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शिव के जयकारों से गूंज उठा कांठल

Devi Shankar Suthar

Publish: Aug 12, 2019 20:16 PM | Updated: Aug 12, 2019 20:16 PM

Pratapgarh


झांकियां, गेर नृत्य रहे आकर्षण का केन्द्र
जुलूस के दौरान शिवभक्ति के साथ ही देशभक्ति के गीत भी गूंजे


झांकियां, गेर नृत्य रहे आकर्षण का केन्द्र
जुलूस के दौरान शिवभक्ति के साथ ही देशभक्ति के गीत भी गूंजे
प्रतापगढ़. श्रावण के अंतिम सोमवार को आदिवासियों के हरिद्वार गौतमेश्वर और शहर के प्रमुख दीपेश्वर महादेव की शाही सवारी निकाली गई। इस दौरान वातावरण शिव के जयकारों से गूंज उठा। प्रतापगढ़ शहर में निकाली गई शाही सवारी दोपहर को ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों व डीजे के साथ बाणमाता मंदिर किला परिसर से निकाली गई। जो शहर के विभिन्न इलाकों से होते हुए गांधी चौराहे पर पहुंची। यहां विभिन्न संगठनों की ओर से स्वागत किया गया। यहां से विभिन्न मार्गों से होते हुए शाही सवारी दीपेश्वर मंदिर पहुंची। जहां पूजा-अर्चना और अभिषेक किए गए। शाही सवारी में एक खुली जीप में दीपेश्वर की आकर्षक झांकी सजाई गई। श्रद्धालुओं ने शहर में जगह-जगह पूजा-अर्चना की। यहां जुलूस के प्रारंभ में युवा शिवभक्ति के गीतों पर नाचते गाते चल रहे थे तो गांधी चौराहे पर आते आते उन पर देशभक्ति का रंग चढ़ गया और डीजे पर देशभक्ति के गीत बजने लगे। शाही सवारी की शहर में विभिन्न स्थानों पर पूजा-अर्चना की गई।सदर बाजार, मुख्य बाजार, गांधी चौराहे पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की गई।
शिवमय हुआ अरनोद: कांठल के हरिद्वार कहे जाने वाले गौतमेवर महादेव की शाही सवारी धूमधाम से निकाली गई। गौतमेश्वर भक्त मण्डल की ओर से शाही सवारी का आयोजन किया गया। जिसमे दूर-दराज व आस-पास क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शाही सवारी सुबह गौतमेश्वर महादेव से शुरू हुई। जो अरनोद पहुंची। शाही सवारी में सबसे आगे शिव प्रतीक व नन्दी पीछे ध्वजा लिए घुड़सवार चल रहे थे। उसके पीछे बैंडबाजे भक्ति गीतों स्वर लहरिया बिखेरते चल रहे थे। डीजे की थाप पर महिलाए व पुरूष डांण्डिया नृत्य करते हुए चल रहे थे। सवारी में कई महिलाएं व पुरूष ढोल की ढाप पर भी नृत्य करते हुए चल रहे थे। शाही सवारी में ट्रेक्टर में शिव परिवार की झांकिया सजाई गई। बग्गी में विराजित गौतमेश्वर महादेव व मंगलेश्वर महादेव के विग्रह की झांकी चल रही थी। शाही सवारी में पारम्परिक वेशभूषा में आदिवासी का गेर नृत्य तथा महादेव के पीछे तोप द्वारा व गुलाब के फूलों की वर्षा आकर्षण का केन्द्र रहा। शाही सवारी के गौतमेश्वर पहुंचने पर भक्त मण्डल द्वारा महाअभिषेक किया गया। शाम को गौतमेश्वर में हजारों की तादाद में श्रद्धालु पहुंचे। शाही सवारी में विधायक रामलाल मीणा भी पहुंचे।
उचक्कों ने मंगलसूत्र उड़ाया: अरनोद में निकाली गई शाही सवारी में एक महिला का मंगल सुत्र चोरी हो गया। कस्बे के राम भाटी की पत्नी रीना यहां गौतमेश्वर रोड पर शाही सवारी देखने गई थी। इस दौरान उसका मंगल सूत्र किसी ने चोरी कर लिया। तब उसे पता नहीं चला। जब वह घर आई तो उसके गले से मंगल सूत्र गायब था।
लोक नृत्य व शिव तांडव नृत्य रहा विशेष
अरनोद में निकाली शाही सवारी में राजस्थानी लोक नृत्य व शिव तांडव नृत्य पर श्रद्धालु ने झुमते हुए नजर आए। हर झांकी के पीछे श्रद्धालु झूम रहे थे। शाही सवारी इतनी विशाल थी कि प्रतीक चिन्ह अरनोद तो महादेव एक किलोमीटर दूर थे।