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भ्रूण जांचने वालों की अब खैर नहीं, प्रशासन ने उठाए ये कदम

Suresh Hemnani

Publish: Sep 11, 2019 15:37 PM | Updated: Sep 11, 2019 15:37 PM

Pali

सुधार की कवायद : गर्भस्थ शिशु की जांच रोकने के लिए उठाए प्रभावी कदम

पाली। राज्य में बाल लिंगानुपात को सुधारने एवं गर्भस्थ शिशु की जांच को रोकने लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम-1994 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके तहत अब वाट्सएप पर भी शिकायत की जा सकेगी।
जिला कलक्टर दिनेशचंद जैन ने बताया कि जिले में भ्रूण जांच की रोकथाम के लिए शिकायत के लिए व्हाट्स एप नंबर जारी किए गए है। किसी भी जिले में कहीं भी भ्रूण परीक्षण संबंधित शिकायत व्हाट्स एप नंबर 97999-97795 पर की जा सकती है।

सीएमएचओ डॉ.आरपी मिर्धा ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन व संचार क्रांति को देखते हुए विभाग की ओर से आमजन के लिए व्हाट्स एप नम्बर जारी किए गए है। उन्होंने बताया कि सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।

प्रसुताओं की भी निगरानी
जिले में कार्यरत सभी एएनएम, आशा सहयोगिनी व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी इसकी सूचना उपलब्ध करवाई गई है। ये गर्भवती महिलाओं से संपर्क में रहती है। इसके माध्यम से उन गर्भवती महिलाओं की निगरानी भी रखी जा रही है, जिनके एक या अधिक बेटियां है।

सुधरा बाल लिंगानुपात
सीएमएचओ डॉ.आरपी मिर्धा ने बताया कि पाली जिले में पीसीपीएनडीटी एक्ट की पालना कड़ाई से की जा रही है। इसी का नतीजा है राज्य में पाली जिले का बाल लिंगानुपात अन्य जिलों से बेहतर है। वर्ष 2011 में पाली का बाल लिंगानुपात सिर्फ 899 ही था, जो अब लगभग 950 हो चुका है।