की हैसियत नहीं थी। ऐसे में उन्होंने शर्त को मानने से इनकार कर दिया।

बाद में और बढ़ा दी जुर्माने की राशि
इसके बाद गांव के सरपंच पति श्यामलाल साहू, दाउलाल साहू, महादेवा जाटवर, रघुवर साहू, कौशल साहू, मथुरा लहरे, रामकृष्णो जाटवर व अन्य ग्राम वासियो ने नया फरमान जारी कर दिया। जिसमें सामूहिक बैठक लेकर प्रेम विवाह करने वाले लोगों पर तीन-तीन लाख रुपए का जुर्माना और तीनों परिवारों को गांव से बहिष्कृत कर दिया। जिसकी शिकायत पीडि़तों परिवारों ने एसपी, कलेक्टर और अधिकारियों से की। अधिकारियों की समझाइश पर ग्रामीण मान गए। बाद में अधिकारियों से शिकायत करने को लेकर नाराज ग्रामीणों ने इनसे संपर्क रखने वालों पर भी जुर्माना लगाना शुरू कर दिया। पीडि़त परिवारों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी, शिकायत सही पाए जाने पर २ अक्टूबर को सात नामजद आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि पूरे गांव वालों को तो आरोपी नहीं बना सकते, जो मुख्य आरोपी हैं उनके खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।

बात करने पर लगा दिया जुर्माना
पुलिस के अनुसार पीडि़त परिवारों की माने तो वर्तमान में उन्हें गांव के शासकीय उचित मूल्य की दुकान से ही सिर्फ राशन मिलता है। इसके अलावा कोई दुकान से उन्हें कुछ सामान नहीं मिलता। यहां तक गांव के कोई भी व्यक्ति जुर्माना के डर से उनसे बात तक नहीं करते। पुलिस ने बताया कि सितंबर माह में गांव का शत्रुघन साहू लहरे परिवार के एक व्यक्ति के साथ बाइक पर बैठकर कोसीर तरफ गया था। इस दौरान किसी ने इसकी सूचना गांव वालों को दी। फिर उसी रात बैठक बुलाकर शत्रुघन के ऊपर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया गया।