स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

दिल्ली: बागी AAP विधायक अनिल बाजपेयी और देवेंद्र सहरावत अयोग्य करार

Prashant Kumar Jha

Publish: Aug 08, 2019 17:29 PM | Updated: Aug 08, 2019 17:40 PM

New Delhi

  • दोनों बागी विधायकों पर पार्टी लाइन के बाहर बयान देने का आरोप
  • पिछले दिनों कपिल मिश्रा की विधानसभा सदस्यता रद्द
  • अब अलका लांबा ने भी पार्टी छोड़ने की दी चेतावनी

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के 2 बागी विधायकों पर बड़ी गाज गिरी है। दिल्ली में आप के बागी विधायक अनिल बाजपेयी और देवेंद्र सहरावत को दिल्ली विधानसभा स्पीकर राम निवास गोयल ( delhi Assembly Speaker Ram Niwas Goel ) ने अयोग्य करार दिया है। ये दोनों विधायक आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।

पार्टी के खिलाफ बयान दे रहे थे दोनों नेता

दोनों नेता आम आदमी पार्टी के खिलाफ लगातार बयान दे रहे थे। विधानसभा स्पीकर ने कई बार नोटिस जारी किया । लेकिन ये विधायक नहीं आए जिसके बाद स्पीकर ने गुरुवार को इन विधायकों को अयोग्य करार दे दिया।

ये भी पढ़ें: आप विधायक अलका लांबा ने फिर कही पार्टी छोड़ने की बात, जल्द करेंगी ऐलान

 

कपिल मिश्रा की सदस्यता रद्द

इससे पहले आप के बागी विधायक कपिल मिश्रा की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। कपिल मिश्रा पिछले दो सालों से लगातार पार्टी लाइन से बाहर जाकर बीजेपी के पक्ष में बयान दे रहे थे। यहां तक कि कई बार कपिल मिश्रा बीजेपी के मंच से सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बयान दे रहे थे।

कपिल मिश्रा ने दी हाईकोर्ट में चुनौती

जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर दलबदल कानून के तहत 31 जुलाई को अयोग्य ठहरा दिया था। विधान सभा की सदस्यता रद्द होने के बाद कपिल मिश्रा ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। कपिल मिश्रा ने अपनी याचिका में कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया है।

ये भी पढ़ें: राम लला विराजमान के वकील परासरण बोलेे- हिंदू और मुस्लिम दोनों विवादित क्षेत्र को जन्‍मस्‍थान मानते हैं

असंवैधानिक तरीके से अयोग्य ठहराया

मिश्रा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी दलील रखने का मौका नहीं दिया। साथ ही मिश्रा ने आरोप लगाया कि सदस्यता रद्द करने के फैसले में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया। कपिल मिश्रा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने असंवैधानिक तरीके से मुझे अयोग्य ठहराया है। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है।