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बच्चा भावुक है, घबराता-रोता है तो ऐसे रखें खयाल

Manish Kumar Singh

Publish: Jan 19, 2019 05:02 AM | Updated: Jan 18, 2019 15:18 PM

Parenting

जो बच्चे भावुक होते हैं उनमें घबराहट या चीजों को सहन करने की क्षमता बहुत कम होती है।

सवाल: नौ साल का बच्चा चौथी क्लास का स्टूडेंट है और बहुत भावुक है। स्कूल में कुछ बात हो जाए तो वह बुरा मान जाता है और रोने लगता है जिससे उसका पूरा दिन खराब हो जाता है। मैने कई बार उसे समझाने की कोशिश की जिससे जिससे वे दूसरे बच्चों के साथ घुलमिल जाए पर कुछ नहीं हुआ। मैं क्या करूं?

जवाब: जैसा कि आपने बताया है कि आपका बच्चा भावुक है। वह कभी-कभी खुद को असहाय महसूस करता है। ऐसे में आपको सबसे पहले ये समझना होगा कि वह कितना भावुक है ताकि उसकी समस्या को हल किया जा सके। जो बच्चे भावुक होते हैं उनमें घबराहट या चीजों को सहन करने की क्षमता बहुत कम होती है। आपके बच्चे के साथ ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि उसकी उम्र बहुत कम है लेकिन उसे इसी उम्र से संभालना होगा। बच्चे की समस्या जानने के लिए उसके शिक्षकों से मिलें। बच्चे को आप अपने स्तर से पूरा सहयोग करें ताकि वह मानसिक और भावनात्मक रूप से मजबूत बन सके और चीजों को सहन कर सके।

समस्या को नजरअंदाज न करें
बच्चे को इस तरह की समस्या है तो उसे नजरअंदाज न करें। ऐसा करने से बच्चा कुछ दिन तो डरा-सहमा रहेगा लेकिन बाद में उसके भीतर से भावनाएं खत्म हो जाएंगी और धीरे-धीरे गुस्सैल होने के साथ ढीठ बन जाएगा। बच्चा जब स्कूल संबंधी किसी बात को बता रहा है तो उसकी बात ध्यान से सुनें। उसकी बातों से आपको तय करना होगा कि उसे कैसे समझाना है और उसकी देखभाल कैसे करनी है। इसमें खुद के साथ स्कूल के शिक्षकों और प्ले थैरेपिस्ट की मदद लेंगे तो बच्चे में सुधार देखेंगे।

मेघन लीह, पैरेंट कोच, वाशिंगटन पोस्ट से विशेष अनुबंध के तहत