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हरियाणा:फिर से सक्रिय राजनीति में लौटे यह पूर्व विधायक, आरक्षण के लिए तेज करेंगे लड़ाई

Prateek Saini

Publish: Apr 26, 2019 17:48 PM | Updated: Apr 26, 2019 17:48 PM

Panipat

महासभा के सभी जिलों में बनाए अध्यक्ष...

 

(चंडीगढ़,पानीपत): लंबे समय तक राजनीति में शांत रहने के बाद पूर्व विधायक एवं पूर्व चेयरमैन बंता राम वाल्मीकि दलितों के एक संगठन के माध्यम से सक्रिय हो गए हैं। निकट भविष्य में वह किसी राजनीतिक दल को भी समर्थन कर सकते हैं।


अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक बंताराम वाल्मीकि ने आज अपने संगठन के प्रदेश के 19 जिलों में जिला अध्यक्ष नियुक्त करने का ऐलान किया। वाल्मीकि वर्ष 1996 से लेकर 2005 तक रादौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं और पूर्व चौटाला सरकार के कार्यकाल के दौरान शुगरफैड के चेयरमैन थे। आज यहां पत्रकारों से बातचीत में बंताराम वाल्मीकि ने कहा कि संगठन की दृष्टि से हरियाणा को चार जोन में बांटकर उनके प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि रोहतक झज्जर जोन से मास्टर राजपाल, करनाल जोन से सुभाष भुंबक, अंबाला जोन से अवतार सिंह व सिरसा जोन के एडवोकेट रमेश कुमार को प्रभारी नियुक्त किया गया है।

 


वाल्मीकि ने बताया कि कर्मवीर वैद्य को पंचकूला, आदर्श कुमार को अंबाला, रमेश परोचा को यमुनानगर, विनोद कुमार पानीपत, सुखबीर टांक सोनीपत, देवराज रोहतक, निरंजन भिवानी, रमेश एडवोकेट जींद, शेर सिंह कैथल, रमेश प्रधान फतेहाबाद, अजय सिंह चिनालिया हिसार, बबलू राम रेवाड़ी, बबलू कुमार गुडग़ांव, गुरचरण फरीदाबाद, सुभाष प्रधान नूह, धर्मपाल समाणी कुरुक्षेत्र, सतीश वाल्मीकि करनाल, सुरेश कुक्कू सिरसा, नरेश कुमार को झज्जर का जिला अध्यक्ष बनाया गया है।


एक ही विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे बंताराम वाल्मीकि ने निकट भविष्य में फिर से सक्रिय राजनीति में उतरने के संकेत देते हुए कहा कि उनके द्वारा जल्द ही अपने संगठन के कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई जा रही है। जिसमें उनके द्वारा अहम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने भाजपा पर दलितों के साथ वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने पिछले चुनाव के दौरान वंचित वर्ग को आरक्षण प्रदान करने की बात कही थी। जिसके चलते उनके समाज द्वारा भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल को एक ज्ञापन दिया गया था। जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि वंचित वर्ग को आरक्षण प्रदान करवाने के लिए वाल्मीकि समाज द्वारा निकट भविष्य में लड़ाई को और तेज किया जाएगा।