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एमएलसी दिनेश प्रताप और उनके भाइयों को मिली क्लीन चिट, तो विधायक अदिति सिंह ने कर दिया ये बड़ा ऐलान

Nitin Srivastva

Publish: Jul 19, 2019 14:51 PM | Updated: Jul 19, 2019 14:51 PM

Raebareli

- अदिति सिंह (Aditi Singh) मामले में फोरेंसिक लैब में खुलासा

- नहीं हुआ था अदिति सिंह (Congress MLA Aditi Singh) पर हमला, आपस में टकराई थीं गाड़ियां

- एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह (MLC Dinesh Pratap Singh) और उनके भाइयों को क्लीन चिट

रायबरेली . सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के संसदीय क्षेत्र रायबरेली (Raebareli) में 14 मई को लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर जिला पंचायत अध्यक्ष के अविश्वास प्रस्ताव (Avishwas Prastav) को लेकर हुई हिंसा के मामले में एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह (MLC Dinesh Pratap Singh), उनके भाई जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह, गणेश सिंह समेत दूसरे आरोपियों को जांच में क्लीनचिट दे दी गई है। लखनऊ फोरेंसिक लैब (Lucknow Forensic Lab) की जांच में जो खुलासा हुआ है उसके मुताबिक सदर विधायक अदिति सिंह (Congress MLA Aditi Singh) पर हमला नहीं किया गया था, बल्कि उनकी गाड़ी टकराई थी। फोरेंसिक लैब में इस बात की पुष्टि होने के बाद हरचंदपुर पुलिस ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। वहीं इस मामले में कहा कि मैं एक पढ़ी लिखी विधायक हूं। इंसाफ पाने के लिए हथियार से नहीं, बल्कि कानूनी लड़ाई लड़ूंगी। मैं इसके लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक जाऊंगी।

 

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एमएलसी पर लगाए थे आरोप

दरअसल पूर्व विधायक अखिलेश सिंह (Akhilesh Singh) की बेटी सदर विधायक अदिति सिंह (Aditi Singh) ने 25 मई को लिखवाई एफआईआर में आरोप लगाया था कि 14 मई को वह लखनऊ से रायरेली की तरफ आ रही थीं। तभी रास्ते उन्हें जान से मारने की नियत से उनकी गाड़ी में मिनी ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे उनकी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। मौैके पर मौजूद एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह (MLC Dinesh Pratap Singh) ने जान से मारने की नियत से हमला किया। उन्होंने पीछे से आ रही गाड़ियों में बैठकर भागकर अपनी जान बचाई।

 

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जांच में दिनेश प्रताप सिंह को क्लीन चिट

इस मामले की जांच रायबरेली जिले की हरचंदपुर थाने की पुलिस ने की। सदर विधायक अदिति सिंह ( Aditi Singh) पर हमला किया गया था या फिर वह हादसे का शिकार हुई थीं, इसकी जांच फोरेंसिक टीम कर रही थी। टीम ने घटनास्थल का जायजा लेकर साक्ष्य एकत्र किए। विधि विज्ञान प्रयोगशाला महानगर (लखनऊ) की जांच में पाया गया कि फॉर्च्युनर, स्कार्पियो और होंडा अमेज के आपस में टकराने के कारण यह घटना हुई थी। फोरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक विधायक पर हमला नहीं किया गया था, बल्कि हाईवे पर अदिति सिंह (Aditi Singh) के साथ हुई घटना एक हादसा थी। इस पर हरचंदपुर पुलिस इस मुकदमे को खारिज करते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी है। ऐसे में एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह (MLC Dinesh Pratap Singh), उनके भाइयों समेत अन्य को क्लीनचिट मिल गई है।

 

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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक लड़ूंगी लड़ाई

वहीं इस मामले में कांग्रेस की सदर विधायक अदिति सिंह (Aditi Singh) ने कहा कि हरचंदपुर थाने में लिखाए गए मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगने की जानकारी मिली है। इस मामले में पुलिस अफसरों की मनमानी खुलकर सामने आई है। केस में फाइनल रिपोर्ट लगाए जाने से ही साफ है कि यहां पर कानून व्यवस्था की क्या हालत हो गई है। मैं एक पढ़ी लिखी विधायक हूं। इंसाफ पाने के लिए हथियार से नहीं, बल्कि कानूनी लड़ाई लड़ूंगी। मैं इसके लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) तक जाऊंगी।

 

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