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दम तोड़ती उम्मीद : नहीं मिला घर का मुखिया, परिवार हुआ मायूस, शुरू कर दी शोक सभा

Suresh Hemnani

Publish: Aug 20, 2019 13:18 PM | Updated: Aug 20, 2019 13:18 PM

Pali

- पाली जिले के कुशालपुरा नदी में किसान के बह जाने का मामला

Farmer drowned in river :

पाली/रायपुर मारवाड़। Farmer drowned in river : ‘पिछले पांच दिन से हम रोज नदी किनारे इस उम्मीद से जाते थे कि कहीं आज हमारे पिताजी हमें मिल जाएं, लेकिन हर शाम मायूस होकर घर लौटना पड़ता है। पाली जिले का ये पहला मामला है जब परिवार का मुखिया के नहीं मिलने पर घर के लोगों ने शोक सभा शुरू कर दी। अब परिवार के लोग भी कहने लगे हैं कि हमने हमारे पिताजी व घर के मुखिया को खो दिया है।’ ये कहते किसान ढगलाराम सीरवी की तीन बेटियां व एकलौता बेटा महेंद्र बिलख पड़ा। इधर, पत्नी रमली देवी ने भी अपने आप को विधवा मान सुहाग का प्रतीक सिंदूर मिटा चूडिय़ां तोड़ दी। रोते बिलखते इस परिवार को पड़ोसी व रिश्तेदार सांत्वना दे रहे हैं।

दरअसल, कुशालपुरा के बेरा जानायत निवासी किसान ढगलाराम सीरवी (55) पुत्र घीसाराम सीरवी शुक्रवार को अन्य ग्रामीणों की तरह गांव की नदी वेग देखने नदी किनारे चला गया। ढगलाराम ने नदी पार करनी चाही। वेग तेज होने से ढगलाराम पानी के साथ बह गया।

चेन्नई से आ पहुंचे बेटा-बेटियां
ढगलाराम के तीन बेटियां व एक बेटा है। बेटियां सुसराल से दौड़ी चली आई। वहीं बेटा चेन्नई से लौट आया। रोती बिलखती मां को बेटियों ने संभाला। बेटे महेंद्र ने पिता की तलाश में टीम के साथ हर सम्भव प्रयास किए, लेकिन मायूसी हाथ लगी। सोमवार शाम को परिवार की उम्मीद दम तोड़ गई।

यों की तलाश
पहले दिन ग्रामीणों ने अपने स्तर पर तलाश की। अगले दिन शनिवार गोताखोरों की मदद ली। रविवार व सोमवार को एसडीआरएफ टीम ने तलाश की, लेकिन कामयाबी नहीं मिल पाई। अब टीम भी निराश होकर पाली लौट गई है।

नही लगा कहीं सुराग
बर पुलिस चौकी प्रभारी रोहिताश मीणा ने बताया कि चार दिन तक हर सम्भव प्रयास किए। कुशालपुरा से चावण्डिया तक नदी को छान मारा लेकिन ढगलाराम का कहीं कोई सुराग तक नहीं लगा।