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VIDEO : इन्द्र की मेहर से मुस्कुराने लगी हैं यहां की वादियां, बहते जल की आवाज व सुंदरता बनी आकर्षण का केन्द्र

Suresh Hemnani

Publish: Aug 19, 2019 14:51 PM | Updated: Aug 19, 2019 14:56 PM

Pali

-बरसात के बाद अरावली की वादियों में बहते जल की आवाज और सुंदरता इन दिनों हर किसी के आकर्षण का केन्द्र बन गई  है

Aravali hills have become tourist Point :

-मुकेश जैसानी/राहुल रिण्डर
पाली/सादड़ी। Aravali hills have become tourist Point : जिले के सादड़ी-राणकपुर [ Sadri-rankpur ] की सुरम्यवादियों में राणकपुर-सादड़ी व नलवाणिया बांध ओवरफ्लो होने के बाद से चादर चल रही है। इन दोनों बांधों से तीन नदियां निकलती है। जो आगे जाकर मघाई नदी का रूप लेती है। इनमें से दो नदियां तो पाली, उदयपुर मार्ग  के दोनों तरफ  बहती है। बांधों से निकलती नदियों और चलती चादर के साथ हरियाली से आच्छादित वादियां इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। उदयपुर जाने वाले भी नदियों में बहते पानी को देखकर बांधों पर चल रही चादर को निहारने के लिए जा रहे है।

माण्डीगढ़ बांध पर चली चादर, जूणा मलारी आतुर
सादड़ी। अरावली की वादियों में लगातार हो रही झमाझम बारिश से जूणा-मालारी बांध छलकने को आतुर है। वहीं देसूरी उपखण्ड का माण्डीगढ़ बांध [ Mandigarh Dam ] ओवरफ्लो हो गया है। इसके नीचे एनिकट भरने से पानी सुकड़ी नदी [ Sukri River ] में बहकर सादड़ी मादा रोड पर मघाई नदी में मिल रहा है।

माण्डी गढ़ बांध पर वर्ष 2007-08 में प्रदेश सरकार ने करीब 25 लाख रुपए खर्च किए थे। इस बांध से माण्डीगढ़ अलसीपुरा, जाटों का गुड़ा क्षेत्र के किसानों को पानी मिलता है। यह बांध रविवार को छलक गया। इस पर 0.10 फीट की चादर चल रही है। इसके नीचे का एनिकट भी भरने के बाद अब पानी गाछवाड़ा सडक़ सुकड़ी नदी में बह रहा है। जूणा मालारी बांध जल उपयोक्ता संगम अध्यक्ष रणजीतसिंह मालारी ने बताया कि बांध 17 फीट भराव क्षमता के मुकाबले 16.20 फीट भर गया है। परशुराम महादेव की तलहटी में राजपुरा बान्ध भी 18.80 फीट हो गया है। जिसका गेज 22.25 फीट है। जलसंसाधन विभाग के एइएन ताराराम गहलोत के अनुसार उपखण्ड क्षेत्र के राणकपुर/सादड़ी, नलवाणिया, मीठड़ी, लाटाड़ा, केसूली बान्ध ओवर लो हो गया है।