स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

हरितालिका तीज: पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, शिव-पार्वती की पूजा

Anil Singh Kushwaha

Publish: Sep 03, 2019 19:09 PM | Updated: Sep 03, 2019 19:09 PM

Panna

घरों में बनाए गए विविध पकवान, महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर किया रतजगा

पन्ना. हरितालिका तीज व्रत पर सोमवार की सुबह महिलाओं ने स्नान करने के बाद मंदिरों और घरों में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इससे जिले के शिवालयों में सुबह महिला श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शाम को महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर पूजन के लिए फुलहरा स्थलों में पहुंचीं, जिन्हें आकर्षक तरीके से सजाया गया था। फूलों से सजे फुलहरा के नीचे विराजमान भगवान शिव और माता पर्वती की विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। यह सिलसिला देर रात तक चला। महिलाओं ने रातभर भजन-कीर्तन के साथ जागरण भी किया। कुछ स्थानों पर मुहूर्त के कारण महिलाओं ने दोपहर में ही पूजा-अर्चना कर ली थी।

महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर किया रतजगा
सोमवार को हरितालिका तीज पर्व के चलते सुबह करीब 5 बजे से जिलेभर के शिवालयों में महिलाओं और युवतियों की खासी भीड़ देखी गई। जिला मुख्यालय के साईं मंदिर परिसर स्थित भगवान शिव की प्रतिमा के अलावा बड़ी देवन मंदिर, कामतानाथ मंदिर धाम मोहल्ला, सतना नाका स्थित शिव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में महिलाएं पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचीं। व्रत को लेकर उन महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया जो विवाह के बाद पहलीबार व्रत रख रही थीं। विधि विधान से व्रत पूरा किया।

जिलेभर में महिलाओं ने की पूजा-अर्चना
जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में महिलाओं ने हरितालिका तीज का व्रत रखकर शाम को भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। पर्व को लेकर जिलेभर में उत्साह का माहौल रहा। पूजा-अर्चना के बाद रातभर महिलाओं के भजन-कीर्तन का सिलसिला चलात रहा। सुबह महिलाओं ने फिर स्नान आदि करके देवी पार्वती से अमर सुहाग की कामना की। पर्व को लेकर जिलेभर में उत्सवी माहौल रहा।

ताकि सदा सुहागन रहूं
तीज का व्रत रख रही महिला सुनीता गुप्ता ने बताया, महिलाएं सुहाग की लंबी उम्र के लिए और युवतियां इच्छित वर की प्राप्ति के लिए हरितालिका तीज का व्रत रखती हैं। इस व्रत में पूजा होने के पूर्व पानी तक नहीं पीना होता है। देवकी सिंह ने बताया हरितालिका तीज व्रत साल में महिलाओं द्वारा रखे जाने वाले व्रतों में से सबसे कठिन व्रत माना जात है। व्रत को लेकर बाजार में चौक और बड़ा बाजार चौराहा में कई स्थानों पर फल और पूजन सामग्री की दुकानें लगी रहीं। महिलाओं और परिवार के लोगों ने दिनभर पूजन सामग्री की खरीदारी की।

पकवानों की खुशबू से महके घर
हरितालिका तीज पर विविध प्रकार के पकवान बनाने की परंपरा है। इसी के तहत व्रत पर सोमवार को घरों में गुजिया, खुरमा, सेव सहित अन्य तरह-तरह के पकवान बनाए गए। गुजिया में खोवा का उपयोग होने के चलते कुछ दिनों में खोवे की मंाग बढ़ गई थी। दिनभर पकवानों को बनाने के बाद शाम को जब उन्हें घी और तेल में पकाया गया तो उनकी खुशबू से पूरा घर महक उठा। पूजन के लिए शाम से ही महिलाओं से सजने-संवरने का क्रम शुरू हो गया था। रात को आठ बजे तक महिलाएं पूजन के लिए एक-दूसरे के घरों तक पहुंचने लगी थीं।