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'फागू चौहान' बने बिहार के नए राज्यपाल, घोसी में पहली बार खिलाया था 'कमल'

Prateek Saini

Publish: Jul 20, 2019 16:51 PM | Updated: Jul 20, 2019 16:51 PM

Patna

Bihar Governor Fagu Chauhan: फागू चौहान (Fagu Chauhan) के सियासी सफर पर नजर डाले तो लंबा राजनीतिक संघर्ष (Fagu Chauhan Life Story) देखने को मिलेगा।

(पटना): बिहार समेत कई राज्यों में आज राज्यपालों का तबादला किया गया हैं। वहीं कई राज्यों को नए राज्यपाल ( new governor ) मिले हैं। फागू चौहान ( BIHAR GOVERNOR Fagu chauhan ) को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया। बिहार से राज्यपाल लाल जी टंडन ( Lal Ji Tandon ) का तबादला कर मध्यप्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है।


इन राज्यों को मिले नए राज्यपाल

 

नए राज्यपाल फागू चौहान की गिनती उत्तरप्रदेश के दिग्गज पिछड़े वर्ग के नेताओं के तौर पर की जाती हैं। चौहान वर्तमान में उत्तरप्रदेश, मऊ जिले के घोसी से भाजपा विधायक और राज्य पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष हैं। इसी के साथ आर.एन रवि को नागालैंड का राज्यपाल बनाया गया है। मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ( anandiben patel ) का तबादला कर बतौर उत्तर प्रदेश राज्यपाल उनकी नियुक्ति की गई है। जगदीप धनखड़ को पश्चिम बंगाल और रमेश बैस को त्रिपुरा का राज्यपाल बनाया गया है।


'दमकिपा' से शुरूआत कर फागू ने दिखाया 'भाजपा' में कमाल

 

Bihar Governor Fagu Chauhan

फागू चौहान के सियासी सफर पर नजर डाले तो लंबा राजनीतिक संघर्ष देखने को मिलेगा। पिछड़े वर्ग के नेता की छवि रखने वाले फागू चौहान का जन्म 1 जनवरी 1948 को हुआ था। वह मूलत: उत्तरप्रदेश के आजमगढ के शेखपुरा गांव के रहने वाले हैं। फागू चौहान ने चौधरी चरण सिंह की पार्टी 'दलित मजदूर किसान पार्टी' (दमकिपा) से राजनीति में एंट्री की। दमकिपा की टिकट पर पहली बार 1985 में चुनाव लड़ वह घोसी विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने। इसके बाद उन्होंने 1991 में 'जनता दल' को घोसी में जीत दिलाई।

1996-घोसी में बीजेपी की पहली जीत

Bihar Governor Fagu Chauhan

1996 में उपचुनाव में उन्होंने बीजेपी को पहली बार जीत दिलाई। 2002 में उन्होंने फिर बीजेपी ( BJP ) के टिकट पर जीत हासिल की। लंबे समय तक बीजेपी के साथ रहने वाले फागू चौहान ने 2006 में बसपा का दामन थाम लिया। 2007 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़कर उन्होंने अपनी लंबी जीत को बरकरार रखा। लगातार जीत हासिल करने वाले फागू चौहान को 2012 में सपा उम्मीदवार सुधाकर सिंह के सामने हार का स्वाद चखना पड़ा। 2014 में फागू चौहान ने पुन: बीजेपी में वापसी की और 2017 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा। फागू चौहान ने फिर जीत अपने नाम की। दिग्गज नेता फागू चौहान ने कई बार मंत्री पद की भी जिम्मेदारी निभाई। पिछड़े वर्ग में फागू की लोकप्रियकता और पकड़ को देखते हुए राज्य पिछड़ा वर्ग का अध्यक्ष बनाया गया। इनके लंबे राजनीतिक अनुभव और पार्टी में वरिष्ठता को देखते हुए राष्ट्रपति ( President Ramnath Kovind ) की ओर से इन्हें बिहार का राज्यपाल बनाया गया है।

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