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छत्रसाल कॉलेज के प्रवेश द्वार से हटे वाहन और कबाड़

Shashikant Mishra

Publish: Dec 07, 2019 12:11 PM | Updated: Dec 07, 2019 12:11 PM

Panna

प्रवेश द्वार के पास जाली लागाकर किया गया पौधरोपण
परिसर में अभी भी नहीं हो पाई समुचित साफ-सफाई

पन्ना. जिले के सबसे बड़े उच्च शिक्षण संस्थान छत्रसाल महाविद्यालय की अव्यवस्थाओं को लेकर पत्रिका द्वारा समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। कॉलेज के प्रवेश द्वार पर रखे एक तरफ के वहनों को हटाकर वहां साफ-सफाई कराई गई और उसके बाद वहां बाड़ी लागाकर पौधे लगा दिए गए हैं। इससे अब उम्मीद की जा रही है कि कॉलेज के इस प्रवेश द्वार की ओर अब स्थानीय लोग कचरा नहीं डालेंगे।

छत्रसाल कॉलेज के प्रवेश द्वार को यहां वाहनों की रिपेयरिंग करने वाले दुकानदारों ने गराज में तब्दील कर दिया था। साथ ही दुकानों से निकलने वाले कचरे को भी कॉलेज के प्रवेश द्वार के ही पास फेक दिया जाता था। इससे यहां दिनभर आवारा मवेशी खड़े रहते थे। पत्रिका द्वारा बीते दिनों कॉलेज की इस समस्या को लेकर प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और प्रवेश द्वार की सफाई करा दी गई है। यहां बाड़ी लागाकर फूल भी लगा दिए गए हैं।


नहीं हुई परिसर की साफ-सफाई
अभी तक सुधार की प्रक्रिया सिर्फ गेट तक ही सीमित दिखी है। पूरे कॉलेज परिसर में पूर्व की तरह ही गंदगी बिखरी हुई है। दर्जनों स्थानों पर धोड़ों की बीट पड़ी हुई है। शुक्रवार की दोपहर में तहसीलदार दीपा चतुर्वेदी ने जब कॉलेज का निरीक्षण किया उस समय भी कॉलेज में पुरुष प्रसाधन के पास बड़ी मात्रा में कचरा पड़ा हुआ था और वहां ***** ,बकरियां और कुत्ते घूम रहे थे। पुरुष प्रसाधन तक पहुंचने के लिए मार्ग तक नहीं है। स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन भवन के पीछे हिस्से को आसपास रहने वालों ने कूड़ादान बना लिया है। कॉलेज के गेट के आसपास संचालित दुकानों के दुकानदारों के लिए यूरिनर की कोई व्यवस्था नहीं है। इससे कई लेागों को कॉलेज की दीवार को साइकिल स्टैंड के बीच की गली को यूरिनर के रूप में उपयेाग करते हैं। इसके अलावा छत्रसंघ भवन और गल्र्स कामन रूप के बीच के हिस्से का भी कॉलेज के छात्र यूरिनर के रूप में उपयोग कर रहे हैं। यह बेहद ही शर्मानाक है।


काम चलाऊ प्राचार्य बढ़ा रहे कॉलेज का दर्द
गौरतलब है कि जिले के अग्रणी महाविद्यालय छत्रसाल कॉलेज में बीते कई सालों से स्थायी प्राचार्य नहीं है। कॉलेज को जो भी प्राचार्य मिल रहे हैं उनके रिटायरमंड के चंद महीने य एक-दो साल ही शेष होते हैं। ऐसे हालात में यह प्राचार्य संस्थान में कुछ रचनात्मक करने के बजाए टाइम पास कर रहे होते हैं कि किसी तरह से उनका रिटायरमेंट हो जाए और वे जीवनभर की सरकारी नौकरी से मुक्त हों। बताया जाता है कि वर्तमान प्राचार्य आगामी महीने सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इससे वे टाइम पास करने में लगे हैं। इसी तरह से उनके स्थान पर जिन्हें प्रभार मिलने की उम्मीज जताई जा रही है उनकी भी सेवा भी समाप्त होने को कुछ ही महीने शेष बचेंगे। इससे वे भी कॉलेज के लिए कुछ रचनात्मक कर पाएंगे इसकी उम्मीद कम ही है।



कॉलेज के सामने से कार और कचरा हटवा दिया गया है। वहां बाड़ी लगवाकर फूल वाले पौधे रोपित करा दिए गए हैं। तहसीलदार भी कॉलेज आई हुईं थीं। कॉलेज की जो भी समस्याएं हैं उनका आगामी कुछ दिनों में निराकरण कर दिया जाएगा।
रेहान मोहम्मद, अध्यक्ष जन भागीदारी समिति, छत्रसाल कॉलेज पन्ना

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