स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

डब्ल्यूआईआई की कार्यशाला के एजेंडा से हटा केन बेतवा लिंक परियोजना

Shashikant Mishra

Publish: Jan 19, 2020 13:05 PM | Updated: Jan 19, 2020 13:05 PM

Panna

अब सिर्फ बाघों के लिए लैंड स्केप डेवलपमेंट है एजेंडा में शामिल
वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों के विरोध के बाद बैकफुट पर आया डब्ल्यूआईआई

पन्ना. वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई )केन बेतवा लिंक परियोजना को लेकर पन्ना लैंड स्केप पर बाघ प्रबंधन और मॉनीटरिंग की योजना बना रहा है। इसके लिए पन्ना के पर्यटन ग्राम मड़ला में १९ जनवरी को दूसरे दिन भी कार्यशाला चली। केन-बेतवा लिंक परियोजना का मामला सुप्रीम कोर्ट में होने के बाद भी आयोजन में इसे जोड़े जाने को लेकर वाइल्ड लाइफ से जुड़े लोगों द्वारा विरोध किया था। मामले को पत्रिका द्वारा प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था। मामला गर्माने के बाद डब्ल्यूआईआई बैकफुट पर आ गया और कार्यशाला शुरू होने के दिन बैठक के एजेंडा से केन बेतवा लिंक परियोजना को हटा लिया गया।


गौरतलब है कि केन बेतवा परियोजना को लेकर लैंड स्केप डेवलपमेंट प्लान तैयार करने के लिए डब्ल्यूआईआई ने स्टेक होल्डर्स और प्रोफेसनल्स की दो दिनी कार्यशाला रखी थी। कार्यशाला में केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर डेवलपमेंट प्लॉन बनाना था। जिसको लेकर डब्ल्यूआईआई द्वारा पन्ना टाइगर रिजर्व से लगे जिलों के डीएफओ, उत्तर प्रदेश और मप्र के अधिकारी व एक्सपर्ट सहित करीब आधा सैकड़ा लोगों को बुलाया गया था।


आयोजन की वैधानिकता पर ही उठाए थे सवाल
केन बेतवा लिंक परियोजना का मामला सुप्रीम कोर्ट में है । ऐसे हालात में कार्यशाला में केन-बेतवा लिंक परियोजा को लेकर चर्चा किए जाने के औचित्य को लेकर एक्सपर्ट ने सवाल उठाए थे। जिसको पत्रिका द्वारा प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया था। आयोजन को लेकर वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट के मुखर विरोध के बाद डब्ल्यूआईआई बैकफुट पर आ गया और बैठक के एजेंडा से ही केन बेतवा लिंक परियोजना के मॉनीटरिंग के मामले को हटा लिया। यह वाइल्ड लाइफ से जुड़े लोगों की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है।


यह हो सकता है बैठक का हेडन एजेंडा
वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट को आशंका है कि उक्त कार्यशाल के आयोजन का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में इंपावर्ड कमेटी द्वारा दी गई केन बेतवा लिंक परियोजना के निगेटिव रिपोर्ट का काट निकालना है। आशंका है कि नेशनल वाटर डेवलपमेंट अथॉरिटी (एनडब्ल्यूडीए) केन बेतवा लिंक परियोजना के पक्ष में एक एक्सपर्ट की रिपोर्ट तैयार करा रहा है, जो सुप्रीम कोर्ट में इंपॉवर्ड कमेटी की रिपोर्ट के काट का काम कर सके। जिससे एनडब्ल्यूडीए सुप्रीम कोर्ट में यह बता सके कि वाइल्ड लाइफ से जुड़ी संस्था डब्ल्यूआईआई द्वारा केन बेतवा लिंक परियोजना के पक्ष में मत दिया गया है। साथ ही परियोजना के मूर्त रूप लेने से जो निगेटिव इफेक्ट पडऩे वाले हैं उन्हें भी हल करने के उपाए सुझाए जाएंगे। एक्सपर्ट आशंका जता रहे हैं कि डब्ल्यूआईआई द्वारा भले ही बैठक के एजेंडा के केन-बेतवा लिंक परियोजना को हटा लिया गया है पर वह अपनी रिपोर्ट में इसे शामिल कर सकते हैं।

[MORE_ADVERTISE1]