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किसानों से 53 लाख रुपए की ठगी, पिता-पुत्र ने किसानों को ऐसे लिया झांसे में...

Vasudev Yadav

Publish: Sep 10, 2019 20:33 PM | Updated: Sep 10, 2019 20:33 PM

Raigarh

Fraud : पुलिस चौकी खरसिया में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

रायगढ़. पुलिस चौकी खरसिया क्षेत्र अंतर्गत पिता-पुत्र ने खुद को बीज निगम का स्टाफ बता कर किसानों का धान खरीद कर उनसे करीब 53 लाख रुपए की ठगी कर ली। किसानों द्वारा रुपए मांगने पर पिता फरार हो गया है, जबकि उसका बेटा टालमटोल कर रहा है। ऐसे में पीडि़त किसान ने घटना की रिपोर्ट थाने में की है। जहां पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी यज्ञनारायण चन्द्रा पिता लक्ष्मीप्रसाद चन्द्रा (36) ग्राम ठुठी थाना जैजैपुर जिला जांजगीर-चांपा का रहने वाला है। गत मार्च महीने में भद्रीपाली निवासी मोहन डनसेना प्रार्थी के गांव के दाताराम सिदार, कमल किशोर चन्द्रा एवं ईश्वर चन्द्रा के घर आया था।

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उसी समय यज्ञनारायण का मोहन डनसेना से परिचय हुआ था। इसके कुछ दिन बाद मोहन डनसेना और दाताराम सिदार, कमल किशोर चन्द्रा एवं ईश्वर चन्द्रा प्रार्थी के घर आए और मेरा बीज निगम रायपुर एवं रायगढ़ चपले में संपर्क है, मैं वहां का स्टाफ हूं कह कर यज्ञनारायण को दो पन्ने का कागज दिखाया। वहीं अपने बेटे ठनकेश्वर डनसेना को ग्रामीण अंचल से धान खरीदी कार्य करना बताया।

साथ ही मोहन ने यज्ञनारायण से कहा कि वह धान खरीदी करना चाहता है। अगर आप धान बेचना चाहते हैं तो प्रति क्विंटल 1800 रुपए के हिसाब से खरीदूंगा बोला। वहीं यज्ञनारायण को खरसिया में धंधा करना है तो आकर मिलना बोल कर वहां से चला गया।

ऐसे में यज्ञनारायण उसके झांसे में आ गया और अपने गांव के अखिलेश चन्द्रा, कांशी जायसवाल, कमल किशोर चन्द्रा, ईश्वर चन्द्रा तथा कांता चन्द्रा के साथ 15 मार्च को खरसिया मंगल बाजार में फोन से संपर्क कर मोहन डनसेना से मिला। उसी दिन मोहन डनसेना यज्ञनारायण को तीन लाख रुपए एडवांस दिया। इससेे आरोपी ने पीडि़त का दिल जीत लिया। इसके बाद यज्ञ नारायण गांव जाकर अपने स्वयं का एक हजार कट्टा धान को बोरी में भरकर मोहन डनसेना को फोन किया।

इसके बाद मोहन डनसेना पिकअप भेज कर सारे धान को उठवा लिया। इसके बाद यज्ञ नारायण गांव के बेदराम चन्द्रा, कांता चन्द्रा, अखिलेश चन्द्रा, नवधा कर्ष, रामचंद चन्द्रा, बाबूलाल चन्द्रा, देवेन्द्र चन्द्रा, ईश्वर चन्द्रा, छेदीलाल चन्द्रा एवं अन्य कई किसानों से धान लेकर मोहन डनसेना को दे दिया।

धान को मोहन डनसेना एवं उसका लड़का ठनकेश्वर पिकअप में आकर बीच-बीच में लोड कर ले जाते थे। वहीं किसानों को पेमेंट करने के लिए रुपए मांगने पर कभी दो लाख कभी एक लाख रुपए दे देते थे। इस प्रकार मोहन डनसेना प्रार्थी से 66 लाख 60 हजार रुपए का धान खरीद कर ले गया था एवं उसे कुल 14 लाख रुपए पेमेंट किया था। प्रार्थी द्वारा शेष रकम मांगने पर आरोपी शासकीय बीज भंडार में धान को सप्लाई किया हूं। शासन से रुपए आने में समय लगता है कहकर टाल मटोल करता था।

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चेक हो गया बाउंस
यज्ञनाराया से जब किसानों से बाकी के पेमेंट मांगे तो उसने मोहन डनसेना से संपर्क कर कहा कि किसान रुपए मांग रहे हैं, जब आरोपी प्रार्थी को शेष रकम 52 लाख 60 हजार रुपए का चेक दिया। जब प्रार्थी चेक लेकर बैंक गया तो पता चला कि उक्त खाते में रुपए ही नहीं है। उस दिन के बाद से आरोपी मोहन डनसेना गांव में नही रहता है। वहीं पीडि़त किसान ठनकेश्वर के पास रुपए मांगने जाते तो वह दुव्र्यवहार करता था। इसी बीच प्रार्थी को ठगी की आशंका होने पर वह चपले एवं रायगढ के बीज निगम में जाकर पता किया तो जानकारी मिली कि मोहन डनसेना एवं ठनकेश्वर डनसेना के नाम के किसी भी व्यक्ति को धान खरीदी के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। ऐसे में उसे ठगी का एहसास हुआ और उसने घटना की रिपोर्ट थाने में की। जहां पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।