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केबीसी की इनामी राशि से पिता की टी स्टॉल को रेस्तरां में बदलेंगे जयपुर के पंकज

Anurag Trivedi

Publish: Nov 04, 2019 17:25 PM | Updated: Nov 04, 2019 17:25 PM

Patrika plus

केबीसी की हॉट सीट पर पहुंचे शहर के पंकज माहेश्वरी, आठ साल से कर रहे थे तैयारी, उन्होंने कहा कि अब सीए की पढ़ाई भी पूरी कर पाउंगा

जयपुर. बचपन से अमिताभ बच्चन को 'कौन बनेगा करोड़पतिÓ शब्द बोलते हुए सुनते आ रहा हूं, एेसा कोई साल नहीं है, जब मैंने केबीसी को मिस किया हो। पिछले आठ साल से तो इसकी तैयारी में भी लगा हुआ था, चार साल पहले ऑडिशन के लिए कॉल आ गया था, लेकिन इसे क्लियर नहीं कर पाया। अब जाकर मेरा सपना पूरा हुआ है, यह मेरे लिए भी बहुत गर्व की बात है कि देश के इतने बड़े एक्टर के सामने बैठकर उनके सवालों का जवाब देना सबसे यादगार लम्हों में शामिल है। यह कहना है, केबीसी की हॉट सीट पर पहुंचे जयपुर के पंकज माहेश्वरी का। पत्रिका प्लस से बात करते हुए पंकज ने कहा कि जब ऑडिशन राउंड क्लियर किया और फास्टेट फिंगर वाली एक्टिविटी में पहुंचा तो वहां अमिताभ बच्चन साहब ने बहुत हौसला बढ़ाया, उन्होंने हमेशा मोटिवेट करते हुए प्रेरणास्पद मैसेज दिए।

जॉइंट फैमिली को देखकर बहुत खुश हुए
पंकज ने बताया कि आज भी हम जॉइंट फैमिली में रहते हैं और मेरी परवरिश बड़े पापा ने की है। जिस तरह से हमारे परिवार ने हम बच्चों के लिए बीड़ा उठाया है, उसे देखकर अमिताभजी बहुत इम्प्रेस हुए थे। मेरे परिवार ने बहुत स्ट्रगल किया है, पिता चाय की स्टॉल लगाया करते थे। मां कम उम्र में ही हमारा साथ छोड़ कर भगवान के पास चली गई। इसी दौरान पिता की चाय की स्टॉल और घर गवर्नमेंट प्रोजेक्ट के चलते टूट गया। यह हमारे लिए बहुत टफ समय था, पिता पूरी तरह टूट चुके थे। एेसे में बड़े पापा ने हमें संभाला और अपने पास रखकर हमारी पढ़ाई लिखाई करवाई। तीनों बहनों के साथ मैंने खुद इस काबिल बनाने का निर्णय लिया कि हर परिस्थिति में हम परिवार के साथ खड़े रहें। मैंने सीए इंटर पासआउट किया, लेकिन कुछ कारणों की वजह से फाइनल नहीं कर पाया। इसके बाद नेट क्लियर किया और टेक्स कंसलटेंसी का काम शुरू कर दिया।

परिवार के लिए बहुत कुछ करना है
उन्होंने कहा कि अभी जीती हुई रकम के बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता सकता, लेकिन जो भी राशि आएगी, सबसे पहले अपने पिता की टी-स्टॉल को एक बड़े रेस्तरां में कन्वर्ट करूंगा। वहीं अपने पुराने घर को भी फिर से ठीक करवाऊंगा। साथ ही सीए फाइनल की पढ़ाई भी पूरी करने की प्लानिंग है। मेरे परिवार के लिए अभी मुझे काफी कुछ करना है। केबीसी पर बिताए पूरे वक्त को कभी नहीं भूल सकता हूं। अमिताभजी जैसा सिम्पल आदमी मैंने आज तक नहीं देखा है, उनके सवाल पूछने के अंदाज से लेकर देवियों-सज्जनों शब्द सुनने की बार-बार इच्छा होती है।

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