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अधूरी कार्यवाही के चलते डीएफओ ने लौटाई फाइल, 22 लाख का भुगतान अटका, फीकी हो सकती है दिवाली

Anil Singh Kushwaha

Publish: Oct 25, 2019 17:11 PM | Updated: Oct 25, 2019 17:11 PM

Panna

22 लाख से ज्यादा का भुगतान अटका

पवई. राज्य शासन के निर्देश हंैं कि वेतन, पेंशन व मजदूरी का भुगतान 24 व 25 अक्टूबर को कर दिया जाए, लेकिन राज्य शासन की मंशा के विपरीत यहां वन विभाग के एसडीओ व डीएफओ की लेट लतीफी से 22 लाख से ज्यादा का भुगतान अटका हुआ है। जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी न हो पाने के कारण गरीब मजदूरों की दीपावली फीकी पड़ सकती है। त्योहार से पहले उनका मेहनताना मिल पाना संभव नहीं लगता है। प्रदेश शासन की ओर से एक पत्र जारी कर सभी विभागाध्यक्षों को आदेशित किया गया है कि माह अक्टूबर के वेतन, पेंशन और मजदूरी का भगतान 24 व 25अक्टूबर को कर दिया जाए।

सरकारी निर्देश के बावजूद जिम्मेदारों ने अटकाया भुगतान
शासन की मंशा के अनुसार मजदूरों को उनकी राशि का भुगतान करने के बजाए। एसडीओ पवई और डीएफओ द्वारा मजदूरी भुगतान के करीब २२ लाख की राशि के प्रमाणिक दस्तावेज इधर से उधर वापस किए जा रहे हैं। जबकि, शासन की मंशा है कि मजदूरों को मजदूरी कार्य का भुगतान दीपावली के पहले करने के लिए कहा गया है। इससे वन विभाग के समस्त कर्मचारियों और अधिकारियों का भी भुगतान दीपावली के पहले कर दिया जाए। लेकिन भुगतान करने के बजाय एसडीओ द्वारा मजदूरों के खातों से पैसा निकालने के लिए वन रक्षकों पर दबाव बना रहे हैं और वाउचर रेंजर को लौटा रहे हैं। अब त्यौहार में मजदूरों को कैसे उनकी मजदूरी का भुगतान होगा।

अवैध खनन पर भी साधी चुप्पी
स्थानीय सूत्रों की मानें तो पवई के तत्कालीन रेंजर के तबादले के बाद रात में हाड़ा और मुड़ेरा बैरियर से दिन-रात अवैध रूप से पत्थर के ट्रक निकाले जा रहे हैं, लेकिन वन मंडल अधिकारी चौक व रेंज में ही रहते हैं।

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