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VIDEO : यहां के किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगी दो पाण, नहर की मरम्मत व साफ-सफाई पर गर्माया मुद्दा

Suresh Hemnani

Publish: Oct 16, 2019 20:33 PM | Updated: Oct 16, 2019 20:33 PM

Pali

-पहली पाण 29 अक्टूबर से
-सिंचाई कर जमा नहीं तो नहीं मिलेगा पानी

पाली/सादड़ी। Farmers will get water from dam for irrigation : जिले के रणकपुर (सादड़ी) बांध [ Sadri Ranakpur Dam ] से रबी की फसल [ crop of Rabi ] सिंचाई के लिए किसानों को दो पाण पानी मिलेगा। पहली पाण 29 अक्टूबर को खुलेगी। सादड़ी बांध [ Sadri Dam ] नहरों की खस्ताहाल पुलिया व नहरो की साफ सफाई, मरम्मत, गेट वॉल नहीं लगने को लेकर बुधवार को डाक बंगला परिसर में आयोजित बैठक में मुद्दा गर्मा गया। नतीजतन सादड़ी-रणकपुर बांध पर पहले 15-17 दिन टेल कमाण्ड सिंचित करने का निर्णय किया गया। इसके बाद हेड कमाण्ड़ में सिंचाई पानी दिया जाएगा। इसी तरह राजपुरा बांध [ Rajpura Dam ] से दो पाण पानी देने का निर्णय किया गया। पहली पाण 29 अक्टूबर को खुलेगी। यहां मनरेगा से नहरों की साफ-सफाई व मरम्मत कार्य करवा दी गई है। यहां पहले टेल कमाण्ड सिंचाई की शुरूआत व खालिए जमाव बाद हेड कमाण्ड़ खालिए खोलना तय किया गया।

जल संसाधन विभाग के सहायक अभियन्ता ललित मोहन दाधीच ने किसानों को सिंचाई नियम पालना, जल दुरुपयोग रोकने तथा पानी चोरी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की हिदायत दी। बैठक में बकाया सिंचाई कर जमा नहीं कराने वाले डिफॉल्टर किसानों को पानी नहीं देने की सख्त हिदायत दी गई। गौरतलब है कि 205 एमसीएफटी जल उपलब्धता व 62.70 फीट भराव क्षमता का रणकपुर सादड़ी बान्ध डेढ़ माह से ओवरफ्लो चल रहा है। इसकी सहायक मघाई नदी सादड़ी से मादा, मौरखा, सिन्दरली तक बहती हुई सैकड़ों कुओं को रिचार्ज कर रही है। बांध कमाण्ड प्रतापगढ़, मीणों का झूपा, भादरास, सादड़ी सिंचित कृषिभूमि में दो पाण पानी सुलभ होता है। इसमें पेयजलापूर्ति सुविधार्थ 30 व महारानी उद्यान के लिए 08 एमसीएफटी पानी आरक्षित रहता है। 81 एमसीएफटी जल उपलब्धता व 22 फीट भराव क्षमता के राजपुरा बान्ध से 78 एमसीएफटी पानी सिंचाई की दो पाण के दौरान करीब 800 हैक्टेयर कृषि भूमि में दिया जाएगा।

सिंचाई जल वितरण को लेकर जल संसाधन विभागा के एईएन ललितमोहन दाधीच, वरिष्ठ लिपिक दिनेश गहलोत, सहायक कृषि अधिकारी खीमाराम, कृषि अधिकारी हरदयालसिंह चम्पावत, राजस्व निरीक्षक इरफान बेग, पटवारी परसाराम राजपुरोहित, पीएचईडी एईएन पवन शर्मा, जल उपयोक्ता संगम अध्यक्ष, प्रादेशित वार्ड सदस्य, कमाण्ड के धनपत, केसाराम बावरी, नगाराम बावरी, प्रतापराम बावरी, नहर प्रभारी रूपाराम देवासी, भूराराम जाट, मनाराम जाट, छोगाराम मीणा, घीसूलाल मेघवाल, मांगीलाल गाडोलिया लुहार सहित किसानों की मौजुदगी में बैठक हुई। एईएन दाधीच ने बताया कि बान्ध में 205 एमसीएफटी जल उपलब्धता में 25 फीट शील्ट, 08 एमसीएफटी महारानी उद्यान व 30 एमसीएफटी पानी पेयजलापूर्ति आरक्षण छोडकऱ शेष 144 एमसीएफटी पानी सिंचाई के लिए दिया जाता है। इससें कमाण्ड की करीब 1500 से 1700 एकड़ कृषि भूमि में 02 पाण मिल पाएगी। किसानों ने नहरों की साफसफाई, क्षतिग्रस्त नहर, पुलिया की मरम्मत के बाद नहर खुलवाने का आग्रह किया। इस पर एईएन ने मौका मुआयना व वैकल्पिक व्यवस्था कर पुलिया व नहरों की मरम्मत, साफ- सफाई के बाद पहली पाण 29 अक्टूबर को खुलवाना तय किया। साफ-सफाई व मरम्मत नहीं हुई तो तिथि आगे बढाई जाएगी।

राजपुरा में जलउपयोक्ता संगम दूरुस्त कराएंगे नहर-पुलिया
राजपुरा रूपणमाता मन्दिर पर जलसंसाधन एईएन ललित मोहन दाधीच, सहायक कृषिअधिकारी खीमाराम, कृषि अधिकारी हरदयालसिंह चम्पावत, दिनेश गहलोत, राजस्व निरीक्षक शंकरलाल परिहार, जल उपयोक्ता संगम कार्यवाहक अध्यक्ष घीसुलाल मेघवाल, मांगीलाल गाडोलिया, जसाराम, नाथाराम, नारंगी, भलाराम, ओगडऱाम, प्रतापराम, भोमाराम, हीराराम, नेमाराम मेघवाल, कमला सहित किसानों की मौजुदगी में बैठक हुई। एईएन दाधीच ने बताया कि राजपुरा बान्ध में 78 एमसीएफटी पानी सिंचाई के लिए देय होगा। जिससे कमाण्ड की 864 एकड़ कृषि भूमि में दो पाण सिंचाई को मिल पाएगी। इस पर किसानों ने 29 अक्टूबर को पहली पाण खोलना तय किया। टूटी पुलिया व नहर को कमाण्ड किसान व जलउपयोक्ता संगम दुरुस्त करवाएंगे।