स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

बायोमेडिकल वेस्ट के प्राधिकार लाइसेंस के बिना चल रहे थे हॉस्पिटल

Abhishek Kumar Rai

Publish: Sep 20, 2019 21:54 PM | Updated: Sep 20, 2019 21:54 PM

Raipur

बायो मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे में मिलाकर और खुले में फेंकने की लगातार शिकायतें मिलने के बाद पर्यावरण संरक्षण मंडल और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी है

रायपुर. राजधानी के निजी अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट को सामान्य कचरे में मिलाकर और खुले में फेंकने की लगातार शिकायतें मिलने के बाद पर्यावरण संरक्षण मंडल और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएमएचओ डॉ.के.आर.सोनवानी द्वारा गठित तीन टीमों ने शुक्रवार को राजधानी के करीब 15 अस्पतालों का निरीक्षण किया। इसमें अधिकतर अस्पतालों ने एसएमएस कंपनी से अनुबंध तो किया है लेकिन पर्यावरण सरंक्षण मंडल से बायोमेडिकल वेस्ट के प्राधिकार से लाइसेंस नहीं लिया है। कई अस्?पतालों ने तो पर्यावरण बोर्ड से एक बार लाइसेंस लेने के बाद नवीनीकीरण तक नहीं कराया है। टीम ने सभी अस्पताल प्रबंधकों को समझाईश देकर शासन द्वारा दी गई समय सीमा में बायोमेडिकल वेस्?ट के प्रबंधन को लेकर उचित निपटान के लिए एनजीटी के निर्देशों का पालन की हिदायत दी। सीएमएचओ ने बताया कि बायोमेडिकल वेस्ट को लेकर 45 दिनों में सभी अस्पतालों को कंपनी से अनुबंध करने का समय दिया है। निर्धारित समय में यदि ऐसा नहीं होता है तो नर्सिंग होम एक्ट के तहत पंजीयन निरस्त तथा जुर्माना लगाया जाएगा।