स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

जनवार में आकार ले रहा भारत का सबसे बड़ा स्ट्रीट स्केट बोर्ड पार्क

Shashikant Mishra

Publish: Dec 10, 2019 15:43 PM | Updated: Dec 10, 2019 15:43 PM

Panna

फ्रांस और जर्मनी के आधा दर्जन अंतरराष्ट्रीय स्केट बोर्डर्स पार्क को तैयार करने में दे रहे तकनीकी मदद
10 हजार वर्ग फीट में बन रहे पार्क में अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक के मानकों का रखा जा रहा ध्यान

शशिकांत मिश्रा @ पन्ना. दुनियांभर में भारत के स्केट बोर्डिंग हॉट स्पॉट के रूप में पहचान बना चुके ग्राम जनवार में 10 हजार वर्ग फीट में स्ट्रीट स्केट बोर्डिंग पार्क आकार ले रहा है। इसे तैयार करने में फ्रांस और जर्मनी के आधा दर्जन अंतरराष्ट्रीय स्केट बोर्डर्स तकनीकी मदद कर रहे हैं। जनवार का यह तीसरा स्केट बोर्ड पार्क होगा। इसके तैयार होने के बाद जनवार दुनियंा का पहला ऐसा गांव बन जाएगा जहां जनसंख्या के हिसाब से सबसे अधिक स्केट बोर्ड पार्क हैं।
ग्राम जनवार में स्ट्रीट स्केट बोर्ड पार्क का निर्माण करा रहीं जर्मन समाजसेवी उलरिके रेनहार्ट बताती हैं कि गांव में तीसरे पार्क के निर्माण के लिए उन्होंने १० साल के लिए जमीन लीज पर ली है। पार्क का निर्माण एक पखवाड़े पूर्व शुरू हुआ था और इस साल के अंत तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए यहां रातदिन काम चल रहा है। यह पार्क १० हजार वर्ग फीट में बन रहा है। उनका दावा है कि तैयार होने के बाद यह भारत का सबसे बड़ा स्ट्रीट स्केट बोर्ड पार्क होगा। इसके साथ ही ग्राम जनवार दुनियां का पहला ऐसा गांव बन जाएगा, जहां जनसंख्या के हिसाब से सबसे अधिक स्केट बोर्ड पार्क हैं।


जर्मनी और फ्रांस के टेक्नीशियन कर रहे मार्गदर्शन
स्ट्रीट पार्क को अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक के मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। इसमें तकनीकी सहयोग देने के लिए फ्रांस के स्केट बोर्डर्स जेरोम, लियो और माइक यहां डेरा डाले हुए हैं। इसी प्रकार से जर्मनी से उलरिके सहित बिनी और टिमो सहयोग कर रहे हैं। उनके अलावा दिल्ली के अभिषेक यहां सभी प्रकार की व्यवस्थाएं सम्हाल रहे हैं।


ओलंपिक में होतीं रैप और स्ट्रीट प्रतियोगिताएं
उन्होंने बताया, ओलंपिक में स्केट बोर्डिंग की दो तरह की प्रतियोगिताएं होती हैं रैंप और स्ट्रीट। जनवार में रैंप वाले दो स्केट बोर्ड पार्क पहले से ही हैं, जिसमें एक सीनियर्स के लिए है तो दूसरा ५-६ साल के छोटे बच्चों के लिए। इसलिए यहां तीसरा पार्क स्ट्रीट पार्क बनाया जा रहा है। इस प्रकार से यहां रैंप और स्ट्रीट स्केट बोर्डिंग दोनों प्रकार के खेत का अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक के निमयों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा।


यूरोप में भी होगा तो वहां पसंद करेंगे
उलरिके बताती हैं कि जनवार में बनाया जा रहा स्ट्रीट स्केट बोर्ड पार्क मानकों के हिसाब से इतना बेहतर बनाया जा रहा है कि यदि यूरोप के भी किसी शहर में होता, तो वहां के लोग भी इसे पसंद करते। उन्होंने कहा, आगामी सालों में जनवार देश के स्केट बोर्ड हब के रूप में विकसित हो सकता है।

[MORE_ADVERTISE1]