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न सुनामी हिला पाया-ना ही भूकंप, 7 हाथी भी नहीं कर पाये टस से मस

Devendra Kashyap

Publish: Oct 12, 2019 16:42 PM | Updated: Oct 12, 2019 16:42 PM

Pilgrimage Trips

पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति को महाबलीपुरम के कई दर्शनीय स्थलों पर लेकर गए। दोनों नेताओं के मुलाकात की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

दो दिवसीय दौरे पर भारत आये चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात महाबलीपुरम में हुई। इस दौरान पीएम मोदी चीनी राष्ट्रपति को महाबलीपुरम के कई दर्शनीय स्थलों पर लेकर गए। दोनों नेताओं के मुलाकात की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।

दरअसल, दुनिया में एक से बढ़कर एक चमत्कारी और रहस्यमयी चीजें हैं, जिनके रहस्य आज तक सुलक्ष नहीं पाया। ऐसा ही एक रहस्यमयी पत्थर महाबलीपुरम में भी मौजूद है, जिसे देखने चीनी राष्ट्रपति को दिखाने के लिए पीएम मोदी लेकर गए थे। बताया जाता है कि यह पत्थर करीब 1300 साल पुराना है।

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बताया जाता है कि विशालकाय यह पत्थर बहुत ही छोटे से क्षेत्र पर टिका हुआ है। देखने से तो ऐसा लगता है कि यह पत्थर थोड़ी सी हलचल से कभी भी लुढक सकता है लेकिन पिछले 1300 साल से यह पत्थर ऐसे ही यहां पड़ा है। आज तक यह टस से मस नहीं हुआ। अब तक यह कई सुनामी और भूंकप को भी झेल चुका है लेकिन इसका कुछ नहीं हुआ।

बताया जाता है कि इस पत्थर की ऊंचाई 20 फीट और चौड़ाई 5 फीट है, लेकिन ये पत्थर जिस तरह से अपनी जगह पर टिका है, वो अनोखा बनाता है। बताया जाता है कि एक बार इसे 7 हाथियों से भी खिंचवाया गया था लेकिन यह पत्थर एक इंच भी नहीं खिसका।

krishnas butter ball

दरअसल, यह पत्थर 1908 में सुर्खियों में आया था। बताया जाता है कि मद्रास के गवर्नर आर्थर लावले ने इस पत्थर को 7 हाथियों से खिंचवाया लेकिन 7 हाथी भी मिलकर इस पत्थर को इंच भर भी नहीं हिला पाए। उसी वक्त से लोग इस पत्थर को 'बटर बॉल' के नाम से जानते हैं।

इस रहस्य को पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने भी अथक प्रयास किया लेकिन पत्थर के रहस्य को आज तक पता नहीं लगा सके। अभी तक ये भी पता नहीं चल सका कि ये पत्थर इंसानों द्वारा खड़ा किया गया है या प्रकृति द्वारा और कैसे इतने छोटे से क्षेत्र में यह विशालकाय पत्थर टिका हुआ है।