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‘आचार्य भिक्षु का नाम सुनते ही जाग जाती है असीम आस्था’

Satyadev Upadhaya

Publish: Sep 12, 2019 01:38 AM | Updated: Sep 12, 2019 01:38 AM

Pali

राणावास एसं (पाली). सिरियारी में तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य भिक्षु का 217वां चरमोत्सव बुधवार को मनाया गया।

राणावास एसं (पाली). सिरियारी में तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य भिक्षु का 217वां चरमोत्सव बुधवार को मनाया गया। समारोह को लेकर देशभर से हजारों श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में जैनबन्धु शिरकत कर आचार्य भिक्षु के प्रति अपनी भावांजली अर्पित की। इस दौरान भिक्षु आराध्यम में प्रवचन करते हुए आचार्य महाश्रमण के शिष्य मुनि रवीन्द्र कुमार ने कहा कि आचार्य भिक्षु एक ऐसा नाम है जो कानों में जाते ही असीम आस्था पैदा करता है। वे एक क्रांतिकारी पुरुष थे। उन्होंने जीवन में कंटीला रास्ता अपनाया और ऐसी क्रांति की कि वह फूलों का पथ बन गया। हम उनका आस्था के साथ वंदन करते करें और उनका जीवन हम सभी का पथ अलोकित करता रहे। आचार्य भिक्षु के जीवनकाल की घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने सत्य के मार्ग पर चलने के लिए अपनी स्थानकवासी परम्परा को छोड़ नए पंथ का प्रतिपादन किया, जो आज तेरापंथ के रूप में स्थापित है। ऐसे आचार्य भिक्षु का हम श्रद्धा से वंदन करते हैं। मुनि धर्मेश कुमार, मुनि पृथ्वीराज, मुनि विनोद कुमार तथा मुनि यशवंतकुमार ने भी सम्बोधित किया। संस्थान अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़ ने कहा तेरापंथ के आद्य प्रवर्तक भिक्षु के जीवन में मेरू-सी ऊंचाई और सागर-सी गहराई थी। वे एक आध्यात्मिक पुरुष थे। उन्होंने राग-द्वेष को शांत करने की साधना की। इस दौरान आचार्य भिक्षु समाधि स्थल संस्थान परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं ने ओम भिक्षु जय भिक्षु का अखंड जाप किया। परिसर में श्रावक-श्राविकाओं की रेलमपेल लगी रही।

किया रक्तदान
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में तेरापंथ युवक परिषद जोधपुर द्वारा मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब 191 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया। शिविर में उम्मेदमल सिंघवी, अध्यक्ष विनोद सुराणा, मंत्री मितेश जैन, कार्यक्रम संयोजक नवरतन चौरडिय़ा व चिराग मोहनोत आदि का सहयोग रहा। इसी तरह आचार्य महाप्रज्ञ जन्म शताब्दी वर्ष पर तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम के तत्वावधान में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन 10 व 11 सितम्बर को किया गया।

उदघाटन कर लगाया जयघोष
प्रभात फेरी के पश्चात संस्थान परिसर में नवनिर्मित महाश्रमण हॉल का लोकार्पण विनोदकुमार घोडावत जयसिंहपुर, तुलसी भवन के नवीनीकरण के सहयोगी मीठालाल जीतमल गन्ना भीलवाड़ा-मुम्बई तथा तुलसी भवन में कमरे के सहयोगी अशोककुमार महावीर ढेलडीया जसोल ने मंगलाचरण व जयघोष के साथ संतों व संस्थान पदाधिकारियों की उपस्थिती में उदघाटन हुआ। इस दौरान मोहनलाल, सागरमल कोठारी की स्मृति में नि:शुल्क सेवा इ-रिक्शा का भी उदघाटन किया गया।

यह रहे उपस्थित
संस्थान अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़, मंत्री निर्मल श्रीश्रीमाल, कोषाध्यक्ष गौतम कोठारी, उपाध्यक्ष अमरचंद लूंकड़, भानूकुमार नाहटा, अशोक परमार, तनसुख नाहर, अचलचंद चौपड़ा, ताराचंद गन्ना, सहमंत्री उत्तमचंद सुखलेचा व कुलदीप बैद, संगठन मंत्री कमलचंद बैद, अचलचंद चौपड़ा, धर्मचंद लूंकड़, नरेन्द्र तातेड़, मदनलाल तातेड़, महावीर कोठारी, विमल सोनी, प्रसन्न पामेचा, सोजत डिप्टी चंदनसिंह, सिरियारी थानाधिकारी गिरवरसिंह, उपसरपंच रिखबचंद पितलिया, केवलचंद मांडोत, चिकित्सा प्रभारी डॅा. बीआर शर्मा, व्यवस्थापक बीपी गुप्ता, महावीरसिंह, प्रकाश परिहार, दिलीप मेवाड़ा, बसंत डोसी आदि मौजूद थेे।
प्रभात फेरी निकाली: सवेरे अखण्ड जाप के बाद समाधि स्थल संस्थान से प्रभात फेरी निकाली गई। जिसमें स्कूलों के छात्र-छात्राएं तथा बड़ी संख्या में जैन समाज लोगों ने हिस्सा लिया। फेरी पक्की हाट जाने के बीच ग्रामीणों ने संस्था अध्यक्ष व संस्था के पदाधिकारियों का बहुमान किया। प्रभात फेरी गांव में पक्की हाट होकर समाधि स्थल पर आकर सम्पन्न हुई।