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महिला कल्याण की योजनाओं में बहाना नही परिणाम चाहिए-प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला

Madhav Singh

Publish: Oct 19, 2019 10:28 AM | Updated: Oct 19, 2019 10:28 AM

Raebareli

महिला कल्याण की योजनाओं में बहाना नही परिणाम चाहिए शिथिलता व लापरवाही किसी भी स्तर पर नही होगी: प्रमुख सचिव

महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओ का उद्देश्य महिलाओं, बालिकों व किशोरियों को जागरूक कर सशक्त बनाना: आराधना शुक्ला

रायबरेली . प्रदेश में महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं की निगरानी रखने के उद्देश्य से सरकार द्वारा महिला अधिकारियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सभी जनपदों में नोडल अधिकारी बनाकर भेजा गया है। इसी क्रम में जनपद की नोडल अधिकारी प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला व सहयोगी अधिकारी अंशिका दीक्षित, अलका भटनागर के द्वारा जनपद में विभिन्न विभागों की महिला कल्याण से जुड़ी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन को सफल बनाने के लिए समीक्षा बैठक के माध्यम से जमीनी हकीकत को जाना तथा शासन के निर्देशों की भी जानकारी दी। बचत भवन सभागार में जनपद की नोडल अधिकारी प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला ने महिला कल्याण विभाग से जुड़ी योजनाओं पर समीक्षा बैठक करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि महिलाओं- बालिकाओं के प्रति सजग व सहज रहे। सरकार द्वारा संचालित सभी लाभपरक योजनाओं का लाभ महिलाओं को मिले और महिला सशक्तिकरण की ओर जागरूक होकर आगे बढ़ सके।

प्रमुख सचिव महिला कल्याण की योजनाओं की समीक्षा बैठक करती हुई


प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने बताया कि सरकार द्वारा नारी सशक्तिकरण की दिशा में अन्य अभियान आयोजित किये गये जिसमें जमीनी स्तर पर चलने वाली योजनाओं की जानकारी ली तथा सम्बन्धित अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश दिये गये। महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम में कन्या सुमंगला योजना, नारी शक्ति शिविर, नारी सशक्तिकरण संकल्प अभियान, बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं योजना, बाल संरक्षण योजना, बालिका पोषण मिशन, निराक्षित महिला पेशन योजना, वृद्धा पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना आदि कार्यक्रमों के साथ ही विभिन्न महिलाओं से जुड़ी हेल्प लाइन 181 महिला उत्पीड़न हेल्पलाइन व रेस्क्यू वैन आदि की प्रगति की भी जानकारियां अधिकारियों से ली। नोडल अधिकारी ने मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर, आगंनबाड़ी केन्द्रों पर चलने वाले पोषण कार्यक्रमों गरम भोजन योजना, अनुपूरक पुष्टहार आदि योजनाओं की जमीनी स्थिति पर रिपोर्ट भी तलब की। बालिकाओ- महिलाओं की सुरक्षा हेतु जागरूकता पर भी बल दिया। प्रमुख सचिव को जिलाधिकारी नेहा शमा व पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई ने जनपद में चलाये गये बालिका सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत पूरे जनपद में बालिका सुरक्षा जागरूकता की विभिन्न स्कूलों एवं कालेजों में आदि में पूरे माह धूम रही की जानकारी दी। प्रमुख सचिव ने बैठक में बताया गया कि बालिका सुरक्षा जागरूकता हेतु प्रदेश सरकार द्वारा अनेक कानून योजनाए सुविधाए प्रदान की गई आदि की जानकारी जहां दी गई वही महिलाए- बालिकाए को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को भली-भांति जानकारी होनी चाहिए ताकि उनको योजनाओं से लाभान्वित के लिए किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न कराना पड़े। महिला हेल्पलाइन 181, वीमेन पावर हेल्पलाइन 1090, 1098 डायल 100, वन स्टाप सेन्टर, बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं, 112 एमेरजन्सी, कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 आदि योजना कार्यक्रम महिलाए बालिकाओं के लिए लाभप्रद आदि को भी विस्तार से बताया जाने के भी निर्देश दिये। बलिकाओं को बताया जाये कि डरे नही सहे नही का संदेश देने के साथ ही बालिकाएं सशक्त व निडर भी बनाने की सार्थक पहल करे।

