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छत्तीसगढ़ के बायोजेट फ्यूल से भारतीय वायुसेना के विमान ने भरी उड़ान

Prashant Gupta

Publish: Feb 14, 2020 12:22 PM | Updated: Feb 14, 2020 12:22 PM

Raipur

31 जनवरी को लेह में विमान एएन-32 में हुआ फ्यूल इस्तेमाल

रायपुर.छत्तीसगढ़ के बायोजेट फ्यूल से दूसरी बार भारतीय वायुसेना के विमान (एयरक्राफ्ट) ने उड़ान भरी। 31 जनवरी 2020 को लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोछी हवाई अड्डे में वायुसेना के विमान एएन-32 में बायोजेट फ्यूल डाला गया और उसके बाद विमान ने चडीग़ढ़ एयर बेस के लिए उड़ान भरी।छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी सुमित सरकार का कहना है कि यह राज्य और हम सभी के लिए बड़ी उपलब्धि है। फ्यूल बनाने के लिए रतनजोत और करंज का इस्तेमाल किया जा रहा है। कच्चे माल को छत्तीसगढ़ में लगे संयंत्रों के जरिए सेमीफिनीश्ड किया गया। इसके बाद भारत पेट्रोलियम संस्थान (आईआईपी) देहरादून में इसे और भी ज्यादा रिफाइंड किया गया। इसके बाद इसका इस्तेमाल विमान में किया गया। प्राधिकरण द्वारा तीन हजार लीटर फ्यूल सप्लाई किया गया था।

पहली बार दोनों इंजन चले- जानकारी के मुताबिक यह पहली बार है जब विमान के दोनों इंजन को बायोफ्यूल से चलाया गया। एयरफोर्स का इस ट्रायल के पीछे उ²ेश्य यह जानना भी था कि क्या यह लेह जैसे वातावरण में भी काम कर सकता है। एयरफोर्स ने माना है कि इसके इस्तेमाल से कार्बन कण का उत्सर्जन कम होता है।

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