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उत्तर भारत का 'सोमनाथ' है यह मंदिर, सुबह होने के कारण निर्माण रह गया अधूरा

Devendra Kashyap

Publish: Aug 10, 2019 11:23 AM | Updated: Aug 10, 2019 11:26 AM

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Bhojeshwar temple : इस मंदिर का निर्माण सिर्फ एक रात में किया गया था। बताया जाता है कि सुबह हो जाने के कारण इसका निर्माण अधूरा रह गया।

मध्य प्रदेश ( madhya pradesh ) की राजधानी भोपाल ( Bhopal ) से 32 किलोमीटर दूर स्थित है भोजपुर। इससे लगती हुई पहाड़ी पर एक विशाल शिव मंदिर ( Lord Shiva ) है, जिसे भोजेश्वर मंदिर ( Bhojeshwar temple ) के नाम से जाना जाता है। इस शिव मंदिर का निर्माण परमार वंश के प्रसिद्ध राजा भोज (1010 ई-1055 ई ) द्वारा किया गया था। इस मंदिर का विशाल शिवलिंग ( shivling ) है। यह शिवलिंग विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग है। इस शिवलिंग की लम्बाई 5.5 मीटर (18 फीट ), व्यास 2.3 मीटर ( 7.5 फीट ) और केवल शिवलिंग की लम्बाई 3.85 मीटर (12 फीट ) है।

 

bhojeshwar temple

 

एक रात में बनाया गया था मंदिर

बताया जाता है कि इस मंदिर का निर्माण सिर्फ एक रात में किया गया था। लोग कहते हैं सुबह हो जाने के कारण इसका निर्माण अधूरा रह गया, जो आज भी वैसा ही है। हालांकि इसके पीछे के स्पष्ट कारण के बारे में कोई नहीं जानता। इस मंदिर के पीछे वाले भाग में ढलान है, जिसका इस्तेमाल मंदिर को बनाने में उपयोग में आने वाले विशाल पत्थरों को ढोने के लिए किया गया था।

bhojeshwar temple


इस्लाम के आगमन के पहले हुआ था निर्माण

इस मंदिर का निर्माण भारत में इस्लाम के आगमन के पहले हुआ था। मंदिर में गुम्बदाकार छत भी है। ऐसा माना जाता है कि गर्भगृह के ऊपर बनी अधूरी गुम्बदाकार छत से ही भारत के मंदिरों में गुम्बद निर्माण प्रचलन में आया। कुछ विद्धान इसे ही भारत में सबसे पहले गुम्बदीय छत वाली इमारत मानते हैं। मंदिर का दरवाजा भी किसी हिंदू घर के इमारत के दरवाजों में सबसे बड़ा है।

bhojeshwar temple

फैक्ट्स

  1. मंदिर की 40 फीट ऊचाई वाले चार स्तम्भ हैं। गर्भगृह की अधूरी बनी छत इन्हीं चार स्तंभों पर टिकी है।
  2. भोजेश्वर मंदिर के विस्तृत चबूतरे पर ही मंदिर के अन्य हिस्सों, मंडप, महामंडप तथा अंतराल बनाने की योजना थी।
  3. ऐसा मंदिर के निकट के पत्थरों पर बने मंदिर-योजना से संबद्ध नक्शों से पता चलता है।
  4. यहां वर्ष में दो बार वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है जो मकर संक्रांति व महाशिवरात्रि पर्व के समय होता है।
  5. महाशिवरात्रि पर यहां तीन दिवसीय भोजपुर महोत्सव का भी आयोजन किया जाता है।
  6. भोजपुर शिव मंदिर के बिलकुल सामने पश्चमी दिशा में एक गुफा है जो कि पार्वती गुफा के नाम से जानी जाती है।
  7. यहां पुरातात्विक महत्तव की अनेक मुर्तियां हैं।
  8. भोजपुर में एक अधूरा जैन मंदिर भी है।
  9. इस मंदिर में भगवन शांतिनाथ की 6 मीटर ऊंची मूर्ति है।
  10. इस मंदिर में लगे एक शिलालेख पर राजा भोज का नाम लिखा है।
  11. सावन महीने में भी भक्त यहां शिव जी की पूजा करने आते हैं।