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भारत-पाक विभाजन में कितने भारतीयों की हुई मौत,केंद्र सरकार के पास 72 साल बाद भी नहीं कोई ब्यौरा

Prateek Saini

Publish: Jun 28, 2019 21:31 PM | Updated: Jun 28, 2019 21:34 PM

Panipat

India Partition 1947: भारत के विभाजन और पाकिस्तान ( India-Pak Partition ) के निमार्ण के समय कितने लोगों की मौत हुई और भी कई सारी बातों की जानकारियां आरटीआई ( RTI ) के माध्यम से मांगी गई तो केन्द्रीय गृहमंत्रालय ( Central Home Ministry ) ने मौन धारण कर लिया!, देश की आजादी के 72 साल बाद भी विभाजन ( Partiton Of India ) से जुड़े सवालों का कोई जवाब नहीं मिला...

(पानीपत,संजीव शर्मा): भारत-पाक विभाजन ( India-Pak Partition ) के दौरान भारत में कितने लोगों की मौत हुई। इसके बारे में भारत सरकार ( Government of India ) के पास आज तक कोई रिकार्ड उपलब्ध नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले 72 सालों के दौरान देश में कई राजनैतिक दलों की सरकारें आई और चली गई लेकिन किसी ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। यइ आश्चर्यजनक जानकारी गृहमंत्रालय ( Central Home Ministry ) ने खुद आरटीआई के माध्यम से दी है।

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सूचना होने से इंकार

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पानीपत के आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने 29 अक्तूबर 2018 को केन्द्रीय गृहमंत्रालय से आरटीआई के माध्यम से भारत-पाक विभाजन ( India Partition 1947 ) से जुड़े आठ बिंदुओं की सूचना मांगी थी। इस आरटीआई के जवाब में केन्द्रीय गृहमंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय अपराध नियंत्रण ब्यूरो ( National Crime Control Bureau ) के उपनिदेशक ए.मोहन कृष्णा ने किसी भी बिंदु की सूचना होने से इंकार किया है।


करोड़ों लोग हुए थे प्रभावित

India Partition 1947
मोहम्मद अली जिन्ना और भारत के अंतिम ब्रिटिश वायसराय लार्ड माउंटबेटन IMAGE CREDIT:

कपूर ने बताया कि सन 1947 के भारत-पाक विभाजन ( Partiton Of India ) के वक्त रातों-रात डेढ़ करोड़ से ज्यादा नागरकि आबादी को धर्म के आधार पर उजाडक़र शिफ्ट किया गया था। गैर सरकारी आंकड़ें के अनुसार इस दौरान सांप्रदायिक हिंसा में 2 लाख से ज्यादा निर्दोष नागरिक मारे गए, लाखों लोग घायल हुए, हजारों महिलाएं दुष्कर्म का शिकार हुई। लेकिन इससे ज्यादा शर्मनाक क्या होगा कि भारत सरकार के पास इस बारे कोई रिकार्ड या सूचना तक नहीं है। पिछले 72 वर्षों में केन्द्र में सतारूढ़ रही किसी भी सरकार ने विभाजन की बलिवेदी पर चढ़ाए गए लाखों निर्दोष नागरिकों का कोई लेखा-जोखा नहीं रखा।


आरटीआई से मांगी गई जानकारी

:-वर्ष 1947 में भारत पाक विभाजन के दौरान हिन्दु-मुस्लिम दंगों में वर्तमान पाकिस्तान के क्षेत्र से वर्तामान भारत में माईग्रेशन के समय कितने हिंदू मारे गए। संख्या की सूचना, शहर अनुसार तथा जिले के उल्लेख सहित।

:-उपरोक्त सूचना तत्कालीन भारत से वर्तमान पाकिस्तान में माईग्रेट होने वाले मुस्लिमों के संदर्भ में भी दी जाए।

:-उक्त सूचना सिकखों व अन्य के संदर्भ में भी दी जाए।

:-इन दंगों में मारे गए भारतीय नागरिकों को भारत सरकार ने स्वतन्त्रता सेनानी, शहीद अथवा कुछ और कया माना। तस्लीम किया? जो भी माना उसकी सूचना दी जाए। दोनों ओर से माईग्रेट हुए कुल नागरिकों की संख्या की सूचना।

:-भारत सरकार ने उक्त साम्प्रदायिक हिंसा में मारे गए उक्त भारतीय नागरिकों के आश्रितों को क्या कया आर्थिक व अन्य सहायता दी?

:-उक्त विभाजन के दौरान हुई हिंसा में मारे गए भारतीय नागरिकों की इन दुखद मौतों के पश्चात तत्कालीन भारत सरकार द्वारा गठित कमेटी/आयोग/कमीशन की रिपोर्ट व इस पर की गई कारवाई की रिपोर्ट की छाया प्रति।

:-तत्कालीन केन्द्रीय गृह मंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति सहित पूरे केन्द्रीय मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों के नाम, पदनाम की सूचना।

:-भारत के वर्ष 1947 में विभाजन के निर्णय में शामिल ब्रिटिश व भारतीय नेताओं के नाम, पदनाम की सूचना व संबंधित दस्तावेज की सत्यापित छाया प्रति।

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