महिला कल्याण की योजनाओं में बहाना नही परिणाम चाहिए शिथिलता व लापरवाही किसी भी स्तर पर नही होगी : प्रमुख सचिव

प्रमुख सचिव ने कहा कि महिलाए-बालिकाए अपने अधिकारों को समझे और जागरूकता जरूरी है। महिलाए-बालिकाओं की सुरक्षा तभी सम्भव है जब महिलाए-बालिकाएं जागरूक हो तथा उनकों नियम कानून की जानकारी हो। जिस प्रकार जल है तो जीवन है उसी प्रकार बेटियां न तो कल नही है। महिला कल्याण की योजनाओं की निगरानी करना व सरकारी योजनाओं- कार्यक्रमो की जानकारी देना मा0 मुख्यमंत्री जी की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। जिसकी समीक्षा मा0 मुख्यमंत्री जी के स्तर से निरन्तर की जा रही है। महिला कल्याण की योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओ -बालिकाओं को जागरूक, सशक्त करना व उनकी सुरक्षा में इजाफा कराना आदि कर उनको सशक्त बनाना है। वर्तमान सरकार में महिलाएन बालिकाए अपने को ज्यादा सहज और सुरक्षित महसूस करने लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि महिला कल्याण की योजनाओं में बहाना नही परिणाम चाहिए शिथिलता व लापरवाही किसी भी स्तर पर क्षम्य नही होगी।

महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओ का उद्देश्य महिलाओं, बालिकों व किशोरियों को जागरूक कर सशक्त बनाना: आराधना शुक्ला


प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि महिलाओं बालिकाओं के विरूद्ध किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जाये, समस्त हानिकारक प्रथा कुप्रथा आदि को समाप्त करने के साथ ही राजनैतिक आर्थिक तथा लोकजीवन में निर्णय लेने हेतु महिलाओं का समर्थन करे यह अधिकारी सुनिश्चित करे। प्रमुख सचिव ने महिला कल्याण से जुड़े कार्यालयों - योजनाओं का व जमीनी स्तर से सत्यापन के लिए 21 महिला संस्थाओं के निरीक्षण हेतु टीम गठित कर नामित अधिकारी भी किये। महिला बन्दीगृह, महिला चिकित्सालय, महिला थाना, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय रैन-बछरावा, थुलवासा-अमावां, बाला-हरचन्दपुर, अलावलपुर- दीनशाह गौरा, पूरे कुमेदान-जगतपुर, छतो, चन्द्रभूषण गंज-डलमऊ, डीह, खीरों, पारा कला-महाराजगंज, बेला-भेला राही, उमरन-रोहनिया, सूची-सलोन, चैबारा-सतावं, चन्दापुर-शिवगढ़ व कैथवल-ऊँचाहार में ना.मित अधिकारियों की निरीक्षण हेतु टीम भेजकर रिपोर्ट मांगी और निर्देश दिये कि निरीक्षण में किसी भी प्रकार की सत्याता को न छिपाये ताकि कमियों को दुरूस्त किया जा सके।


बैठक में प्रमुख सचिव को जिलाधिकारी नेहा शर्मा व पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगाई, मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार ने बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं, कन्या सुमंगला योजना, घरेलू हिंसा के प्रकरणों, एनटी रोमियों अभियान, बालिका सुरक्षा अभियान, पाकसो अभियान, कुपोषण, टीकाकरण, संस्थागत प्रस्व, एएनसी चेकअप, महिला अस्पतालों की समीक्षा, किशोरियों में एनीमिया, बालिकाओं के कोशल विकास कार्यक्रमों आदि की विस्तार से प्रगति के बारे में चर्चा की गई।