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करंट प्रवाहित हाईटेंशन तार की चपेट में आने से एक कर्मचारी की मौत

Vasudev Yadav

Publish: Oct 19, 2019 20:32 PM | Updated: Oct 19, 2019 20:32 PM

Raigarh

प्रतिबंध के बाद भी देर रात बोर करने के दौरान हाईटेंशन तार के सपंर्क में आने से खनन काम कर रहा एक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस जाने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

रायगढ़. शनिवार की रात सारंगढ़ के छोटे मठपारा निवासी शैलेष कुमार यादव के यहां बोर उत्खनन का काम करने के लिए छाबड़ा बोरवेल्स की गाड़ी पहुंची थी। देर रात वहां पर बोर खनन का काम चालू करने के लिए तैयारी किया जा रहा था। तभी छाबड़ा बोरवेल्स के उक्त गाड़ी का हेल्फर सुनील यादव ग्राम कया घरघोड़ा निवासी मशीन के उपर से गई तार को बांस से और ऊंचा कर रहा था तभी एकाएक बांस टूट गया और हाईटेंशन तार मशीन के पार्टंस के संपर्क में आ गया। इसके कारण पूरी गाड़ी में करंट फैल गया। इसी दौरान अनियंत्रित होकर उक्त हेल्फर भी वाहन से जा टकराया और फिर करंट की चपेट में आ गया। किसी को कुछ समझ आता इससे पहले ही कर्मचारी गंभीर रूप से झुलसकर दम तोड़ दिया। घटना की सूचना के बाद सारंगढ़ पुलिस ने मर्ग कायम कर इस मामले में जांच शुरू की है।
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अनुमति का पता ही नहीं
विदित हो कि जिला प्रशासन ने 4 अप्रैल से 4 दिसंबर तक बोर खनन में प्रतिबंध लगाया है। इस हिसाब से बिना अनुमति के बोर उत्खनन नहीं किया जा सकता है, लेकिन छाबड़ा बोरवेल्स द्वारा उक्त बोर खनन के लिए अनुमति ली गई थी या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। पुलिस की अभी तक की गई जांच में अनुमति से संबंधित दस्तावेज पेश नहीं किया गया है। वहीं पुलिस भी इस मामले में जांच किए जाने की बात कर रही है।

सीएसईबी को भी नहीं कोई सूचना
जहां पर बोर उत्खनन का काम कराया जा रहा था वहां पर हाईटेंशन तार गया हुआ है इसको लेकर न तो बोरवेल संचालक ने आपत्ति की न ही किसी ने ध्यान दिया। यही कारण है कि बिजली विभाग को भी इसकी सूचना नहीं दी गई, जिसके कारण उक्त कनेक्शन में बिजली चालू था और बोर उत्खनन का काम शुरू कर दिया गया।

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