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Breaking: हजारों किसानों को रोकने के लिए वाटर कैनन, फायर ब्रिगेड, समेत भारी फोर्स तैयार, दिल्ली में घुसने पर रोक

Ashutosh Pathak

Publish: Sep 21, 2019 11:36 AM | Updated: Sep 21, 2019 11:37 AM

Noida

Highlights

  • एक बार फिर सरकार से आर-पार के मूड में अन्नदाता
  • किसानो को रोकने के पुलिस ने किए व्यापक प्रबंध
  • सड़कों पर लगा जाम, लोग हुए परेशान

नोएडा। भारतीय किसान संगठन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान 15 सूत्रीय मांग को लेकर दिल्ली के किसान घाट की ओर कूच कर गए। प्रशासन ने किसानों को ट्रैक्टर ट्राली को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं दी थी। इसलिए किसान हाथों में झंडे लेकर पैदल मार्च करते हुए दिल्ली की तरफ ओर चल पड़े। यह किसान सहारनपुर से दिल्ली की ओर से अपनी मांगों को पूरा कराने लिए पैदल रैली करते हुए नोएडा पहुंचे है। शुक्रवार को इनकी मांगों पर बातचीत करने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर में कृषि मंत्रालय निदेशक एसएस तोमर पहुंचे। इसमें किसानों की सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई, लेकिन उन्होंने फैसला लेने पर अपनी असमर्थता जताई।

नोएडा के सैक्टर 69 से दिल्ली के पैदल मार्च करते किसानो में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश से भी किसान शामिल हैं। इसके अलावा तीन राज्यों के प्रतिनिधि भी उनके साथ हैं। किसान दिल्ली के किसान घाट के लिए मार्च कर रहे हैं। इनका कहना है यदि पुलिस ने उनके मार्च को रोका तो वे वहीं घराना और भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।

किसानों का कहना है की चुनाव में नेता आए और किसानों का कर्ज माफ करने का वादा करके चले गए। वे जीत गए और वादे भूल गए। किसानों को सस्ती बिजली देने की बात की गई थी, लेकिन सरकार बनने के बाद बिजली के दाम में बेतहाशा इजाफा कर दिया गया है। उनकी मांग है कि किसानों का कर्ज माफ हो, बिजली मुफ्त मिले, किसानों के बच्चों को शिक्षा मुफ्त मिले। इसके अलावा सभी सदनों के सदस्यों (सांसदों और विधायक) की पेंशन बंद हो और किसानों की जमीनों पर लगी रजिस्ट्री की रोक हटाई जाए। किसानों के मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस व्यापक व्यवस्था की है। वाटर कैनन, फायर ब्रिगेड, रैपिड एक्शन फोर्स समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। जिसकी वजह से लोगों को जबरजस्त जाम का सामना करना पद रहा है।