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शहर का निरपत सागर तालाब ओवरफ्लो, लोकपाल और धरम सागर अब भी प्यासे, देखने उमड़े लोग

Anil Singh Kushwaha

Publish: Aug 31, 2019 18:35 PM | Updated: Aug 31, 2019 18:35 PM

Panna

शहर को 80 फीसदी पेयजल की आपूर्ति करते हैं तीनों तालाब

पन्ना. पन्ना तहसील में रविवार-सोमवार की रात को हुई 53.2 मिमी. से अधिक बारिश का असर यह हुआ कि निरपत सागर तालाब लबालब भर गया। सोमवार की सुबह इस सीजन में पहली बार तालाब ओवरफ्लो हुआ। सुबह जैसे ही लोगों को इसकी जानकारी लगी वे तालाबों की ओर चल पड़े। निरपत सागर तालाब को भरा हुआ और ओवरफ्लो देखकर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। धरम सागर और लोकपाल सागर तालाब को भी देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें मासूसी ही हाथ लगी, क्योंकि वहां पानी अभी कम है।

तालाब भरा देखकर ली राहत की सांस
गौरतलब है कि पन्ना नगर की करीब 70 हजार की आबादी को 80 फीसदी पानी की सप्लाई लोकपाल सागर, धरम सागर और निरपत सागर तालाबों से होती है। इन तालाबों के बारिश के दो माह बाद भी खाली रहने से लोगों के दिलों की धड़कनें तेज हो रही थीं, लेकिन रविवार-सोमवार की रात को पन्ना तहसील क्षेत्र में 53.2 मिमी बारिश हुई। एक दिन में इतनी अधिक बारिश होने का असर यह हुआ कि पन्ना की सीमा में स्थित निरपत सागर पानी में लबालब हो गया। सुबह जब लोग सोकर उठे तो देखा कि तालाब ओवरफ्लो हो गया है।

पानी में नहाने उमड़े लोग
सुबह निरपत सागर तालाब के ओवरफ्लो की जानकारी होने पर यहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। शहर के आसपास के सैकड़ों की संख्या में लोग जहां तालाब को देखने के लिए पहुंचे, वहीं कुुंजवन, गहरा सहित आसपास के लोगों ने नहाना भी शुरू कर दिया। सोमवार की सुबह तक तालाब का जल स्तर 102 फीट था। ओवर फ्लो के पानी को रोकने के लिये तालाब में दिनभर पटिया लगाकर मिट्टी भरने का काम मजदूर करते रहे। बताया गया कि पटिया लगने के बाद इतने पानी में ही तालाब 104 फीट के स्तर तक भर जाएगा। तालाब की कुल भराव क्षमता 106 फीट की है, लेकिन यहां तक भराव खतरनाक हो सकता है, इससे तालाब को 104 फीट के स्तर तक ही भरे जाने का निर्णय लिया गया है।

अब तक 664.6 मिमी. औसत बारिश
पन्ना जिले की औसत वर्षा 1176.4 मिमी. है, जिसमें जिले में चालू मानसून मौसम के दौरान 1 जून से अब तक 664.6 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया, अभी तक वर्षामापी केन्द्र पन्ना में 642.4 मिमी., गुनौर में 443.1 मिमी., पवई में 907.2 मिमी., शाहनगर में 598.1 मिमी. तथा अजयगढ़ में 732.1 मिमी. वर्षा दर्ज की गई है। इस प्रकार इस अवधि में अब तक सर्वाधिक वर्षा, वर्षामापी केन्द्र पवई में तथा सबसे कम वर्षा गुनौर में दर्ज की गई है, जबकि गत वर्ष इसी अवधि की औसत वर्षा 596.8 मिमी. दर्ज की गयी थी। 26 अगस्त को जिले की औसत वर्षा 30.8 मिमी. दर्ज की गयी है। जिसमें वर्षामापी केन्द्र पन्ना में 53.2 मिमी., गुनौर में 12.0 मिमी., पवई में 44.6 मिमी., शाहनगर में 31.4 मिमी. और अजयगढ में 12.6 मिमी. वर्षा दर्ज की गई है।

बांधों में जलभराव की स्थिति
पन्ना तहसील में एक जून से 26 अगस्त तक 642.4 मिमी बारिश हुई है जो जिले की औसत बारिश 664.6 मिमी से भी कम है। पन्ना में जिले के औसत से भी कम बारिश होने का ही असर है कि शहर को पेयजल की आपूर्ति करने वाले दोनों बड़े तालाब धरम सागर और लोकपाल सागर खाली हैं। रविवार-सोमवार की रात को हुई 53.2 मिली. बारिश के बाद भी धरम सागर 50 फीसदी भी नहीं भर पाया है। इसमें आम घाट की एक-दो सीढिय़ों तक ही पानी पहुंच पाया। वहीं दूसरी ओर लोकपाल सागर तो उससे भी अधिक भूखा और प्यासा दिख रहा है। यह अभी 18 से 20 फीट तक खाली है। करीब 400 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले तालाब का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की चपेट में है और इसके कैचमेट एरिया से जल के बहाव के ब्लॉक होने से इसतक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सिंचाई विभाग के अनुसार इसका कुल जल भराव क्षमता 92 फीट है, जबकि अभी तालाब में 74 फीट के स्तर पर पानी है।