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साहब हम तो बर्बाद हो गए, हमारी पीड़ा कोई नहीं सुन रहा

Suresh Hemnani

Publish: Sep 21, 2019 12:07 PM | Updated: Sep 21, 2019 12:07 PM

Pali

-किसान की आंखों में छलके आंसू
-राजस्थान विधानसभा पर्यावरण समिति पहुंची नेहड़ा बांध

पाली/रोहट। साहब, सालों से प्रदूषण का दंश झेल रहे हैं। हजारों बीघा जमीनें बंजर हो गई, फिर भी हमारी पीड़ा कोई नहीं सुन रहा। अब तो गले तक भर गए हैं। खून के आंसू रुलाया गया है। यह पीड़ा व्यक्ति करते हुए मालवा गांव के राणाराम की आंखें भर आई। आंखों से आंसू टपकने शुरू हुए जो कुछ क्षणों तक रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। विधानसभा की पर्यावरण संबंधी समिति जब सर्किट हाउस पहुंची तो किसान अपनी व्यथा सुनाने पहुंच गए। किसानों ने समिति के सदस्यों से कहा कि अब उन्हें उम्मीद जगी है। इस दौरान महावीरसिंह सुकरलाई, गिरधारीसिंह धोलेरिया शासन, अमराराम पटेल, वागाराम विश्नोई और नाथूदान चारण समेत कई किसानों ने सदस्यों को प्रदूषण की समस्या से अवगत कराया।

समिति ने जाने नेहड़ा के हालात
जिला परिषद सभागार में सुनवाई के बाद समिति अध्यक्ष अर्जुनराम जीनगर और जिला कलक्टर दिनेशचंद जैन की अगुवाई में अधिकारी नेहड़ा बांध पहुंचे। उन्होंने जैतपुरा व बांडी नदी के हालात भी देखे। नेहड़ा बांध पर किसानों ने फिर सदस्यों से उम्मीद जताई कि इस बार उन्हें समाधान की उम्मीद जगी है। किसानों ने कहा कि किसी जमाने में यहां अच्छी फसलें होती थी। अब सिर्फ बीमारियां फैल रही है। प्रदूषित पानी की बदबू के कारण ठीक से नींद नहीं आती है। उन्होंने सीइटीपी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराने की भी मांग की। समिति सदस्यों ने भी बांध की हालत पर चिंता जताई और किसानों को आश्वस्त किया कि वे विधानसभा को वास्तविकता से अवगत कराएंगे। इस दौरान गंगादान चारण, रिड़मलराम विश्नोई, वागाराम विश्नोई, सरपंच लक्ष्मण भूरिया, कानाराम पटेल, अर्जुनङ्क्षसह राजपुरोहित, अमराराम दयालपुरा व गौतम त्रिवेदी समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

हमारी परेशानियां भी समझें-सीइटीपी
समिति की बैठक के दौरान सीइटीपी के निदेशक अरुण जैन ने कपड़ा इंडस्ट्री का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कई गलतियां हुई है, लेकिन इंडस्ट्री को जितना दोषी ठहराया जा रहा है वास्तविकता में उतनी नहीं है। उन्होंने अनुरोध किया कि हमारी भी कई परेशानियां है। उनको भी सुने औंर समझें। जेडएलडी की अनिवार्यता कई प्रदेशों में नहीं है। वे भी चाहते हैं कि प्रदूषण की समस्या का स्थायी समाधान हो। इसके लिए सरकार को भी हमारी समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने भविष्य में किसी तरह की शिकायत नहीं आने का भरोसा भी दिया।