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लाइट ऑफ एशिया हैं बुद्ध के विचार: रामनाथ कोविंद

Navneet Sharma

Publish: Oct 25, 2019 17:38 PM | Updated: Oct 25, 2019 17:38 PM

Patna

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि बुद्द के विचार,बोधिसत्व, सुख,धर्म,शांति आज भी पूरे विश्व के अशांत माहौल में बेहद प्रासंगिक हैं।उन्होंने बुद्ध के विचारों को लाइट ऑफ एशिया बताया।उन्होंने कहा कि विश्व के अशांत माहौल मेनजीवन की निरंतरता के लिए बुद्ध के करीब जाना ही होगा।

राजगीर(नालंदा) .प्रियरंजन भारती।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि बुद्द के विचार,बोधिसत्व, सुख,धर्म,शांति आज भी पूरे विश्व के अशांत माहौल में बेहद प्रासंगिक हैं।उन्होंने बुद्ध के विचारों को लाइट ऑफ एशिया बताया।उन्होंने कहा कि विश्व के अशांत माहौल मेनजीवन की निरंतरता के लिए बुद्ध के करीब जाना ही होगा।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजगीर की रत्नागिरी पर्वत के शिखर पर विश्व शांति स्तूप के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन करते हुए ये बातें कहीं। ज्ञानप्राप्ति के बाद महात्मा बुद्ध बोधगया से राजगीर की रत्नागिरी पर्वतमाला पल पहुंचे और ध्यानमग्न हुए थे।इस समारोह के लिए उसी रास्ते 17अक्तूबर को बोधगया से चलकर विभिन्न देशों के 40बौद्धभिक्षु 22अक्तूबर को राजगीर पहुंचे।इनके अतिरिक्त जापान,इटली, अर्जेंटिना, थाईलैंड, भूटान, श्रीलंका, चिली, तिब्बत,आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, स्पेन,बुडापेस्ट और अमेरिका से 300प्रतिनिधि भी यहां पहुंचे।शुक्रवार को रत्नागिरी पर्वत के शिखर पर शांति स्तूप की स्थापना की गई।
उद्घाटन और शांति स्तूप की पूजार्चना के बाद राष्ट्रपति ने कहा,शांति के बगैर बेहतर जीवन की कल्पना असंभव है।भगवान बुद्ध हमें विश्वशांति के लिए प्रेरित कर रहे हैं। बुद्ध के विचारों और उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाले।उन्होंने बुद्ध के विचारों के व्यक्तिगत स्तरों पर पडऩे वाले प्रभावों के साथ सामाजिक साझेदारी की बात भी कही।
राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी के विचारों में बुद्ध की अहिंसा का उपदेश झलकता है।उन्होंने. कहा कि बिहार का राज्यपाल रहते मैं भी विश्वशांति स्तूप के वार्षिकोत्सव में शामिल होता रहा हूं।उन्होंने एशिया यूरोप के डेलीगेट्स को विश्वशांति का दूत बताया।

राष्ट्रपति ने कहा कि जापानी धर्मगुरु फुजि गुरु जी और गांधी ने विश्वशांति की राह चलने की प्रेरणा दी।कोविंद ने कहा कि 45साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी भाई देशाई के आवास पर मैं फुजि गुरु जी से मिल चुका हूं।उद्घाटन समारोह में सपत्नीक पहुंचे राष्ट्रपति समारोह में शिरकत करने के बाद नई दिल्ली वापस लौट गये।पटना पहुंचने पर राष्ट्रपति का राज्यपाल भागु चौहान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,उपमुख्यमंत्री सुशील. मोदी समेत सरकार के कई मंत्री और विधायकों ने पटना हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया।
समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विश्व आज असहिष्णुता के दौर से गुजर रहा है।ऐसे में बौद्ध धर्म के माध्यम से समाधान तलाशने के लिए समारोह बेहद उपयोगी सिद्ध होगा।उन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय की ऐतिहासिकता पर प्रकाश डाले और कहा कि एक समय विश्वभर की ज्ञानप्रप्ति का यह अद्भुत स्थल रहा है।उन्होंने कहा कि फुजि गुरु जी ने ही विश्वशांति स्तूप का निर्माण किया।आधारशिला तत्कालीन राष्ट्रपति राधाकृष्णन और वीवी गिरी ने रखी।यह सुंदर संयोग है कि इसकी 50वीं वर्षगांठ पर महामहिम राष्ट्रपति ने उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर रोपवे की स्थापना फुजि गुरु जी ने ही की थी।

1969में जयप्रकाश नारायण भी रोपवे की यात्रा कर चुके हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत कम लोग जानते हैं कि गांधी जी ने तीन बंदरों के जरिए जो बुरा नहीं बोलने, नहीं देखने और बुरा नहीं सुनने के संदेश दुनिया को दिए वे फुजि गुरु जी ने ही गांधी जी को दिए थे।
इस मौके पर राज्य सरकार के उपमुख्यमंत्री समेत क ई अन्य मंत्री और विधायक भी उपस्थित रहे।

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